ब्रिटेन की राजनीति में हलचल तेज, एंडी बर्नहैम की जीत से कीर स्टार्मर की कुर्सी पर संकट के संकेत

1000243904

Stirrings in British politics intensify

लंदन। Stirrings in British politics intensify, ब्रिटेन की राजनीति में 'तख्तापलट' की गूंज तेज हो गई है। कारण है कि 14 साल बाद सत्ता में आई लेबर पार्टी के भीतर अब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के खिलाफ बगावत का बिगुल फुक चुका है। 'ग्रेटर मैनचेस्टर' के ताकतवर मेयर एंडी बर्नहैम ने मेकरफील्ड उपचुनाव में प्रचंड जीत हासिल कर सीधे ब्रिटिश संसद में एंट्री मार ली है।

ऐसे में यह जीत कोई आम चुनावी नतीजा नहीं, बल्कि पीएम स्टार्मर को 10 डाउनिंग स्ट्रीट से बेदखल करने की सोची-समझी स्क्रिप्ट का पहला हिस्सा है। गिरती लोकप्रियता और स्थानीय चुनावों में करारी हार से घिरे स्टार्मर के लिए बर्नहैम अब बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं।

बर्नहैम बोले- मेरी जीत टर्निंग पॉइंट 

संभावित राजनीतिक उलटफेर के बीच बर्नहैम ने जीत के बाद साफ शब्दों में अपना रुख साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि यह देश की राजनीति बदलने का टर्निंग पॉइंट है। ऐसे में साफ है कि ब्रिटिश हुकूमत अब गहरे संकट में है और बर्नहैम का अगला कदम सीधे देश की कमान अपने हाथ में लेना है।

स्टार्मर के लिए बर्नहैम चुनौती कैसे?

गौर करने वाली बात यह है कि एंडी बर्नहैम इस समय 'ग्रेटर मैनचेस्टर' के मेयर हैं, लेकिन ब्रिटेन के नियमों के मुताबिक प्रधानमंत्री बनने की रेस में शामिल होने के लिए संसद का सदस्य होना जरूरी है। इसी वजह से मेकरफील्ड सीट पर यह उपचुनाव खास तौर पर सिर्फ इसलिए कराया गया ताकि बर्नहैम चुनाव जीतकर संसद में पहुंच सकें और प्रधानमंत्री कीर स्टारमर को चुनौती दे सकें। बर्नहैम की पार्टी के अंदर ही उन्हें प्रधानमंत्री बदलने के लिए सबसे सही नेता माना जा रहा है।

चुनाव के नतीजे क्या रहे?

बता दें कि शुक्रवार सुबह जब वोटों की गिनती पूरी हुई, तो बर्नहैम ने एकतरफा जीत हासिल की। उन्होंने अपने सबसे करीबी प्रतिद्वंदी (दक्षिणपंथी 'रिफॉर्म यूके' पार्टी के उम्मीदवार) को भारी मतों से हरा दिया।

बर्नहैम बोले- आज की रात बदलाव की रात

इस जीत के बाद बर्नहैम ने देश की जनता से कहा कि हर कोई जानता है कि इस समय राजनीति ठीक से काम नहीं कर रही है। हर कोई महसूस कर सकता है कि हमारा देश जहां होना चाहिए था, वहां नहीं है। उन्होंने कहा कि आज की रात देश के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। यह एक ऐसी नई राजनीति की शुरुआत है जो एकता और उम्मीद पर टिकी होगी।

प्रधानमंत्री स्टारमर के लिए मुसीबत क्यों बढ़ी?

गौरतलब है कि साल 2024 में कीर स्टार्मर की अगुवाई में लेबर पार्टी ने 14 साल बाद भारी बहुमत से सरकार बनाई थी। लेकिन सरकार बनने के बाद से ही प्रधानमंत्री स्टार्मर की लोकप्रियता लगातार गिरती चली गई। हाल ही में मई महीने में हुए स्थानीय चुनावों में उनकी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था, जबकि उनकी विरोधी पार्टियों को बड़ा फायदा हुआ था।

अब आगे क्या होगा?

ऐसे में अब एंडी बर्नहैम की संसद में वापसी से ब्रिटेन की सरकार में अनिश्चितता का माहौल बन गया है। अब बर्नहैम अपनी ही पार्टी के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को पद से हटाने के लिए अपनी अगली चाल यानी 'लीडरशिप चैलेंज' की तैयारी कर रहे हैं, जिसके बाद राजनीतिक पंडितो का मानना है कि आने वाले दिन ब्रिटेन की सत्ता के लिए बेहद उथल-पुथल भरे हो सकते हैं।