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Sector 48 Hospital

सेक्टर 48 : करोड़ों का अस्पताल, दिखावे के मरीज

दक्षिणी सेक्टरों के लोगों को मिलनी थी सहूलियत, करोड़ों की लागत के अस्पताल में हो रही महज खानापूर्ति

Sector 48 Hospital : करोड़ों की लागत से बने सेक्टर 48 के सरकारी अस्पताल में दोबारा से गवर्नमेंट मेडिकल कालेज एवं अस्पताल सैक्टर 32 के दो वार्ड शिफ्ट कर दिये गए हैं। मनोरोग (साइकियेट्री) व रेडियोथेरेपी ओंकोलॉजी विभाग के मरीज इन वार्डों में फिलहाल शिफ्ट कर दिये गए हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने योजना बनाई थी कि इस नए बने अस्पताल में कैंसर, त्वचा रोग (डर्मेटोलॉजी), ईएनटी व मनोरोग विभागों को शिफट कर दिया जाएगा। लेकिन फिलहाल केवल मनोरोग और रेडियोथेरेपी ओंकोलॉजी को वार्ड को ही यहां शिफ्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार इन विभागों की ओपीडी जीएमसीएच 32 में ही चल रही है। योजना के अनुसार दूसरे वार्डों को कब शिफ्ट किया जाएगा, इस बारे कोई कोई खुलासा करने को तैयार नहीं। जीएमसीएच 32 के एक अधिकारी से जब इस बाबत जानकारी ली गई तो उन्होंने कहा कि इस बाबत वह कुछ बताने की स्थिति में नहीं हैं। जैसे ही आदेश आएंगे, दूसरे वार्डों को भी शिफ्ट कर दिया जाएगा। चंडीगढ़ प्रशासन ने योजना बनाई थी कि इस अस्पताल से दक्षिणी सेक्टरों के लोगों को फायदा मिलेगा। पंजाब की ओर से भी लोग इस अस्पताल का फायदा ले सकेंगे लेकिन योजना पर विराम लग गया लगता है।

Sector 48 Hospital : यहां बता दें कि कोरोना की शुरुआत के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन ने इस अस्पताल में 100 बैड का कोविड अस्पताल बना दिया था। यहां 10 वैंटीलेटरों की भी व्यवस्था कर दी गई थी। एक्स-रे, ईसीजी मशीनें भी यहां रखवाई गई थी। कोविड काल के दौरान यहां मरीज पहुंचे भी लेकिन जितनी लागत इस अस्पताल को बनाने पर प्रशासन की आई, उसके अनुरूप अभी भी इसका उपयोग नहीं हो पा रहा। प्लान के मुताबिक इस अस्पताल की बिल्डिंग चार स्टोरी बिल्डिंग होगी। अभी बिल्डिंग का अधिकांश हिस्सा खाली पड़ा है। जानकारी के अनुसार इस अस्पताल में 74 डॉक्टर, 161 पैरामेडिकल स्टाफ, 10 प्रशासनिक अधिकारियों सहित कुल 248 पोस्टें भरने की योजना थी लेकिन इन्हें भरने की अनुमति नहीं मिली। प्रिंसिपल हेल्थ सचिव अरुण कुमार गुप्ता ने डाक्टरों सहित पैरामेडिकल स्टाफ भर्ती करने की अनुमति मांगी थी लेकिन हेल्थ विभाग की ओर से इनकार कर दिया गया। करोड़ों की लागत से बना अस्पताल खंडहर में तबदील होने लगा। फिलहाल अस्पताल की बिल्डिंग की हालत ज्यादा बेहतर नहीं है।

Sector 48 Hospital : अधिकारी ने बताया कि मनोरोग विभाग व रेडियोथेरेपी का वार्ड भी बीते दो सप्ताह से ही शुरू हो पाया है। हालांकि यहां कोरोना अस्पताल अभी भी चल रहा है। यहां बता दें कि जीएमसीएच 32 में सालाना करीब 6 लाख मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। जीएमसीएच 32 में कुल 408 बैड हैं। 5 हजार की रोजाना ओपीडी रहती है। चंडीगढ़ के सरकारी अस्पतालों व डिस्पेंसरियों में सालाना 68 लाख मरीज इलाज को पहुंचते हैं।

मजबूरी में भेजे जीएमसीएच-32 के वार्ड

सेकटर 48 के अस्पताल में सुपर स्पेशियेल्टी उपलब्ध कराने की योजना भी बनी थी लेकिन रूटीन डॉक्टरों को भर्ती करने की ही अनुमति नहीं मिली जिसके बाद प्रशासन के अफसरों के तेवर भी इस अस्पताल को लेकर ढ़ीले पड़ गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहना शुरू कर दिया कि शहर की हेल्थ सुविधाओं में यह अस्पताल इजाफा है। इसका प्रशासन पूरी तरह से सदुपयोग करेगा। इसके बाद ही जीएमसीएच 32 के कुछ विभाग यहां शिफट करने की प्लानिंग की गई।

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