Home » Photo Feature » लड़की ने कहा- ‘I LOVE YOU TOO’ और यह शख्स बन गया IPS
लड़की ने कहा- 'I LOVE YOU TOO' और यह शख्स बन गया IPS
लड़की ने कहा- 'I LOVE YOU TOO' और यह शख्स बन गया IPS

लड़की ने कहा- ‘I LOVE YOU TOO’ और यह शख्स बन गया IPS

यह शख्स जिस लड़की से प्यार करता था, जब उसे प्रोपोज करने पंहुचा तो उससे बोला कि तुम हां कर दो तो दुनिया पलट दूंगा……..उसने हां कर दी और बंदा आज IPS है…..

नई दिल्ली: आज हम आपको एक ऐसे शख्स से रूबरू कराने जा रहे हैं, जिसके बारे में आप जानकर अपनेआप में कुछ ढूढ़ने का प्रयास अवश्य करेंगे|इस शख्स की संघर्षगाथा आपको कुछ करने के लिए प्रेरित करेगी|आपकेअंदर एक नयापन भरेगी|आपकी हार के अंधकार को अपने जीत के उजाले से दूर करने का काम करेगी|तो आइये जानते हैं शख्स की संघर्षगाथा…….

शख्स का नाम है मनोज शर्मा, मनोज शर्मा 2005 बैच के महाराष्ट्र कैडर के IPS हैं…..|मनोज शर्मा इस वक्त मुंबई में एडिशनल कमिश्रनर ऑफ वेस्ट रीजन के पद पर तैनात हैं|IPS मनोज शर्मा की कहानी इस देश के हर युवा के लिए मिसाल है|जाने कैसे बने आईपीएस ……

आपको बतादें कि, बीते माह उनके ऊपर उनके ही साथी अनुराग पाठक ने एक किताब लिखी है| ‘12th फेल, हारा वही जो लड़ा नहीं’ शीर्षक से लिखी इस किताब में मनोज शर्मा की जिंदगी का हर वो संघर्ष दर्ज है|

शुरुवात करते हैं उनके बचपन से…..

उनकी बचपन की कहानी बेहद संघर्ष भरी है|उनका जन्म मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में हुआ था|पढ़ाई के दौरान वो नौवीं, दसवीं और 11वीं में थर्ड डिवीजन में पास हुए थे|बताते हैं कि मनोज शर्मा 11वीं तक नकल करके पास हुए|12वीं में वो फेल हो गए, इसलिए फेल हो गए क्योंकि 12वीं में नकल करने को नहीं मिली|

मनोज शर्मा ने खुद अपने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि उन्होने तय करके रखा था कि 12वीं में वह नकल से पास हो जाएंगे| उन्हें पता था कि कहां गाइड रखनी है, कहां पर्ची छुपानी है| सोचा था कि 12वीं पास करके टाइपिंग सीखकर कहीं न कहीं जॉब कर ली जाएगी|जहां से जीवनयापन चल सके|लेकिन वो जिस स्कूल में 12वीं के पेपर दे रहे थे, उस स्कूल को इलाके के एसडीएम ने टारगेट कर लिया, और स्कूल में नक़ल नहीं होने दी|वो नक़ल नहीं कर पाए और फेल हो गए|उन्होने बताया कि उन्होने अपने फेल होने के बारे में कतई नहीं सोचा, अगर उन्होने उस समय कुछ सोचा तो यह कि इतना बड़ा आदमी कौन है जो इतना पावरफुल है, जिसकी सब लोग बात मान रहे हैं…इसके कहने पर नकल नहीं करने दी|अब उन्हें भी इतना ही पावरफुल बनना है|

मनोज शर्मा ने आगे बताया कि 12वीं में फेल होने के बाद उन्होने रोजी रोटी के लिए टेंपो चलाना शुरू किया…जहां एक दिन उनका टेंपो पकड़ गया तो उन्होने सोचा कि एसडीएम से कहकर छुड़ा सकते हैं|उनकी सब बात मानते हैं वह कह देगें टेम्पों मिल जायेगा|मनोज शर्मा ने बताया कि वो उनसे गए तो थे टेंपो छुड़वाने की बात करने लेकिन उस बारे में वो कोई बात नहीं कर पाए| उन्होने एसडीएम से सिर्फ ये पूछा कि आपने कैसे तैयारी की|आप यहां तक कैसे पहुंचे|एसडीएम ने उन्हें जो बताया वह सुनकर उन्होने मन में तय कर लिया कि अब यही करूंगा|हालांकि मनोज शर्मा ने उन्हें यह बात नहीं बताई कि वह 12वीं में फेल हैं|

मनोज शर्मा बताते हैं कि बस, कुछ ही दिन में मैं अपने घर से थैला लेकर ग्वालियर आ गया|यहां पैसे और खर्च न होने के कारण मैं मंदिर के भिखारियों के पास सोता था| फिर ऐसा वक्त भी आया जब मेरे पास खाने तक को नहीं होता था| लेकिन किस्मत थी कि यहां लाइब्रेरियन कम चपरासी का काम मिल गया| मैं जब कवियों या विद्वानों की सभाएं होती थीं तो उनके लिए बिस्तर बिछाना और पानी पिलाने का काम किया करता था|यहां लाइब्रेरी में गोर्की और अब्राहम लिंकन को पढ़कर लगता था कि हम इनकी तरह क्यों नहीं बन सकते|यहां मैंने मुक्तिबोध जैसे कवि के बारे में जाना|

लोगों के कुत्ते टहलाये……

मनोज शर्मा बताते हैं कि संघर्ष करते-करते उन्होने ग्वालियर से दिल्ली तक का सफर तय कर लिया|वो किसी तरह संघर्ष करके दिल्ली तक आ गए| अब यहां आकर इतने बड़े शहर में बिन पैसे कोई कैसे रह सकता है|पैसे की जरूरत थी तो बड़े घरों के कुत्ते टहलाने का काम पकड़ लिया|400 रुपये प्रति कुत्ता खर्च मिल जाता था|

यहां मिला एडमिशन तैयारी हुई शुरू……

मनोज शर्मा बताते हैं सर विकास दिव्यकीर्ति ने मुझे बिना फीस के अपने कोचिंग सेंटर में एडमिशन दे दिया|यहीं से शुरु हुई उनकी तैयारी|मनोज शर्मा बताते हैं कि उन्होने सोचा था कि एसडीएम ही बनना है,और उन्होने तैयारी भी इसी लेवल से शुरू की|लेकिन तैयारी धीरे धीरे तैयारी उच्च लेवल पर जाने लगी|मनोज शर्मा ने बताया कि उनकी तैयारी तो उच्च लेवल पर जा रही थी परन्तु इस बीच उनकी एक एक चीज उनकी कमजोरी बन रही थी|मनोज शर्मा कहते हैं कि वह एक लड़की से प्यार करते थे लेकिन उस लड़की से वह अपने दिल की बात कह नहीं पा रहे थे| जब वह पढ़ाई करते तो लड़की के बारे में यह सोचने लगते कि क्या वह उन्हें पसंद करेगी|क्योंकि वह 12वीं फेल हैं|कहीं वो कह न दे कि तुम 12वीं फेल हो|लेकिन उससे अपने दिल की बात कह बिना तैयारी भी नहीं हो पा रही थी|आखिरकार कह ही दिया, जो होगा देखा जायेगा|

जाकर बोल दिया…..

मनोज शर्मा बताते हैं कि मैं जिस लड़की से प्यार करता था उसके पास गया और उससे कहा कि अगर तुम हां कर दो, मेरा साथ दो तो मैं दुनिया पलट सकता हूं| उसने मेरी हां में हां मिला दी, इस तरह मोहब्बत में जीत के बाद मैंने पढ़ाई शुरू कर दी और चौथे अटेम्प्ट में आईपीएस बन गया|

मनोज शर्मा बताते हैं कि पहले अटेंप्ट में प्री निकाल दिया, मेन्स नहीं निकाल पाया|दूसरे, तीसरे अटेंप्ट प्री भी नहीं निकाल पाया|हालांकि चौथी बार में मैंने प्री निकाल पाया और फिर मेन्स देने गया तो उसमें 100 नंबर का टूरिज्म पर निबंध लिखना था, मैंने टेरेरिज्म पर निबंध लिख दिया|इसकी वजह थी कि अंग्रेजी में बहुत कमजोर था|लेकिन मैंने आईपीएस क्रैक कर दिया|

मनोज शर्मा पर किताब लिखने वाले अनुराग पाठक ने लोगों को क्या दी सलाह…..

मनोज शर्मा पर किताब लिखने वाले अनुराग पाठक ने एक इंटरव्यू में कहा कि आज युवकों को इनकी कहानी जानना बहुत जरूरी है, क्योंकि आज के समय में जब बच्चे पास नहीं हो पाते तो संशय में चले जाते हैं| इसको लिखने के पीछे मुझे उन्हें प्रेरित करने का उद्देश्य रहा है|

Check Also

JNU के छात्र करेंगे संसद में भारी मात्रा में घेराव, पुलिस बल की तैनाती

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में नए हॉस्टल मैनुअल के विरोध में छात्रों ने जेएनयू से …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share
See our YouTube Channel