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पंजाब, हरियाणा व दिल्ली में पैदा हो सकता है जल संकट

भाखड़ा की सरहिंद नहर में कम किया गया पानी

फतेहगढ़ साहिब। पंजाब के कई क्षेत्रों सहित हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में पानी का संकट पैदा हो सकता है। यह स्थिति भाखड़ा की सरहिंद नहर में पानी का बहाव कम करने से उत्पन्न हुई है। नहर के किनारे में गांव शहजादपुर के पास करीब 20 फीट का कटाव से दरार को गई है। इसके भरने के लिए पानी का बहाव कम किया गया है। इसका हरियाणा के अधिकारियों ने विरोध किया है। दरार के कारण नहर के टूटने का खतरा बढ़ गया है। पंजाब ने भाखड़ा बांध से नहर में पानी की मात्रा 5500 क्यूसिक से कम करवाकर 4500 क्यूसिक करवा दी है।

पंजाब के अधिकारियों ने नहर में आई दरार भरने की कोशिश शुरू कर दी है। नहर में पानी कम करने के पंजाब के इस कदम से हरियाणा परेशान हो गया है। हरियाणा के सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी ने इस बारे में पंजाब सिंचाई विभाग के अधिकारियों से विरोध जताया और पानी की मात्रा 5500 क्यूसिक करने की मांग की है। सरहिंद नगर में पानी का बहाव कम करने से हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के साथ-साथ पंजाब के राजपुरा क्षेत्र में पानी की किल्लत शुरू हो गई। दो दिन अगर ऐसा रहा तो पानी का संकट बढ़ जाएगा। नहर में दरार भरने में लगे एक्सईएन चंद्रमोहन शर्मा, एसडीओ गुरशरण सिंह और जेई गुरविंदर सिंह रोज मौके पर पहुंच रहे हैं। नहर की रात को भी निगरानी की जा रही है। कर्मचारियों के लिए एक टेंट भी लगा दिया है।

अब करीब 150 बोरियों का क्रेट बनाकर उसे तारों के जाल में लपेटकर नहर की दरार वाली जगह में गिराया जा चुका है। इन बोरियों में सीमेंट, रेत और बजरी का मिश्रण भरा जाता है। वीरवार को ऐसे पांच क्रेट नहर में गिराए गए। इसके बाद भी विभाग को दरार की गहराई पता नहीं चली है। शुक्रवार को भी सुबह से ही कार्य जारी है। समाना से आए गोताखोरों ने दरार की गहराई करीब 35 फीट बताई है। गोताखोर पहले डुबकी लगाकर गहराई का पता लगा रहे हैं और फिर नहर में क्रेट गिराया जा रहा है। हालांकि विभाग को इस प्रयोग में सफलता हाथ नहीं लगी है।

दरार भरने में लगाए 100 मजदूर : एक्सईएन
एक्सईएन चंद्रमोहन शर्मा का कहना है कि पानी की मात्रा कम करना जरूरी था। उन्होंने पानी की मात्रा 3000 क्यूसिक करने की मांग की थी। फिर भी नहर में 4500 क्यूसिक बह रहा है। दरार भरने में 100 मजदूर लगाए गए हैं। हिट एंड ट्रायल प्रक्रिया से सफलता मिल जाएगी। नहर में पानी की मात्रा कम करने पर एक और खतरा मंडराने लगा है। दशकों से सफाई के इंतजार में इस नहर के नंगल हाइडल चैनल पर ब्रिक्स लिनिंग (ईंटों का अस्तर) टूटने लगी है। इस कारण नहर में पानी की मात्रा 4500 से कम नहीं की जा रही है। ईंटों की लिनिंग टूटने से अन्य जगह दरार पडऩे का खतरा है।

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