रांची में नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में भावुक पल, सहायक आचार्यों ने साझा किए संघर्ष और सफलता के अनुभव
Emotional moments at the appointment letter distribution
रांची। Emotional moments at the appointment letter distribution, नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में नवनियुक्त सहायक आचार्यों ने अपने अनुभव भी साझा किए। गढ़वा के प्रदीप कुमार यादव ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को सिर्फ टीवी स्क्रीन या समाचार पत्रों में ही देखते रहे थे।
आज नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में सीधे मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त करने का मौका मिल रहा है। यह सुनकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी हंसने लगे।
प्रदीप ने कहा कि जिस दिन नियुक्ति का रिजल्ट आया उस दिन उनकी मां ने समाचार पत्र में मुख्यमंत्री की तस्वीर देखकर तीन बार प्रणाम किया।
उनकी मां आज भी उस उस तस्वीर को संजो कर रखी है। बाद में मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि प्रदीप कुमार यादव की बातें भावुक करनेवाली थीं। उन्होंने भी उनकी मां को प्रणाम कहा।
इधर, कार्यक्रम में रांची की सीता कुमारी ने कहा कि 22 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद उसे नियुक्ति प्रक्रिया में सम्मिलित होने का मौका मिला है। सहायक आचार्य मनोज कुमार वैद्य ने कहा कि सीएम के द्वारा 2026 को नियुक्तियों का वर्ष घोषित किया गया था, इसका लाभ मिला है।
कमर टूटी लेकिन हौसला बरकरार
खूंटी की भारती साह वर्तमान में पारा शिक्षक हैं और उन्होंने कमर टूटने के बावजूद हौसला नहीं छोड़ा है। भारती साह 55 वर्ष के ऊपर हो चुकी हैं और अभी भी शिक्षण कार्य जारी रखे हुए हैं। सोमवार को वह स्वयं नियुक्ति पत्र लेने के लिए पहुंची थीं।कई सहायक आचार्यों की उम्र 55 के पार
नवनियुक्त कई सहायक आचार्यों की उम्र 55 वर्ष से अधिक हो चुकी है। कुछ की सेवा माह में ही बची है। दरअसल, इस नियुक्ति में 50 प्रतिशत पद समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित थे।
इन्हें आयु सीमा में भी छूट प्रदान की गई थी। अब ये पारा शिक्षक से सहायक आचार्य के नियमित पद पर नियुक्त हो चुके हैं।
कक्षा 1 से 5 के लिए 274 की नियुक्ति
पहली से पांचवीं कक्षा के लिए 274 इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य पद के लिए नियुक्त किए गए हैं। वहीं, 768 अभ्यर्थियों की नियुक्ति छठी से आठवीं कक्षा के लिए स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के पद पर हुई है।
स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों में सामाजिक विज्ञान विषय के 387, गणित एवं विज्ञान के 231 तथा भाषा विषय के 150 सहायक आचार्य सम्मिलित हैं।