इस गांव में बसे हैं सिकंदर के वंशज, यहां किसी भी चीज को छूने पर अदा करना पड़ता है जुर्माना
Thursday, October 18, 2018
Breaking News
Home » Photo Feature » इस गांव में बसे हैं सिकंदर के वंशज, यहां किसी भी चीज को छूने पर अदा करना पड़ता है जुर्माना
इस गांव में बसे हैं सिकंदर के वंशज, यहां किसी भी चीज को छूने पर अदा करना पड़ता है जुर्माना

इस गांव में बसे हैं सिकंदर के वंशज, यहां किसी भी चीज को छूने पर अदा करना पड़ता है जुर्माना

चंडीगढ़। हिमाचल की कुल्लू की वादियों में एक गांव ऐसा भी है जहां किसी भी चीज को बाहरी आदमी छू नहीं सकता है। अगर भूल से कोई बाहरी आदमी या पर्यटक किसी चीज को छू ले तो इस गांव के देवता के कायदे कानूनों के मुताबिक उसे जुर्माना अदा करना पड़ता है।

पर्यटकों के लिए गांव में रहने की व्यवस्था नहीं है, इसलिए गांव के बाहर टैंट में रहना पड़ता है।कुल्लू के इस गांव में अगर किसी बाहरी व्यक्ति ने किसी भी चीज को छुआ तो उसे जुर्माना लगता है

और ये रकम 1000 से 2500 रुपए तक है।

कुल्लू का ये गांव खासा पुराना है और अपनी विचित्र परंपराओं की वजह से चर्चित इस गांव के

लोग खुद को सिकंदर के वंशज मानते हैं। यहां पर भारतीय कानून नहीं चलते।

यहां की अपनी संसद है जो सारे फैसले खुदकरती है।भारत का अंग होते हुए भी मलाणा की अपनी एक अलग न्याय और कार्यपालिका है।

यहां की संसद के दो सदन हैं।पहला ऊपरी सदन और दूसरा निचला सदन,

जिसे यहां पर ज्येष्ठांग और कनिष्ठांग कहा जाता है।

ज्येष्ठांग में कुल 11 सदस्य होते हैं, जिसमें तीन सदस्य स्थायी और

बाकी के आठ लोगों को गांव वाले मतदान के जरिए चुनते हैं।

ऐसे ही कनिष्ठांग सदन में गांव के प्रत्येक घर से प्रतिनिधित्व दिया जाता है।जोकि घर का बुजुर्ग आदमी होता है और अगर किसी सदस्य की मौत हो जाए तो पूरे ज्येष्ठांग सदन को दोबारा चुना जाता है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share