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लघु कथा–“दिखावा”

अनुराग चतुर्वेदी
अनुराग चतुर्वेदी

लघु कथा-राजु का मोबाइल बज रहा था और राजु टी वी देखने मे मस्त था ,तभी उसकी माँ ने आकर उस के सर पर चपत लगाते हुए कहा ‘दिन भर या तो नेता जी के पास या फ़िर मोबाइल और कुछ नही तो टी वी मे मुह दिये रहते हो, कब से फ़ोन बज रहा है तुन्हारे सेल्फ़ी नेता जी का फ़ोन बज रहा है देखो अब क्या नया खेला रचाने वाले है ‘सर पे चपत पड़ते ही राजू की तन्द्रा भंग हो गयी और उसने झट से अपनी माँ से फ़ोन ले लिया और बाहर निकल कर फ़ोन उठाया ‘हेलो नेता जी, पायलागू आदेश किजीये का काम है

‘राजु अपने चिरपरीचित अन्दाज मे सेल्फ़ी नेता जी से बोला तब तक नेता जी का पारा चढ़ चुका था ‘का रे राजुआ … ज्यादा दिमाग खराब हो गया है कितनी देर से फ़ोन बज रहा है का कर रहे थे.. अरे इतनी देर मे फ़ोन उठाओगे तो का खाक तैयारी करोगे चुनाव की.. जितना भरोसा तुम पर किये है उतना ही नखरा दिखा रहे हो.. अब फ़ोन रखो और तुरंत पार्टी कार्यालय पहुंचो साथ मे चेला लोगो को भी बोल दो कि जल्दी पहुचे.. कहते हुये नेता जी का फ़ोन कट गया. राजू को कुछ बोल ने का मौका ही नही मिला उसने जल्दी से सेल्फ़ी वाटसअप ग्रुप पर मैसेज डाल दिया ‘अर्जेन्ट सेल्फ़ी ऐट कार्यालय ‘लिख कर बाइक की चाभी उठाने लगा तो माँ की कर्कश आवाज फ़िर उसे सुनाई पड़ने लगी ‘ रात को देर से लौट कर आये तो बाहर ही सोना दरवाजा नही खुलेगा..कहते कहते बड़बड़ा ने लगी.. पता नही किस नासपीटे उस सेल्फ़ी नेता का चस्का पाला है

ना दिन की सुध है ना रात की…… राजु कार्यालय पहुंचा ही था तब तज सारे कार्य कर्ता पहुंच चुके थे सब के चेहरे पर एक ही बात थी कि अचानक क्या हुआ ,अभी अभी तो लोक डाउन की घोषणा हुई है और फ़िर रात मे क्या काम आ गया, अचानक सेल्फ़ी नेता जी की सवारी आ गयी वो भी पैदल आये थे, राजु ने नेता जी का जयकारा लगवाया जिसका सब ने मिल कर साथ दिया. नेता जी ने बीचो बीच खड़े हो कर कहा ‘कल हम लोग गरीबो कि सेवा हेतु खाना पानी की आपूर्ति करेगे सभी लोग सुबह यही पर मिले…और राजु तुम टी वी वालो को बोल देना और सब का पास राजु को दे रहे है सब अभी ले लेना और सुनो राजु तुम पास बाट कर मुझसे मिल कर जाना’ कहते हुए नेता जी अपने कमरे मे चले गये. राजु ने सब को झटपट पास बाटा और सुरेश को रुकने को कह कर नेता जी के कमरे मे पहुंच गया.. ‘जी. नेता जी आदेश करे.. राजु बोला.. सुन राजुआ कल अपने सभी साथियों को बोल दें कि फ़टे पुराने कपडे पहन कर आयेंगे और सुनो लाला सरजु मल को बोल देना कि गरीबो के लिये कल से खाना बनेगा पार्टी कार्यालय मे, तो चन्दा दे दे..पांच लाख का चेक ले लेना बोल देना मैने कहा है..

ज्यादा ना नुकुर करे तो बोल देना लोक डाउन के बाद दुकान खुल ना पायेगी. चलो जाओ सुबह चेक ले कर आना.. ‘इतना कह कर सेल्फ़ी नेता जी चले तो राजु बोल पड़ा ‘ नेता जी सबको फ़टा कपडा काहे पहन कर आने को बोले है.. “नेता जी बोले “सब अभी जान लोगे तो सुबह क्या करोगे ,जाओ सुवह जल्दी आना …चेक लाना मत भुलाना “कह कर नेता जी अपने घर चल दिये जो कि पार्टी कार्यालय के बगल मे ही था.राजु जल्दी से सुरेश के साथ घर की ओर चल दिया ..”.सुरेश आज मेरे घर पर रुक जा सुबह बहुत कान है अपने घर बोल दे “कहते हुए राजु ने बाइक स्टार्ट कर दी पीछे बैठे बैठे सुरेश ने घर पे फ़ोन कर दिया कि पार्टी कार्यालय मे रुक गया है घर पहुंच कर माँ की चार बातों को सुनते सुनते राजु और सुरेश ने खाना खाया और दोनो छत पे बने कमरे मे चल दिये. सुबह जल्दी नहा धो कर दोनो पार्टी कार्यालय के लिये निकल पड़े, थोड़े दूर चले ही थे कि अचानक राजु को याद आ गया कि सेठ जी से मिलना है तो उसने अपनी बाइक सेठ के घर की ओर मोड़ दी… राम राम.. कहते हुए राजु सेठ जी के पास पहुंच गया..

“अरे राजू इतनी सुबह कैसे आना हुआ ..क्या हुआ. “सेठ जी बोले.. वो… नेता जी से बात कर ले ..राजु ने कहा. नेता जी बोल पड़े ‘कितना चाहिए ..राजु बोला.. ‘पांच बोले है.. “है ….पांच बहुत ज्यादा है.. …”ठीक है हम जा रहे है अब आप नेता जी से ही बात कीजियेगा वो मैने ही कम कराया था नही तो नेता जी तो दस बोल रहे थे अब आप उन्हें ही दिजीयेगा “कहते हुए राजु चल दिया.. रुको राजु मै लाया ” कहते हुए सेठ जी पांच लाख नकद और दस हजार अलग से राजु को दे कए बोले “ये तुम्हारे है “राजु राम राम करता हुआ चल दिया.

पार्टी कार्यालय मे सब पहुंच चुके थे ऐसा लग रहा था कि फ़ैन्सी ड्रेस मे सब आये थे. नेता जी का जय कारा लग ने लगा और सेल्फ़ी नेता जी आ गये थे. नेता जी पुरे परिवार के साथ थे. आते ही उन्होने राजु को बुलाया ‘राजु ने पैसे निकाल कर दे दिये तो नेता जी ने मुस्कराते हुए राजु की पीठ थपथपाई और दस हजार उसे देते हुए कहा ‘ये तुम्हारा इनाम.. रख लो.. और बाहर आ कर सभी पार्टी कार्य कर्ता को लाइन से बैठा दिये और अपने घर से लाये खाली मिठाई के दो डिब्बे पकड़ कर खड़े हो गए. एक पार्टी कार्य कर्ता जो सबसे ज्यादा फ़टे कपड़े पहन कर आया था

उस्को बुला कर लोकल टी वी वालो से कैमरा चलाने को बोले. साथ ही सेल्फ़ी कार्यक्रम भी चालु हो गया. थोड़े देर मे सब के लिये चाय बिस्कुट नेता जी के घर से आ गया और सभी खा पी कर अपने घर चले गये. अगले दिन फ़ेसबुक और वाटसअप के साथ अखबारो मे भी सेल्फ़ी नेता जी के चर्चे हो रहे थे कि बड़े पुण्य का काम नेता जी कर रहे है.

अनुराग चतुर्वेदी
वरिष्ठ प्रबन्धक
सेन्ट्रल बैंक आफ़ इंडिया

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