जालौन में आईएएस रिंकू सिंह राही और भाजपा ब्लॉक प्रमुख के बीच विवाद, CCTV वीडियो सामने आने के बाद जांच शुरू

Dispute between IAS officer Rinku Singh Rahi

Dispute between IAS officer Rinku Singh Rahi

लखनऊ। Dispute between IAS officer Rinku Singh Rahi, राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर चर्चा में आए आईएएस अफसर रिंकू सिंह राही फिर सुर्खियों में हैं। मई में सदस्य राजस्व परिषद के बाद से जालौन के संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर पोस्टिंग पाने वाले रिंकू सिंह राही का भाजपा ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन के बीच कथित मारपीट का मामला सामने आया है।

इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही जालौन के बेतवा में भाजपा से ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन को थप्पड़ मारते और धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे हैं। ब्लॉक प्रमुख ने आरोप लगाया है कि उनके साथ अभद्रता और मारपीट की गई।

मामले में उन्होंने डीएम से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। 23 जून की बताई जा रही इस घटना के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। डीएम राजेश कुमार पाणडेय ने पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित कर रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

जालौनमें सोमवार को ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह के बीच धक्का-मुक्की का वीडियो सामने आया है। वीडियो में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह ब्लॉक प्रमुख के मोबाइल पर हाथ मार कर गिरा देते हैं। दोनों हाथों से उन्हें धक्का मारकर पीछे धकेल देते हैं। मामला 23 जून का है।

ब्लॉक प्रमुख ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह पर मारपीट का आरोप लगाया है। उन्होंने डीएम से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। डीएम राजेश कुमार पांडेय ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।

सामने आए वीडियो में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण कर रहे थे। इस बीच ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन वहां पहुंच जाते हैं। अपना फोन निकालकर वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर देते हैं। दोनों आपस में कुछ बातचीत करते हैं।

रामराजा निरंजन चार-पांच कदम चलकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह की ओर बढ़ते हैं। इसके बाद रिंकू सिंह अपना हाथ मोबाइल पर मारते हैं। मोबाइल दूर जमीन पर जा गिरता है। मोबाइल गिरने के बाद रामराजा निरंजन आगे बढ़ते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह से बहुत करीब आ जाते हैं। इसके बाद रिंकू सिंह अपने दोनों हाथों से उन्हें धक्का मारकर पीछे धकेल देते हैं।

ब्लॉक प्रमुख आठ वर्ष से कोल्ड स्टोर चला रहे हैं। इसी का निरीक्षण करने के लिए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह पहुंचे थे। ब्लाक प्रमुख ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया- 23 जून को मेरे कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण करने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही आये थे। उन्होंने सभी सुरक्षा मानकों की जांच करने की बात कही। मेरे मैनेजर उसमें पूरा सहयोग कर रहे थे।

ढाई मिनट के अंदर सभी कागजात मांगे

इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने ढाई मिनट में सभी कागजों को उपलब्ध कराने की बात कही। इस पर मेरे मैनेजर ने कहा कि इतनी जल्दी सभी कागज उपलब्ध नहीं करा पाएंगे, क्योंकि कोल्ड स्टोरेज के डायरेक्टर पंप चलाने गए हुए थे और सभी दस्तावेज उनके पास थे। मैनेजर ने कहा कि मुझे थोड़ा समय दीजिए। इसके बाद रिंकू सिंह ने कहा कि ढाई मिनट खत्म हुए। जब मैं खुद वहां पहुंचा तो मेरे साथ अभद्रता की और थप्पड़ मारा। जो मेरे गालों पर लगते हुए हाथ पर जा लगा। इतना ही नहीं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मेरे साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई भी की। मैंने तुरंत डीएम से इसकी शिकायत की। उन्होंने तुरंत जांच समिति गठित कर जांच के आदेश दिए हैं।

उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही ने पिछले दिनों राष्ट्रपति को तकनीकी इस्तीफा भेज दिया था। राजस्व परिषद में सदस्य के पद पर तैनात रहे रिंकू सिंह राही का कहना था कि उन्हें काम करने का मौका नहीं दिया जा रहा है। थोड़े दिन बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया था। उन्होंने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में इस्तीफा वापस लेने के लिए कुछ शर्तें रखी, जिनमें 'काम नहीं तो वेतन नहीं' और उन्हें वापस उनके पुराने पद 'समाज कल्याण अधिकारी' पर भेजने की मांग शामिल थी।

पहले पीसीएस, फिर बने आईएएस अधिकारी

अलीगढ़ के रहने वाले रिंकू सिंह 2004 में यूपीपीसीएस परीक्षा पास कर जिला समाज कल्‍याण अधिकारी बने। नौकरी के साथ वह सिविल सेवा की तैयारी करते रहे। 2023 में यूपीएससी क्रैक कर दिया। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनको 2025 में शाहजहांपुर का एसडीएम बनाकर भेजा गया। वहीं वकीलों से विवाद होने के बाद उन्हें राजस्व परिषद में अटैच कर दिया गया था।