Home » संपादकीय » क्या भारतीय चीनी चीजों का बहिष्कार करेंगे !
arth parkash
arth parkash

क्या भारतीय चीनी चीजों का बहिष्कार करेंगे !

चीन से भारत सबसे ज्यादा आयात करता है जबकि वर्तमान में चीन भारतीय उत्पादों का तीसरी बड़ा निर्यात बाजार है। चीन से भारत मुख्यत: इलेक्ट्रिक उपकरण, मेकेनिकल सामान, कार्बनिक रसायनों आदि का आयात करता है, वहीं भारत से चीन को मुख्य रूप से, खनिज ईंधन और कपास आदि का निर्यात किया जाता है.
पिछले एक दशक के दौरान चीन ने भारतीय बाजार में तेजी से अपनी पैठ बढ़ाई और अपने सामान का प्रवाह लगातार बढ़ाया, लेकिन 2018-19 में पहली बार चीन से होनेवाले आयात में कमी आयी. अब अप्रैल 2019 में चीन के साथ द्विपक्षीय कारोबार में व्यापार घाटे को कम करने के लिए भारत ने 380 उत्पादों की सूची चीन को भेजी थी जिनका चीन को निर्यात बढ़ाया जा सकता है। इनमें मुख्य रूप से बागवानी, वस्त्र, रसायन और औषधि क्षेत्र के उत्पाद शामिल हैं।
लद्दाख के गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद चीन को लेकर देश में गुस्से का माहौल है। चीन को सबक सिखाने के लिए कई संगठनों ने चीनी सामान के बहिष्कार करने की मांग भी कर डाली है।
गलवां घाटी में संघर्ष के बाद मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दूरसंचार मंत्रालय ने बीएसएनएल को चीनी कंपनियों की उपयोगिता को कम करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने बीएसएनएल को निर्देश दिया है कि अपनी किर्यान्वन में चीनी कंपनियों की उपयोगिता को कम करे। यदि कोई निविदा है तो उस पर नए सिरे से विचार करे। इसके अलावा मंत्रालय ने निजी कंपनियों को भी हिदायत दी है कि इस दिशा में वे भी नए सिरे से विचार करके पुख्ता निर्णय लें।
मंत्रालय के निर्देश में 4जी सुविधा के उन्नयन में किसी भी चीनी कंपनी के बनाए उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया जाए। पूरी निविदा को नए सिरे से जारी किया जाए। सभी निजी सेवा प्रदाता आपरेटरों को निर्देश दिया जाएगा कि चीनी उपकरणों पर निर्भरता तेजी से कम की जाए।
देश की जितनी भी बड़ी इंटरनेट कंपनियां हैं, उनमें चीन का बहुत बड़ा निवेश है। आंकड़ों के मुताबिक दूरसंचार उपकरणों के बाजार 12 हजार करोड़ का है, जिसमें चीनी उत्पादों का हिस्सा करीब एक चौथाई. है।
दूरसंचार कंपनियों का कहना है कि चीन के मुकाबले अगर वे अमेरिकी और यूरोपीय दूरसंचार उपकरणों को खरीदने का विचार करते हैं तो उनकी लागत 10-15 फीसदी तक बढ़ जाएगी. लेकिन अब जब सरकार ने आगाह किया है तो फिर कंपनियों को इसे गंभीरता से लेना होगा।

 

यह भी देखें:- 

ग्रहण का सूतक काल 20 जून, शनिवार की रात करीब 9.30 बजे से आरंभ हो जाएगा। सूतक काल लगते ही मंदिरों एवं मठों के पट बंद कर दिए जांएगे।

यह भी देखें:- 

चंडीगढ़ के इतने बुरे हालात, पैदल जाती युवती से मोबाइल छीन भागे अज्ञात !

Check Also

arth parkash

कोरोना खुशहाल तो दिल्ली बेहाल

राजधानी दिल्ली में भी कोरोना महामारी ने कहर बरपा रखा है और संक्रमण के लगातार …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share
See our YouTube Channel