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हरियाणा की तहसीलें होगी हाईटैक,72 घंटों में घर पहुंचेगी रजिस्ट्री

प्रदेश में 31 दिसंबर तक तहसीलों का रिकॉर्ड होगा ऑनलाइन

सेवानिवृत्त कानूनगो व पटवारियों की होगी अनुबंध पर नियुक्ति

चंडीगढ़। हरियाणा की तहसीलें अब हाईटैक होने जा रही हैं। पासपोर्ट दफ्तरों की तर्ज पर तहसीलों व उप-तहसीलों में काम होगा। मकान, दुकान, फ्लैट, प्लॉट या फिर खेती की जमीन का तहसील में पंजीकरण होने के 72 घंटों के भीतर पासपोर्ट की तर्ज पर घर पर ही रजिस्ट्री पहुंचेगी। रजिस्ट्री दस्तावेज लेने के लिए चक्कर नहीं काटने होंगे। प्रदेश में 140 से अधिक तहसील और सब-तहसील हैं। इनमें से केवल 11 तहसीलों में रिकार्ड अपलोड करने का काम पेंडिंग है। राजस्व विभाग ने 31 दिसंबर तक सभी तहसीलों का रिकार्ड कंप्यूटर पर ऑनलाइन अपलोड करने का टारगेट तय किया है। वहीं प्रदेश में 65 ही ऐसे गांव बचे हैं, जिनमें चकबंदी का काम अधूरा है।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री होने के नाते डिप्टी सीएम दुष्यंत सिंह चौटाला ने विभाग के अधिकारियों को 33 गांवों की चकबंदी 15 अगस्त तक पूरी करवाने के आदेश दिए हैं। वहीं बाकी के 32 गांवों में चकबंदी के लिए विभाग को 31 दिसंबर तक का समय दिया है।

विभाग में स्टॉफ की कमी को देखते हुए अधिकारियों को सेवानिवृत्त कानूनगो और पटवारी कांट्रेक्ट आधार पर नियुक्त करने की छूट भी अधिकारियों को दी गई है। यह नियुक्ति करने का फैसला इसीलिए लिया है, ताकि चकबंदी के काम को तेजी से निपटाया जा सके। चकबंदी और तहसीलों का पूरा रिकार्ड कंप्यूटर पर अपलोड होने के बाद भूमि की रजिस्ट्री व जमीन से जुड़े सभी प्रकार के कार्यों में तेजी आएगी। तहसीलों में भूमि पंजीकरण के लिए न तो चक्कर काटने होंगे और न ही लंबा इंतजार करना होगा। इस तरह का सिस्टम तहसीलों में बनाया जा रहा है कि भूमि का रजिस्ट्रेशन होने के बाद 72 घंटों के भीतर रजिस्ट्री के कागज डाक के जरिये घर तक पहुंचाए जा सकें। पट्टे (लीज) पर जमीन लेकर खेती करने वाले लोगों से अब भू-मालिकों को कब्जे का कोई खतरा नहीं रहेगा।

इसके लिए राजस्व विभाग विशेष योजना बना रही है। पट्टे की जमीन के लिए लीज का पंजीकरण करवाने के बाद यह खतरा खत्म हो जाएगा। इसके लिए किसानों को 200 रुपये प्रति एकड़ प्रतिवर्ष के हिसाब से फीस देनी होगी। इसके बाद पटवारी अपनी रिपोर्ट देगा। इतना ही नहीं, इससे ‘जे’ फार्म, फसल के खराब होने पर मिलने वाले मुआवजे आदि से जुड़े झगड़े भी खत्म होंगे।

इस मामले में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत सिंह चौटाला ने बताया कि तहसीलों को पूरी तरह से स्ट्रीम लाइन किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि मैन्युअल काम कम से कम हो। ऐसा सिस्टम बनाया जा रहा है कि तहसील में रजिस्ट्रेशन के 72 घंटों के भीतर लोगों के घर पर डाक से रजिस्ट्री के दस्तावेज पहुंचेंगे। 65 गांवों में चकबंदी का काम अधूरा है। इसे 31 दिसंबर तक दो चरणा में पूरा करने का टारगेट रखा है।

शुक्रवार को प्रदेश में हुई सर्वाधिक रजिस्ट्रीयां

हरियाणा सरकार द्वारा राजस्व के दृष्टिकोण से एक जून से शुरू हुए अनलॉक के दौरान प्रदेश में रजिस्ट्रीयां शुरू करवाई थी। जिसके चलते शुक्रवार को राज्य की तहसीलों में हुई रजिस्ट्री सर्वाधिक रही। प्रदेशभर में कुल 3455 रजिस्ट्री हुई और इनसे सरकार को 27 करोड़ 50 लाख रुपये का राजस्व हासिल हुआ। इनमें अधिकांश रजिस्ट्री शहरी क्षेत्रों से जुड़ी हैं। यह अब तक का रिकार्ड है।

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