अमेरिका से संभावित कृषि समझौते पर मनीष तिवारी ने सरकार से मांगा जवाब
- By Gaurav --
- Tuesday, 03 Feb, 2026
A potential agricultural agreement with the US is likely to lead to a confrontation in Parliament. M
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने अमेरिका के साथ संभावित कृषि व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मंगलवार को मीडिया से बातचीत में तिवारी ने कहा कि अमेरिका की ओर से आ रहे बयानों से संकेत मिल रहे हैं कि भारत के कृषि बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोल दिया गया है, जो देश की किसानी के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति पैदा करता है।
मनीष तिवारी ने कहा कि अमेरिका के कृषि मंत्री ने सार्वजनिक रूप से बयान देकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को यह कहकर बधाई दी है कि भारत के बाजार अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से किसानों के भविष्य को लेकर बड़े सवाल खड़े होते हैं।
तिवारी ने कहा,
“किसानी क्षेत्र के लिए यह बहुत गंभीर मुद्दा है। अगर अमेरिका के कृषि मंत्री यह दावा कर रहे हैं कि भारत के बाजार अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए खोल दिए गए हैं, तो सरकार को इसकी पूरी सच्चाई देश के सामने रखनी चाहिए। इसी मांग को लेकर हम संसद में काम रोको प्रस्ताव लेकर आए हैं।”
उन्होंने कहा कि संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा जरूरी है, ताकि देश को यह पता चल सके कि राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ हुई बातचीत में वास्तव में क्या तय हुआ है।
“जो भी बातचीत हुई है, उसके तथ्य और शर्तें सदन के पटल पर रखी जानी चाहिएं। इस पर खुली बहस होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके,” तिवारी ने कहा।
किसानों पर संभावित असर को लेकर चिंता जताते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि जिस तरह के बयान अमेरिका के कृषि मंत्री और राष्ट्रपति ट्रम्प की ओर से सामने आ रहे हैं, उनसे यह आशंका गहराती जा रही है कि यदि कोई कृषि व्यापार डील हुई है, तो उसका सीधा और नकारात्मक प्रभाव देश की किसानी पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा,
“अगर इस तरह की कोई डील हुई है, तो उसका बहुत बुरा असर किसानों पर पड़ने वाला है। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।”
मनीष तिवारी ने दो टूक कहा कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सरकार को इस पूरे मामले पर पारदर्शिता के साथ जवाब देना होगा।