Home » ब्रेकिंग न्यूज़ » बद्दी में नकली ITC बिलों के आधार पर कंपनी ने की करोड़ों रूपए की ठगी

बद्दी में नकली ITC बिलों के आधार पर कंपनी ने की करोड़ों रूपए की ठगी

बद्दी, सुमीत शर्मा बरोटीबाला l फर्जी कंपनी के नाम पर बिल बनाकर करोड़ों रूपए की खरीददारी करके आइटीसी के तहत करोड़ों रूपए का घोटाला करने का मामला सामने आया है। हालांकि अभी इस मामले की जांच चल रही है तथा घोटाला कई करोड़ तक पहुंच सकता है। मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग के परवाणू मंडल को सूचना मिली थी कि काला अंब में बैटरियों के लिए सीसा सिल्लियां बनाने का निर्माण में जुटी एक कंपनी ने फर्जी बिलों के आधार पर करोड़ों रूपए का गबन किया है। इस सूचना को आधार बनाते हुए उपायुक्त वरूण कुमार ने अपनी टीम के साथ उस कंपनी में तालाशी अभियान शुरू किया तो यह सच सामने आया है कि इस कंपनी ने फर्जी बिल बनाकर आईटीसी का गलत प्रयोग करते हुए करोड़ों रूपए का घोटाला किया है। मैसर्स सरस्वती स्पिनिग और वीविंग मिल्स कंपनी बैटरी के लिए सीसा सिल्लियां बनाने के काम में लगी हुई है तथा इसने दिल्ली की एक कंपनी से सामान खरीदने के बिल तैयार किए हुए हैं। तालाशी के दौरान करीब 235 करोड़ रूपए की खरीददारी के बिल विभाग को मिले हैं जिनमें करीब सात करोड़ रूपए का घोटाला सामने आया है। इसमें अहम बात यह है कि जिस कंपनी के यह बिल दर्शाए गए हैं वह कंपनी दिल्ली में मौजूद ही नहीं है। इसमें एक  बात यह भी सामने आई है कि कंपनी के एक पार्टनर ने भी दिल्ली स्थिति किसी कंपनी के साथ किसी भी लेनदेन के  बारे में मना किया है।  ऐसे में यह स्पष्ट हो गया है कि इकाई ने कई करोड़ों रूपए के अयोग्य इनपुट टैक्स क्रे डिट (आईटीसी) का लाभ उठाया है। बताया जा रहा है कि यह कंपनी फर्जी फर्मों की चेन फ्लाई-बाय-रात ऑपरेटरों के रूप में काम करती हैं। फर्जी फर्में आईटीसी पर धोखाधड़ी करते है। जांच के दौरान सामने आया है कि उक्त कंपनी ने किसी भी अन्य फर्म से खरीददारी नहीं की है तथा जो बिल पेश किए गए हैं वह सभी नकली हैं। सूत्रों ने बताया कि कंपनी के भागीदारों में से एक ने स्वीकार किया कि उसने दिल्ली के किसी भी ऐसे आपूर्तिकर्ता से कभी संपर्क नहीं किया है जिनसे उनकी फर्म ने लगभग 235 करोड़ रूपए की खरीददारी की हो। विभाग के अधिकारियों ने  धारा 70 सीजीएसटी अधिनियम, 2017 के तहत बयान दर्ज कर लिए हैं तथा जांच अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि फर्म ने 27.14 लाख (23 लाख आईटीसी और 4.14 लाख नकदी के रूप में जमा करवा दिए हैं। सीजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 70 के तहत मामले की जांच और समन जारी है। अब तक फर्म के 4 भागीदारों को जारी किए गए हैं। कर चोरी की मात्रा में वृद्धि की संभावना है। खोज टीम में  उपायुक्त वरूण कुमार सहित 2 अधीक्षक, 3 इंस्पेक्टर और 1 हवालादार शामिल थे।

Check Also

Former Union Minister Pawan Kumar Bansal becomes new treasurer of Congress

कांग्रेस ने पवन कुमार बंसल को सौंपी एक और नई जिम्मेदारी, अब कोषाध्यक्ष का भी संभालेंगे कार्यभार

चंडीगढ़: कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार चंडीगढ़ के पूर्व सांसद व पूर्व रेल मंत्री …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share
See our YouTube Channel