धर्म / संस्कृति Archives - Arth Parkash
Tuesday, February 19, 2019
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इंसानों के अंगों का अचार लाखों रुपये खर्च करके भी खरीदते हैं लोग

अब तक तो आपने सिर्फ आम, नींबू, मिर्च, गाजर, मूली और आंवले के ही अचार देखे होंगे, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि लंदन के एसेक्स में एक ऐसी दुकान है, जहां इंसानी अंगों का अचार बिकता है। इस दुकान के अंदर ऐसी-ऐसी खौफनाक चीजें रखी हुई हैं कि कोई भी वहां जाने से पहले 10 बार सोचता है। इस ... Read More »

संकीर्णता और खुदगर्जी के कारण इंसान की दुर्दशा : निरंकारी बाबा

आज इन्सान ने बहुत तरक्की कर ली है, अनेक मुल्कों के पास, साइंसदानों के पास आज बहुत भौतिक शक्तियां आ गई हैं। पर ये सारी शक्तियां किस तरफ लग रही है, यह हम अपनी आंखों से देख रहे हैं। देखने मे आता है कि जिन शक्तियों में कुछ तरक्कीयां हुई है, वही शक्तियां आज विनाश की तरफ बढ़ रही है। ... Read More »

जिसमें माता-पिता की रोशनी हो वह भाई होता है : मनीषी विनय कुमार जी

सम्पूर्ण समाज किसी न किसी रिश्तों की डोर से बंधा हुआ है। उनमें माता-पिता का रिश्ता, भाई-बहन का रिश्ता, भाई-भाई का रिश्ता, बहन-बहन का रिश्ता आदि। इनमें एक रिश्ता और होता वह गुरु शिष्य का रिश्ता। जो सम्पूर्ण जगत में सबसे बड़ा और अहम रिश्ता होता है। गुरु शिष्य का रिश्ता पुरातन काल से चला आ रहा है। आदि काल ... Read More »

रहस्य: क्या है बाबा शिव के अर्धनारीश्वरर रूप का सत्य

shiv ji

कहते हैं जब सृष्टि की संरचना के बाद ब्रह्मा जी ने मनुष्य का र्निमाण किया तो उन्हें समझ आया कि ये तो एक शीघ्र अंत होने वाली रचना है क्योंकि उन्होंने सिर्फ पुरुष बनाये। सृष्टि को चलाने के लिए संतति की आवश्यकता है और उसके लिए स्त्री की, पर वो है ही नहीं। तब अपनी समस्या के समाधान के लिए ... Read More »

आज हिंसक प्रवृत्तियां प्रबल हैं: निरंकारी बाबा

nirankari baba

संसार में ऐसा कौन है जो अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने वाले को समझदारी का प्रमाण-पत्र देगा? वो सूझवान नहीं होता, वो समझदार नहीं होता, उसे सयतो मूर्ख कहा गया है। उसे नादान कहा गया है। तो हम ऐसी मूर्खता न करें, हम सूझ-बूझ का प्रयोग करें, हम समझदारी का प्रयोग करें। कौन से पहलू हैं जो हमारे लिए लाभप्रद ... Read More »

अंधविश्वास तभी घटेगा जब विश्वास का लेवल बढ़ेगा : मनीषी विनय कुमार जी

यह सीधी और सरल बात है कि विश्वास का लेवल जितना ऊंचा होगा, अंधविश्वास का लेवल उतना ही कम होाग। विश्वास के न होने का मतलब है अंधविश्वास का पक्का होना। जैसे जैसे मन कमजोर होता है विचारो मे भी कमजोरी आने लगती है, हर बात मे शंका नजर आने लगती है और शंका अपने भय को भी साथ लाती ... Read More »

संतोष धन नाम की दौलत के साथ ही प्राप्त हो जाता है : निरंकारी बाबा

nirankari baba

सभी गुरु-पीर-पैगम्बरों ने इस नाम की दौलत की चाहना रखने की प्रेरणा दी है। यही कहा है कि ऐ इनसान, इस चाहना की पूर्ति के लिए तुझे सन्तों से, ज्ञानीजनों से नाता जोडऩा है। इस दौलत की प्राप्ति से ही जीवन में सन्तोष प्राप्त होता है। वर्ना सांसारिक दौलतें प्राप्त भी हो जायें तो भी एक कंगाली बनी रहती है। ... Read More »

राष्ट्र में शांति स्थापना के लिए करें मर्यादा का पालन : मनीषी विनय कुमार जी

तेरापंथ बंसत पंचमी की तरह शुभ माना गया है, आज के दिन किसी भी प्रकार का नया कार्य आंरभ करने पर सफलता व्यक्ति के कदम चूमती है। तेरापंथ धर्मसंघ के अष्टमाचार्य श्री कालू ने आज के ही दिन सेवा केंद्रों की व्यवस्था की थी जोकि आज तक चल रही है। लगभग 50 वर्षो से चले रहे सेवा केंद्रों मे आज ... Read More »

भारत के इस मंदिर में पानी से जलता है दीपक, इस नदी के पानी से हो रहा है ऐसा

धर्म और आस्था में कई ऐसे चमत्कार होते हैं जिनसे भगवान में श्रद्दा और भी बढ़ जाती है। ऐसा ही एक चमत्कार एक देवी के मंदिर में दिखाई देता है जिसमें दीपक को जलाने के लिए किसी घी या तेल की जरुरत नहीं होती। यह क्रम आज से नहीं बल्कि कई सालों से चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ... Read More »

गुप्त नवरात्रि : होगी महाविद्याओं की आराधना, क्यों मानी गई है खास

गुप्त नवरात्रि यानी मां दुर्गा की शक्ति की उपासना का पर्व मंगलवार, 5 फरवरी से आरंभ हो गया है। मान्यता के अनुसार गुप्त नवरात्रि के दौरान अन्य नवरात्रि की तरह ही पूजन करने का विधान है। इन दिनों भी 9 दिन के उपवास का संकल्प लेते हुए प्रतिपदा से नवमीं तक प्रतिदिन सुबह-शाम मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। इस ... Read More »

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