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धर्म / संस्कृति

दिल और दिमाग को सत्य के साथ जोड़ें: निरंकारी बाबा

भक्तों के हृदय में सर्दव मानवता के उत्थान के लिए ऐसी भावना रहती है कि संसार में बसने वाले इन्सान इस जन्म का लाभ प्राप्त कर लें। मनुष्य जन्म के रुप में यह जा सुनहरी अवसर मालिक ने प्रदान किया है, इस जन्मए में ये अपनी आत्मा का कल्याण करे। आत्मा जो अपने मूल परमात्मा से बिछड़ी हुई है, अपने …

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सेवा बनी है भक्त के लिए और भक्त बना है सेवा के लिए: मुनि विनय आलोक

सेवा बनी है भक्त के लिए और भक्त बना है सेवा के लिए। यह भाव होना बहुत ही जरूरी है। सेवा करते समय अगर सेवक के मन मे भाव आया मै सेवा कर रहा हूं तो समझ लो कि उसकी ‘सेवकाई’ गई और ‘सरदारी’ आ गई। सेवा में अपनी सुविधा का विचार करने की गुंजाइश ही नहीं है। सेवक की …

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देवराज इंद्र ने किया था अप्सराओं का निर्माण

भागवत पुराण के अनुसार अप्सराओं का जन्म महर्षि कश्यप और दक्षपुत्री मुनि से हुआ था हिन्दू धर्म में अप्सराएँ सौंदर्य का प्रतीक मानी जाती है और बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखती है। अप्सराओं से अधिक सुन्दर रचना और किसी की भी नहीं मानी जाती। पृथ्वी पर जो कोई भी स्त्री अत्यंत सुन्दर होती है उसे भी अप्सरा कह कर उनके सौंदर्य …

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अपनी जिम्मेदारी के प्रति निष्ठावान बनें : मुनी विनय कुमार जी आलोक

जिम्मेदारी को छोटा या बड़ा नहीं कहा जा सकता है, जिम्मेदारी तो जिम्मेदारी होती है, यह बोझ भी नहीं होता है यह तो एक तरह का आत्मिक अहसास होता है क्योंकि व्यक्ति के लिए दायित्व ही खास होता है। जिम्मेदारी एक भीतर का अहसास है, बाहर से इसका संबंध नहीं होता है। इसका प्रादुर्भाव अंदर से होता है। काम का …

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बाबा अमरनाथ यात्रा की 5 खास बातें, बहुत जरूरी है जानना

भगवान शिव इस गुफा में पहले पहल श्रावण मास की पूर्णिमा को आए थे इसलिए उस दिन को अमरनाथ की यात्रा को विशेष महत्व मिला अमरनाथ की गुफा श्रीनगर से करीब 145 किलोमीटर की दूरी हिमालय पर्वत श्रेणियों में स्थित है। समुद्र तल से 3,978 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह गुफा 150 फीट ऊंची और करीब 90 फीट लंबी …

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दो दिन की फ्री बस यात्रा को दिखाई हरी झंडी

श्री राम मंदिर शिव नगर में गंगा स्नान के लिए जा रही फ्री बस एवं कार में बैठे श्रद्धालुओं को प्रवचन देते हुए श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी दयानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा की यह गंगा स्नान का पुन: कार्य महायज्ञ के बराबर है। हरियाणा ब्राह्मण सुरक्षा फॉर्स एवं पार्वती देवी विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल जाटल रोड पानीपत …

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गलत का जवाब गलत से देना सही नहीं ठहराया जा सकता : मुनिश्री विनय कुमार जी आलोक

गलतफहमी किसी कांटे की तरह होती है चाहे वह चरित्र पर शक करना और जब वह आपके रिश्ते में चुभन पैदा करने लगती है, ये सब चरित्रहीनता के लक्षण होते है। चरित्रहीन कभी भी अपना विकराल रूप धारण कर सकती है ओर इसकी निशानियां रिश्तो मे भी छलकनी लगती है। यही कारण है कभी फूल लगनेवाला रिश्ता आपको खरोंचे देने …

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इंसान खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही चला जाता है : निरंकारी बाबा

आज संसार में हम देख रहे हैं कि इन्सान जिस दौड़ में दौड़ रहा है, उससे उसके पल्ले कुछ नहीं पड़ रहा है। वह एक मिथ्या को ही विशेषता देता चला जा रहा है जिस कारण उसका यह जन्म व्यर्थ ही बीत जाता है। वह खाली हाथ आता है और खाली हाथ ही चला जाता है। इसकी यह दौड़ रुकती …

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भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग, जिनके दर्शन मात्र से पूरी होती हैं मनोकामनाएं

भारत में अलग-अलग जगहों पर उनके 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं जिनके दर्शनों से लोगों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं दुख दूर होते हैं धन-संपदा वैभव प्रसिद्धि की प्राप्ति होती है। भगवान शिव, जो स्वयं में महाकाल हैं, जिनका काल भी कुछ बिगाड़ नहीं सकता, जिनके दर्शन मात्र से मोक्ष प्राप्ति होती है। वह त्रिकालदर्शी हैं, भूत, भविष्य और वर्तमान के …

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संतान को भुगतना पड़ता है माता-पिता के गलत कामों का फल

सुनीथा मृत्यु-देवता यमराज की पुत्री थी। माता-पिता के लाड़-प्यार में वह उद्दंड हो गई थी। वह देखती थी कि उसके पिता पापियों को दंड देते रहते थे। वह पाप और पुण्य का अंतर नहीं समझती थी, इसलिए खेल-खेल में किसी के अच्छे कार्य में बाधा डालती और किसी को अकारण मारने लगती। ऐसे उद्दंडतापूर्ण कार्य करके वह बहुत खुश होती …

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