हिमाचल में जल्द होगा मंत्रिमंडल विस्तार, सीएम सुक्खू ने प्रशासनिक सुधार और रोजगार को लेकर किए बड़े ऐलान

Cabinet expansion in Himachal soon

Cabinet expansion in Himachal soon

 शिमला। Cabinet expansion in Himachal soon, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई बड़े संकेत दिए हैं। शिमला में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अगले एक से दो महीने के भीतर प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा और विधानसभा उपाध्यक्ष का खाली पद भी भर दिया जाएगा।

उन्होंने ये भी साफ किया कि कांग्रेस आलाकमान सभी मंत्रियों की परफार्मेंस पर नजर रखे हुए है और आलाकमान के निर्देशों के आधार पर मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा। उन्होंने प्रशासनिक खर्चों को कम करने के लिए अखिल भारतीय श्रेणी के अधिकारियों के पदों में भारी कटौती करने की वकालत की है।

वर्तमान में आईएएस के 153 पदों में से 6 पद कम किए गए हैं, लेकिन यह कटौती 30 से 40 पदों तक होनी चाहिए। इसी तरह से आईपीएस कैडर में 10 से 20 पदों की कटौती की जरूरत है और फारेस्ट सर्विस कैडर में 30 से 40 पद कम किए जाने चाहिए। इस प्रशासनिक कटौती से प्रदेश सरकार सालाना 300 से 400 करोड़ रुपए की बचत कर सकेगी।

पिछले 10-15 वर्षों से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित करने के लिए सरकार गंभीर है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आ रही कानूनी और प्रशासनिक अड़चनों को दूर किया जा रहा है। इसके साथ ही पैरा वर्करों को सम्मानजनक मानदेय देने और उनके नियमित (पक्के) होने पर पुरानी पेंशन (ओपीएस) का लाभ देने के लिए सरकार शीघ्र ही एक ठोस नीति लाने की तैयारी में है।

विपक्ष पर हमला बोलते हुए सीएम सुक्खू ने दावा किया कि अगर हिमाचल में भाजपा दोबारा सत्ता में आती है, तो पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के शिमला दौरे का हवाला देते हुए कहा कि नड्डा ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा ओपीएस के बजाय केंद्र की नई पेंशन योजना के पक्ष में है।

उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में कम से कम 2,000 रुपए प्रति माह की वृद्धि करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया एरियर और महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 5 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने के प्रयास जारी हैं। साथ ही, सीबीएसई (सीबीएसई) स्कूलों के लिए शिक्षकों के पदों को भरने की प्रक्रिया भी चल रही है।