'औरंगजेब ने 1670 में कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़ा था': कानपुर में देवकीनंदन ठाकुर बोले-जो राम का नहीं...वो किसी काम का नहीं

'औरंगजेब ने 1670 में कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़ा था': कानपुर में देवकीनंदन ठाकुर बोले-जो राम का नहीं...वो किसी काम का नहीं

Krishna Statue In Agra

Krishna Statue In Agra

Krishna Statue In Agra: वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद का मसला सुलझा भी नहीं है. अब आगरा की जामा मस्जिद को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने आगरा की जामा मस्जिद को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि सन 1670 में औरंगजेब ने मथुरा के कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़ा था. वहां की मूर्तियों को आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों में लगवा दिया था. उन्होंने कहा आगरा की जामा मस्जिद कि सीढ़ियों से लेकर द्वार तक ज्ञानवापी की तरह कोर्ट से जांच कराई जाए.

देवकीनंदन कानपुर में एक कथा के आयोजन में आए हुए हैं. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आगरा की जामा मस्जिद की जांच भी कराई जाए. उनका दावा है कि उसकी सीढ़ियों के नीचे भगवान की मूर्ति है. उन्होंने यह भी कहा सीढ़ियों में अगर हमारे भगवान की मूर्ति नहीं निकलती है. तो मस्जिद परिसर में होने वाली क्षति के नुकसान की भरपाई वह खुद करेंगे. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी सनातनी भगवान का अपमान नहीं सह सकता इसलिए हम भी अपमान नहीं सहेंगे.

1670 में औरंगजेब ने मथुरा के मंदिर को तोड़ा (Aurangzeb broke the temple of Mathura in 1670)

देवकीनंदन ठाकुर शिव महापुराण कथा सुनाने के लिए कानपुर के मोतीझील ग्राउंड पहुंचे हुए हैं. 20 अगस्त से शुरू हुई शिव महापुराण 7 दिनों तक चलेगी. रविवार को पहले दिन कथा सुनाने के बाद देवकीनंदन ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए यह बयान दिया. उन्होंने कहा की औरंगजेब ने सन 1670 में मथुरा में बने कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़ा था. वहां लगी केशव देव जी की मूर्ति को उसने आगरा की जामा मस्जिद कि सीढ़ियों में लगवा दिया था. उन्होंने कहा यह बात हम नहीं कह रहे हैं. मुस्लिम इतिहासकार ने खुद लिखा है. इसके अलावा कई इतिहास की किताबें में भी इसका जिक्र है. जिसका प्रमाण मजार-ए-आलम ने अपनी किताब में भी किया है.

नहीं सहन कर सकते भगवान का अपमान- देवकीनंदन (Can't tolerate insult to God - Devkinandan)

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि हम भाईचारे की बात करना चाहते हैं, लेकिन अपने भगवान का अपमान नहीं सहन कर सकते. कोई भी सनातनी अपमान नहीं सहेगा. उन्होंने कहा कि सीढ़ियों की जांच कराई जाए. अगर केशव देव जी की मूर्ति निकलती है, तो हमें सौंप दें अगर नहीं निकलेगी तो होने वाला सारा नुकसान हम देंगे. उन्होंने कहा की जो राम का नहीं वो हमारे किसी काम का नहीं. ज्ञानवापी मामले में उन्होंने कहा की ये शब्द ही प्रमाण है शिव का, कोई भी ढूंढ कर लाए की इस्लाम में कहा ज्ञानवापी शब्द का जिक्र किया गया हैं.

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