अमरावती को एक वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करना है :चंद्रबाबू
Amaravati is to be Developed as a Financial Hub
( अर्थप्रकाश / बोम्मा रेडड्डी )
अमरावती : : (आंध्र प्रदेश ) चंद्रबाबू नायडू ने दावोस से लौटने के तुरंत बाद काम शुरू कर दिया। चंद्रबाबू राज्य पहुंचे राज्य स्तरीय बैंकर समिति की बैठक में भाग लेने के तुरंत बाद राज्य की आर्थिक प्रगति, ऋण वितरण और बैंक सहयोग जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा मे कहां की आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू दावोस की अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद राज्य लौट आए हैं। वे उंडावल्ली स्थित अपने आवास पर लौट आए हैं।
उन्होंने बिना विराम लिए ही काम शुरू कर दिया। वे सचिवालय गए और राज्य स्तरीय बैंकर समिति के शेष सदस्यों से मिले। लक्ष्य अमरावती को एक वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करना है।
उन्होंने सचिवालय जाकर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में भाग लिया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित 233वीं और 234वीं एसएलबीसी बैठकों में राज्य की आर्थिक प्रगति, ऋण कार्यान्वयन और बैंक सहयोग जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने वार्षिक ऋण योजना, कृषि ऋण और लघु एवं मध्यम उद्यमों को दी जा रही वित्तीय सहायता के कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि अब तक बैंकों ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को 29 लाख करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किरायेदार किसानों को 1490 करोड़ रुपये और लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को 95,714 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए गए हैं। इस अवसर पर चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती को वित्तीय केंद्र बनाने के मुद्दे पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने राजधानी में एक केंद्रीय व्यापार जिला स्थापित करने के संबंध में बैंकर्स के साथ महत्वपूर्ण चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि बैंकों को अमरावती को निवेश, बैंकिंग सेवाओं और कॉर्पोरेट गतिविधियों का केंद्र बनाने की दिशा में सहयोग करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने एपी टीआईडीको ऋण, द्वारका संघों का बैंक से जुड़ाव, केंद्र सरकार की योजनाओं का कार्यान्वयन और स्टार्टअप्स को बैंकों द्वारा दिए जा रहे समर्थन जैसे मुद्दों की भी समीक्षा की। चंद्रबाबू ने स्पष्ट किया कि राज्य के विकास में बैंकिंग क्षेत्र की अहम भूमिका होनी चाहिए। इस बैठक में मंत्री पय्यावुला केशव, कोंडापल्ली श्रीनिवास, मुख्य सचिव विजयानंद, यूनियन बैंक के प्रबंध निदेशक, आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक, नाबार्ड के महाप्रबंधक और विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के निदेशकों ने भी इस बैठक में भाग लिया।