धर्म / संस्कृति Archives - Arth Parkash
Thursday, October 18, 2018
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इन श्वासों को मानवता के लेखे लगा लिया जाए : निरंकारी बाबा जी

महापुरुष-संतजन मानवता का संदेश हमेशा से देते चले आये हैं कि हमें मानवता की डगर पर ही चलना है। हमें यार के साथ ही इस सफर को तय करना है। यह सफर तय हो रहा है, एक-एक पल हमारे हाथों से जारहा है, एक-एक स्वांस जो हम ले रहे हैं इसने वापस नहीं आना है। हम कहें कि हमारे पास ... Read More »

राष्ट्र का मुख्य अर्थ ही उस निश्चित भूभाग का सांस्कृतिक महत्व : मुनिश्री आलोक

एक देश एक राष्ट्र खुशहाल राष्ट्र तभी बनेगा जब सभी जगह प्यार ही प्यार की बरसाते होगी, हर जगह प्यार, करूणा की बौछारे बरसती नजर आएगी ओर हर व्यक्ति सिर्फ ओर सिर्फ अपने आपको सुधारने का प्रयास करेगा ओए एक अच्छा इंसान बनता चला जाएगा। अक्सर देखने मे आया है कि हर किसी इंसान के रंग रूप, सूरत, शारीरिक बनावट, ... Read More »

मानव है तो मानवता का होना भी जरुरी है: निरंकारी बाबा जी

इन्सानों ने सोच लिया है कि किसी खास प्रकार के कपड़े पहनना ही धर्म है और किसी विशेष प्रकार की क्रिया करने के साथ ही धर्म की पहचान बनती है। लेकिन महापुरुषों का सीधा ही फैसला हे कि अगर इन्सानियत है तो फिर धर्म भी है। एक मानव है तो मानवता का होना भी जरुरी है। अगर मानव है लेकिन ... Read More »

जो अपने वर्तमान से संतुष्ट न हों, ऐसे व्यक्ति खुश नहीं हो सकते : मुनिश्री आलोक

सकारात्मक विचारों से हमें ऊर्जा मिलती है और इससे हम अपनी समस्याओं से निपट सकते हैं। जब हमें समस्याएं नहीं होंगी तो हम हमेशा खुश रहेंगे। यूं हमारी खुशी और हमारी उपलब्धियों के बीच सीधा कोई रिश्ता नहीं है। यानी इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या और कहां हैं। सिर्फ हमारी सोच से ही हम खुशी को महसूस ... Read More »

एक को जानो, एक को मानो, एक हो जाओ: निरंकारी बाबा जी

महापुरुष-संतजन यही सन्देश, यही पैगाम दे रहे हैं कि हम इस सत्य की, इस अकाल पुरख, परमात्मा, निराकार, इस रमे हुए राम की जिसके अनंत नाम है की पहचान करें। नामों से ऊपर उठें और नामी की पहचान करें- एक को जानो, एक को मानो, एक हो जाओ। कि इस एक को एक करके जान लें, इस एक को एक ... Read More »

समस्याओं को सुलझाएं नहीं तो उसे मैनेज करें: मुनिश्री आलोक

हमें उन समस्याओं की गंभीरता को कम आंकने के प्रतीकभव से बचना चाहिए जो ऊपरी छोर से छोटी दिखती है। मुश्किले से हमेशा डटकर संघर्ष करने वाला हमेशा ही जीतते हैं संघर्ष करने वाले अंत तक हि मत नहीं हारते, दरअसल ये समस्याओं को मैनेज करते समय सबसे सकारात्मक प्रतिक्रिया का नुकसान करना सीख लेते हैं और समस्याओं केा मैनेज ... Read More »

इन्सानी जन्म आत्मा के उद्धार के लिए हैै: निरंकारी बाबा जी

हे मानव! ये पाँच तत्व का बना पुतला, ये जिस्म तुझे मिला है, यह तुझे मुबारक है क्योंकि इन्सानी जन्म मिलना सुनहरी अवसर के रुप में है। इस जन्म में तू अपनी असली पहचान बना सकता है, तू सत्य को जानकर अपनी आत्मा का उद्धार कर सकता ह। यह आत्मा जन्मों-जन्मों से आवागमन के चक्कर में पड़ी हुई है और ... Read More »

खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और दुख बांटने से घटता है : मुनिश्री विनय आलोक

जीवन एक यात्राा है…आप सब छोड़ सकते हैं, पर अपनी पहचान और अपनी बुद्धि को नहीं छोड़ सकते हैं। यह भी सत्य है कि यह आपकी बाहर की यात्राा है। आप सब छोड़ सकते हैं, पर अपनी पहचान और अपनी बुद्धि को नहीं छोड़ सकते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह आपकी अपनी दुनिया है। यह भी सत्य है कि यह ... Read More »

रमेश कुमारी साध्वी का दीक्षांत जयंती महोत्सव, सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने लिया भाग

चंडीगढ़। यहां के सेक्टर-18 जैन स्थानक में रविवार को रमेश कुमारी साध्वी का 53वां दीक्षांत समारोह मनाया गया। जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया इस मौके पर श्रद्धालुओं ने मुंह पर रूमाल रखकर एक घंटे का जाप किया। इस मौके पर ध्वजारोहण इलायची देवी जैन धर्मपत्नी सुलेक चंद जैन समारोह की अध्यक्षता पूर्व एडिशनल कलेक्टर कम एसडीएम हरीश चंद्र ... Read More »

क्या है धर्म की परिभाषा: निरंकारी बाबा जी

जब हमारी दिशा विपरीत हो जाये तो हम मंजिल से दूर हो जाते हैं, तब हम मंजिल के करीब नहीं आते हैं। मंजिल पर पहुंचना असंभव हो जाता है जब विपरीत दिशा की तरफ अपना चेहरा कर लिया जाता है। जैसे कोई परेड भी कराते हैं सेवादल वाले तो जवानों को आप देखते हैं कि वहाँ पर कॉशन मिल जाता ... Read More »

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