महिलाओं में बढ़ रहा है यूटरस निकलवाने का चलन, इसके हैं कई खतरे
Monday, August 20, 2018
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महिलाओं में बढ़ रहा है यूटरस निकलवाने का चलन, इसके हैं कई खतरे

महिलाओं में बढ़ रहा है यूटरस निकलवाने का चलन, इसके हैं कई खतरे

माहवारी शुरू होते ही लड़कियों के जीवन में की तरह के बदलाव आते हैं। ये बदलाव कई बार उन्हें परेशान करते हैं। बहुत सी महिलाएं मानती हैं कि बच्चेदानी यानी यूटेरस ही उनके पीरियड्स और प्रेगनेंसी में होने वाली कई समस्याओं का कारण है। इसी कारण से आजकल बहुत सी महिलाएं यूटेरस निकलवाने यानी बच्चेदानी को निकलवाने में दिलचस्पी दिखा रही हैं। डॉक्टर्स के मुताबिक गर्भाशय को निकालना महिला के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता है। इसे उसी स्थिति में निकाला जाना चाहिए जब अन्य कोई विकल्प न बचा हो, जैसे कैंसर या अन्य कोई जानलेवा बीमारी। महिला रोग विशेषज्ञों का मानना है कि यूटेरस निकलवाने से परेशानी खत्म नहीं होती है बल्कि इसके कई तरह के साइड इफेक्ट्स हैं।

रिकवरी में लगता है समय

यूटेरस निकलवाने की प्रक्रिया भले आपको आसान लगे मगर इसके बाद महिलाओं को रिकवरी में समय लगता है। दरअसल यूटेरस निकलवाने के लिए शरीर में लंबा कट लगाया जाता है। कुछ मामलों में क्षैतिज आकार का भी होता है। इस कट के द्वारा गर्भाशय को शरीर से बाहर निकाल दिया जाता है। इस प्रक्रिया में सर्जरी के बाद हफ्तों तक महिलाओं को बेड पर आराम करना पड़ता है। इसके दौरान जो घाव या दाग पड़ता है वो भी आसानी से नहीं जाता है। कुछ मामलों में ये महीनों तक रह जाता है जबकि कुछ में सालों तक इसका निशान नहीं जाता है।

वजाइना को भी होता है नुकसान

यूटेरस निकलवाने के बाद महिलाओं के वजाइना में भी कई तरह के साइड इफेक्ट्स होते हैं। आमतौर पर ऐसा तब होता है जब वजाइना के द्वारा यूटरस निकाला जाता है। वजाइना एक संवेदनशील अंग है। यहां की टिशूज और मांसपेशियां बहुत नाजुक होती हैं ऐसे में अगर सर्जन बहुत ज्यादा ध्यान से सर्जरी ना करे तो इस वजह से वजाइना को नुकसान पहुंच सकता है।

एनीमिया भी हो सकता है

बच्चेदानी को निकालने की प्रक्रिया में समय लगता है और कई महिलाओं में इस दौरान बहुत ज्यादा खून बह जाता है। इतनी ज्यादा मात्रा में खून निकलने के कारण कई बार महिलाएं तुरंत रिकवर नहीं कर पाती हैं और उन्हें एनीमिया की शिकायत हो जाती है। कुछ मामलों में महिलाओं में ब्लड क्लॉटिंग भी हो जाती है, जिससे फेफड़ों और दिल को भी खतरा होता है।

समय से पहले मेनोपॉज

ओवरी को निकालने की स्थिति में ज्यादातर महिलाओं में समय से पहले मेनोपॉज की स्थिति आ जाती है, जो कि महिला के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। इसकी वजह से महिलाओं का स्वभाव चिड़चिड़ा हो सकता है और उनके व्यवहार में कई तरह के बदलाव आ
सकते हैं।

आस-पास के अंगों में चोट

यूटेरस निकलवाने की प्रक्रिया में कई बार आस-पास के अंगों में भी चोट आ सकती है। महिलाओं के यूटेरस के आसपास फैलोपियन ट्यूब, आंतें, पेल्विक हड्डियां और ओवरी होती है। ये चोट कई बार खतरनाक हो सकती है और टिटनेस या इंफेक्शन की स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा कई बार अंदरूनी चोटों को भरने और ठीक होने में भी लंबा समय लगता है।

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