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धर्म / संस्कृति

सच्ची प्रार्थना है अगर सभी को खुश रखते हो: मुनिश्री विनय कुमार

अपने पूरे जीवन काल में लोग छोटी छोटी चीजों को पाने की कामना करते हैं जैसे पदोन्नति, और अधिक से अधिक धन या संतोषजनक रिश्ता, लेकिन यह सभी कुछ बहुत सीमित दायरे में होता है और कभी भी दीर्घकालिक आनंद और संतोष प्रदान नहीं कर सकता।अधिकांश लोग अपना जीवन इन इच्छाओं को पूरा करने के लिए प्रयास करते रहते हैं …

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जो भी इस मंदिर में जाता है देखने को मिलता है बाबा का नित नया रूप

हमारे देश में बहुत से ऐसे धार्मिक स्थल हैं जो अपने चमत्कारों व वरदानों के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्हीं में से एक है राजस्थान में शेखावाटी क्षेत्र के सीकर जिले का विश्व विख्यात प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर। यहां फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को श्याम बाबा का विशाल मेला भरता है। जिसमें देश-विदेश से कई लाख श्रद्धालु शामिल …

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इन्सान की चाल दुनिया और दुनियादारी पर आधारित है : निरंकारी बाबा

जिनको भक्ति वाला रंग भाता है, जिनको सत्संग प्रिय है, जो सेवा के लिए तन-मन-धन से हमेशा उत्साहित रहते हैं, ऐसे भाव से युक्त होकर, ऐसे महान उुसूलों पर टिक कर जो जीन के सफर को तय कर रहे हैं, वाकइ्र ही उसी के कारण वातावरण सुखद बनते हें, उसी के कारण चैन की महसूसियत होती है। इसीलिए आगे भी …

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मान्यता है कि इस मां के दर्शनमात्र से दूर हो जाती है आंखों से जुड़ी हर समस्या

भारत के कोने-कोने में मां दुर्गा के मंदिर स्थापित है जो अपने चमत्कारों क कारण विश्व प्रसिद्ध है। ऐसा ही एक मंदिर है मां चंडिका का। यह मंदिर 52 शक्तिपीठों में एक माना जाता है। मान्यता है कि इस मंदिर में मां सती की बाई आंख गिरी थी। जिसके कारण यह विश्व प्रसिद्ध है। इस मंदिर में आकर आंख संबंधी …

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महाराष्ट्र : देवी भक्तों का आस्था केंद्र महालक्ष्मी मंदिर कोल्हापुर

आमतौर पर लोग अपने घर पर ही लक्ष्मी पूजन करते हैं पर महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में स्थित महालक्ष्मी मंदिर देश के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। हर घर में धन और सौभाग्य की देवी लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। अगर इनसे जुड़े प्रमुख तीर्थ स्थलों की बात की जाए तो महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में स्थित महालक्ष्मी …

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मन बुराई की तरफ बढ़ता है : निरंकारी बाबा

मन की लगन ऐसी बनी रहे जो भक्ति वाली है, जो परमार्थ वाली है। मन के सिलसिले ऐसे हैं कि- मन लोचे बुराईयाँ। मन की चंचलता, मन का ऐसा सिलसिला है कि ये बुराई की तरफ बढ़ता है, ये संसार की तरफ बढ़ता है। जब संसार की तरफ बढ़ता है तो इसके मायने कि सांसारिक भाव बनते चले जातेहैं, सांसारिक …

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प्रथम गुरु मां जैसा कोई नहीं : मुनिश्री विनय कुमार

संसार मे हर रिश्ते की अपनी अहमियत है लेकिन सब रिश्तों से बढकर कोई रिश्ता है तो वह है मां का। मां जीवन है, मां प्राण है, मां साक्षाता पारब्रहम परमेश्वर का दूसरा रूप है। ईश्वर हर जगह हर किसी की रक्षा के लिए हमेशा नही रह सकता इसीलिए ईश्वर ने मां को बनाया है। बच्चों में संस्कार भरने का …

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व्यक्ति कभी भी मर सकता है इसीलिए उसे सभी के साथ प्रेमपूर्वक रहना चाहिए

संत तुकाराम के जीवन से जुड़े कई ऐसे प्रसंग हैं, जिनमें सुखी और सफल जीवन के सूत्र छिपे हैं। जो लोग इन सूत्रों को अपने जीवन में उतार लेते हैं, उनके जीवन की कई परेशानियां खत्म हो सकती हैं। यहां जानिए संत तुकाराम और उनके क्रोधी शिष्य का प्रसंग, जिसमें बताया गया है कि क्रोध को कैसे शांत किया जा …

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17 बड़े आक्रमण जो पुरी के जगन्नाथ मंदिर पर हुए

पुरी के विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर के चमत्कारों से सभी सुपरिचित हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस मंदिर पर कई बड़े हमले हुए हैं। हर हमले के बाद मंदिर और मंदिर के चमत्कारों पर कोई असर नहीं हुआ है। मंदिर से जुड़े इतिहास का अध्ययन करने वालों का दावा है कि हमलों की वजह से 144 वर्षों तक …

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हमने पहुंचना है मंजिल-ए-मकसूद पर : निरंकारी बाबा

हर चलना पहुंचना नहीं हुआ होता। वही चलना पहुंचना हो सकता है जो वास्तविकता में मर्म जान लेता है, जो इस सत्य का बोध हासिल कर लेता है। तो वह मंजिले-मकसूद को भी पा जाता है। उसका चलना-चलना नहीं रह जाता है, उसके हिस्से में पहुंचना भी आ जाता है इसलिए यहां पर पहुंचने की बात हो रही है कि …

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