Home » संपादकीय

संपादकीय

लॉकडाउन-5 चाहिए, लेकिन कोरोना पर नियंत्रण भी हो

इसमें कोई दो राय नहीं होनी चाहिए कि लॉकडाउन का पांचवां चरण भी चाहिए। ऐसा इसलिए है, क्योंकि कोरोना वायरस के संक्रमण को चौथा चरण रोक नहीं पाया है, अपितु मामलों ने तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अब केंद्र सरकार लॉकडाउन को 31 मई के बाद आगे बढ़ाने पर माथापच्ची कर रही है तो इस पर व्यापक विचार की आवश्यकता …

Read More »

चीन-नेपाल के तेवरों में नरमी, भारत की जीत

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद में चीन के स्वर नरम पडऩा अचंभित करता है। बेशक, यह ड्रैगन की चाल हो सकती है, लेकिन भारत के कड़े रूख के बाद चीन के राजदूत का यह बयान समझदारी और वक्त की नाजुकता को समझने वाला है कि हमें मतभेदों को रिश्तों पर हावी नहीं होने देना चाहिए। हमें इनका समाधान …

Read More »

गर्मी के तेवर तीखे दे रहे बड़ा संदेश

मार्च के आखिर और अप्रैल बीतने तक मौसम की जिस रंगीनी का हम लोग मजा ले रहे थे, वह मई बीतते-बीतते संगीन हो गई है। प्रचंड गर्मी और लू ने जीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि तापमान का मीटर 50 डिग्री को छू रहा है। बेशक बीच में कहीं-कहीं आसमान से राहत की कुछ बूंदें गिर भी …

Read More »

चीन को उसकी सीमाएं दिखाना जरूरी, कुटनीति का हो वार

दुनिया में अपनी लोकतांत्रिक ताकत और सम्प्रभुता के लिए विख्यात भारत को चीन के साथ किस तरह पेश आना चाहिए? इस सवाल का जवाब प्रत्येक भारतीय जानता है। भारत वह देश है, जिसने अपनी स्वतंत्रता, संपू्रभता को कभी कमजोर पडऩे नहीं दिया है। अब नए संदर्भों में चीन जब लगातार सीमा का अतिक्रमण कर रहा है और भारत को उकसा …

Read More »

श्रमिकों से रुकने की अपील में देरी तो नहीं हुई?

यह बहुत शुरू से कहा जा रहा है कि प्रवासी श्रमिकों का उनके मूल प्रदेश लौटना किसी समस्या का समाधान नहीं है। अगर वे दूसरे राज्यों में रोजगार की तलाश में आए थे, तो यह उन राज्यों की सरकारों की जिम्मेदारी थी कि उन्हें वहीं रखती और उनके भोजन-ठहरने का प्रबंध करती। पूरे देश ने श्रमिकों के पलायन का जो …

Read More »

लघु कथा – नई राह

लघु कथा- लोक डाउन हुए एक महीना बीत गया था और सीमा का बुटीक भी बन्द पड़ा था. सीमा घर से ही काम करने मे अपने आप को ज्यादा आराम दायक लगता है ना कही जाने का झमेला, ना ही दुकान का किराया अलग से देने की जरूरत और तो और सोसायटी मे ही इतना काम मिल जाता है कि …

Read More »

माननीय और नौकरशाह, दोनों हैं जनता के सेवक

राजनेताओं और नौकरशाही के बीच खींचतान बहुत लंबी है। नौकरशाह अपनी शिक्षा और ज्ञान के आधार पर जहां सर्वोच्च होने का दावा करते हैं, वहीं राजनेता अपने कार्यकौशल और जनता के प्रतिनिधि होने के नाम पर खुद को श्रेष्ठ साबित करते हैं। लोकतंत्र में नौकरशाह और राजनेता, दोनों की अपनी-अपनी भूमिका है, दोनों एक नदी के किनारों की भांति हैं, …

Read More »

मौसम से जंग : तटीय राज्यों में अम्फान तो उत्तरी राज्यों में लू

बेशक कोरोना वायरस से जंग में देश एक है, लेकिन मौसम के मामले में यहां अलग-अलग मोर्चे खुल चुके हैं। देश के तटीय राज्यों में भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान जहां 190 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के साथ तबाही मचा रहा है, वहीं उत्तर भारत में लू के थपेड़े जनजीवन अस्त-व्यस्त कर रहे हैं। लॉकडाउन में कुछ ढील के बाद …

Read More »

लघु कथा–“दिखावा”

लघु कथा-राजु का मोबाइल बज रहा था और राजु टी वी देखने मे मस्त था ,तभी उसकी माँ ने आकर उस के सर पर चपत लगाते हुए कहा ‘दिन भर या तो नेता जी के पास या फ़िर मोबाइल और कुछ नही तो टी वी मे मुह दिये रहते हो, कब से फ़ोन बज रहा है तुन्हारे सेल्फ़ी नेता जी …

Read More »

नेपाल के साथ सीमा विवाद गंभीर भारत के लिए नई चुनौती

भारत के साथ रोटी और बेटी का रिश्ता रखने वाले नेपाल का रवैया आजकल जिस कदर कड़वा होता जा रहा है, वह चिंताजनक है और भविष्य के संबंधों का खाका खींच रहा है। बेहद आपत्तिजनक बयानबाजी का उदाहरण इसी से मिलता है कि नेपाली प्रधानमंत्री ने भारत के राजकीय चिन्ह सत्यमेव जयते को लेकर तंज कसा है। भारत ने अपने …

Read More »
Share
See our YouTube Channel