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कोविड संबंधी दवाओं की कालाबज़ारी को रोकने के लिए रैमडेसीवर इंजेक्शन मॉनटरिंग सैंटर स्थापित कियाः बलबीर सिद्धू

खाद्य और ड्रग प्रबंधन को कालाबज़ारी करने वालों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई करने के निर्देश

रैमडेसीवर इंजेक्शन पर मरीज़ का नाम और आईपीडी नंबर लिखना ज़रूरी

दवाईओं की सप्लाई पर पैनी नज़र रखने के लिए 60 ड्रग कंट्रोल अधिकारी तैनात

To prevent black marketing of Covid related drugs: चंडीगढ़। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू के दिशा निर्देशों के मुताबिक खाद्य और ड्रग प्रबंधन (एफ.डी.ए.) विभाग ने कालाबज़ारी को रोकने के लिए मुख्य कार्यालय में रैमडेसीवर इंजेक्शन मॉनटरिंग केंद्र स्थापित किया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्यभर के सरकारी और प्राईवेट अस्पतालों में इंजेक्शन की सप्लाई, उपलब्धता और वितरण को यकीनी बनाने के लिए निरंतर यत्न कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि इंजेक्शन खरीदने के लिए घबराने की ज़रूरत नहीं क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के गोदामों में रीमेडेसिवर की कोई कमी नहीं है।

कोविड संबंधी दवाओं की कालाबज़ारी और जमाख़ोरी पर गहरी चिंता ज़ाहिर करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने खाद्य और ड्रग प्रबंधन (एफ.डी.ए.) को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी थोक व्यापारी, डिस्ट्रीब्यूटर या रिटेलर एसीं गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खि़लाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाये।

मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने टीके की शीशी पर मरीज़ का नाम और आईपीडी नंबर लिखना लाज़िमी कर दिया है जिससे एफ.डी.ए की टीम कोविड केयर सैंटर में खाली शीशी को नष्ट करने से पहले आसानी से पड़ताल की जा सके।

स. सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में मानक दवाओं की सप्लाई को यकीनी बनाने के लिए वचनबद्ध है और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए 60 ड्रग कंट्रोल अफसरों की तैनाती की गई है जिससे पंजाब में दवाओं की सप्लाई पर तीखी नज़र रखी जा सके।

उन्होंने एफ.डी.ए. को निर्देश देते हुए कहा कि राज्यभर में कोविड संबंधी या कोविड प्रबंधन वाली दवाओं की कीमतों और स्टाकों की निगरानी की जाये और दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने वाले विक्रेता के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई की जाये। उन्होंने कहा कि रैमडेसीवर की सभ्य सप्लाई के साथ-साथ सभी संबंधित अधिकारियों को बेचने संबंधी हिदायतें भी जारी कर दीं गई हैं क्योंकि कोविड-19 महामारी फिर से अपने चरम पर है और दिन-ब-दिन सक्रिय मामलों की संख्या बढ़ रही है।

मंत्री ने कहा कि सभी कैरिंग और फारवर्ड एजेंट, डिपो इंचार्ज, थोक विक्रेता और डिस्ट्रीब्यूटर की तरफ से पंजाब में रैमडेसिवर इंजैक्शनों की निरंतर सप्लाई को बनाए रखा जाये। उन्होंने कहा कि फ़िलहाल उक्त दवाएँ सिर्फ़ अस्पतालों / स्वास्थ्य संस्था और डॉक्टरी माहिरों की देख-रेख वाले मरीज़ों को सिफ़ारिश की गई दवाओं के तौर पर बेचने और बरतने की ज़रूरत है जिससे सिफ़ारिश के अनुसार दवा के सही प्रयोग को यकीनी बनाया जा सके।

मंत्री ने आगे बताया कि सभी डीलरों / स्टाकिस्टों को इन दवाओं के उचित और ज़रुरी स्टॉक को बनाए रखने और दवा के वितरण पर सख़्त नियंत्रण रखने संबंधी निर्देश दिए गए हैं।

दवाओं के भंडार संबंधी जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने 21 अप्रैल 2021 से 9 मई 2021 तक पंजाब में वितरण के लिए 50,000 टीके अलॉट किये थे जबकि पंजाब को 41,056 टीके ही प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि 20,450 टीके सरकारी कोविड केयर सैंटरों और सरकारी मैडीकल कॉलेजों को बाँटे जा चुके हैं और 20,606 टीके निजी कोविड केयर सैंटरों को बाँटे गए हैं।

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के सूचना पत्र के अनुसार पंजाब को 9 मई 2021 से 16 मई 2021 तक 35,000 रैमडेसीवर टीके प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों को बाँटने के बाद स्वास्थ्य विभाग के पास स्टॉक में 4913 रैमडेसीवर इंजेक्शन, 60,000 डैकसामैथासोन-4 एम.जी. इंज. और 25 लाख पैरासिटामोल की गोलियाँ आदि उपलब्ध हैं।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि राज्य सरकार अस्पतालों में एसीं सभी दवाओं की माँग को पूरा करने के लिए सभी प्रयास कर रही है।

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