माओवादी जीवन से निकलकर प्रेम का नया अध्याय: नारायणपुर के जोड़ों ने रचाई सामूहिक विवाह में शादी

माओवादी जीवन से निकलकर प्रेम का नया अध्याय: नारायणपुर के जोड़ों ने रचाई सामूहिक विवाह में शादी

A new chapter of love after leaving the Maoist life

A new chapter of love after leaving the Maoist life

रायपुर। A new chapter of love after leaving the Maoist life, माओवादी संगठन में एक साथ रहते हुए छत्तीसगढ़ के नारायणपुर क्षेत्र की मनाय कश्यप को पतिराम से और सिरवती को पिलसाय से प्यार हुआ। अन्य माओवादियों के साथ जंगल में रहते हुए भी दोनों का दिल अपने-अपने मनपसंद साथी के लिए धड़कता था।

प्रेम में डूबे इन जोड़ों ने इकरार किया था कि विवाह कर जीवनभर के लिए एक दूजे के होंगे। इनके साथ परेशानी यह थी कि माओवादी संगठन में रहते हुए प्यार का इजहार करने से डर लगता था क्योंकि इसकी अनुमति संगठन में नहीं थी।

इधर, समर्पण के बाद इनका ये स्वप्न अब पूरा हो गया। सोमवार को पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार में महिला व बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में इन्होंने भी सात फेरे लिए और भविष्य के सुनहरे सपनों को बुनने एक-दूसरे का साथ निभाने परिणय सूत्र में बंध गए।

विवाहोत्सव में इनके साथ 17 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। आशीर्वाद देने विधायक किरण सिंह देव, अजजा आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य जन और अधिकारी समारोह में शामिल हुए। नवविवाहित जोड़ों को सामग्रियां व प्रोत्साहन राशि के चेक प्रदान किए गए।

पहली बार देखा और दिल दे बैठे

नईदुनिया से चर्चा में इन्होंने बताया कि पहली मुलाकात में ही एक दूसरे को दिल दे बैठे थे। प्रत्यक्ष रूप से मिलने में उस समय माओवादी नेताओं का डर था। बीच-बीच मे मोबाइल पर बात होती थी। अब अपनी-अपनी पसंदीदा युवती को जीवन संगिनी बनाकर वह बहुत खुश हैं। मनाय और सिरवती से पूछने पर दोनों ने शरमाते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है।