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पंजाब में नहीं बढ़ेगा लॉकडाउन: कैप्टन

पंजाब में कोरोना की स्थिति नियंत्रण में होने पर संतोष जताया

मौजूदा स्थिति के मद्देनजऱ लॉकडाऊन आगे बढ़ाने को रद्द किया

राज्य का कोविड टेस्टिंग सामथ्र्य जुलाई के अंत तक 20,000 प्रति दिन तक बढ़ाया जायेगा

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सोमवार को उम्मीद जताई कि राज्य में कोविड -19 की मौजूदा स्थिति को देखते हुये आगे कोई लॉकडाऊन नहीं लगेगा। इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वह सुरक्षा उपायों की पालना करें जिससे उनके परिवारों और राज्य का बचाव हो सके।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वह सचमुच हैरान होते थे जब वह स्वास्थ्य सुरक्षा प्रोटोकोल का उल्लंघन के दोष में लोगों को चालान करने के रोज़मर्रा की रिपोर्टों को देखते थे। उन्होंने लोगों को चेतावनी देते हुये कहा कि वह न सिफऱ् अपने स्वास्थ्य बल्कि पूरे राज्य की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों की पालना करें। उन्होंने लोगों को सलाह भी दी कि कोरोना वायरस के लक्षणों को केवल मौसमी परिर्वतन समझ कर लापरवाही न बरतें और आम फ्लू, ज़ुकाम, खाँसी, शरीर दर्द और बुख़ार की सूरत में तुरंत डाक्टर की सलाह लेकर इलाज करवाएं।

एक अन्य सवाल का जवाब देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पड़ाव में कोविड के मरीज़ों के लिए सरकारी अस्पतालों में 4248 बैड रखे गए हैं और 2014 बैड अब और जोड़े जा रहे हैं जबकि 950 बैड प्राईवेट अस्पतालों में रखे गए हैं।

बढ़ाई जाएगी टेस्टिंग सामथ्र्य की क्षमता

पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि नज़दीक भविष्य में किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य की तरफ से बड़े स्तर पर प्रबंध किये गए हैं। कोविड -19 से सम्बन्धित 28 जून तक के आंकड़े सांझे करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 5216 कोरोना वायरस के पॉजिटिव केस पाये गए हैं जिनमें से 133 की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि 23 मरीज़ हाई डिपैंडसी (एच.डी.) इकाईयों में दाखि़ल हैं जबकि कई नाजुक हालत में वैंटीलेटरों पर हैं। उन्होंने जानकारी दी कि चार नयी लैबज़ से कोविड टेस्टिंग सामथ्र्य जुलाई के अंत तक 20,000 प्रतिदिन तक बढ़ा दिया जायेगा जोकि मौजूदा समय में 10,000 प्रतिदिन के करीब है।

कोरोना काल में संयम बनाए रखने की अपील

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आगे जानकारी देते हुये बताया कि राज्य के पास महामारी के आगे फैलाव को रोकने के लिए ज़रुरी उपकरण मौजूद हैं जिस कारण वह अब तक इसको काबू पाने में सफल साबित हुए हैं। वह नहीं चाहते कि भंडारण में पड़ी इन वस्तुओं को बरतने की ज़रूरत पड़े क्योंकि उनका सारा ध्यान जानें बचाने पर है। पंजाबियों के जज़्बे की सराहना करते हुए कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने उनसे अपील भी की कि वह बड़े सार्वजनिक हितों के लिए कोरोना वायरस की इस संकट की घड़ी में संयम बनाई रखें।

कामगार लौटने लगे पंजाब

कोविड -19 के दरमियान प्राईवेट सैक्टर पर पड़े प्रभाव संबंधी पूछे गये सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने पैत्रृक राज्यों को जाने वाले कामगार अब पंजाब लौटने लगे हैं क्योंकि वह जानते हैं कि पंजाब में रोजगार के अथाह मौके हैं। हालाँकि, उन्होंने कहा कि राज्य की ज्यादातर औद्योगिक इकाईयों ने काम करना शुरू कर दिया है और जल्द ही यह इकाईयाँ पूरे निर्माण सामथ्र्य के साथ काम करना शुरू कर देंगी जिससे राज्य के राजस्व को बड़ा योगदान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें से कोई शक नहीं कि कोरोना के संकट के कारण राज्य को 33,000 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हुआ है परन्तु केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज में से एक धेला भी राज्य को नहीं दिया। केंद्र ने सिफऱ् राज्य के हिस्से का 2200 करोड़ रुपए का जी.एस.टी. दिया है जो उसका कानूनी हक है।

महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली के मुकाबले स्थिति काबू में

यह पूछे जाने पर कि क्या पंजाब सामाजिक फैलाव (कम्युनिटी ट्रांसमिशन) में दाखि़ल हो चुका है क्योंकि देश में कोविड मामलों की संख्या पाँच लाख को पार कर चुकी है और सिफऱ् बीते दिन ही 19000 केस सामने हैं तो इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र, तमिलनाडु और दिल्ली जैसे राज्यों के तुलनात्मक आधार पर पंजाब में स्थिति बहुत हद तक काबू में है। उन्होंने उम्मीद ज़ाहिर की कि कोविड के संकट से निपटने के लिए लोगों की सक्रिय हिस्सेदारी इस मन्दभागे पड़ाव को निश्चित रूप से तौर पर प्रभावित करेगी।

राजनीति करने की बजाय किसानों के साथ खड़े हों अकाली

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से हाल ही में जारी किसान विरोधी कृषि आर्डीनैंसों के मामले पर राज्य सरकार के विरोध का पूर्ण सहयोग न देकर अकालियों ने पंजाबी किसानों की पीठ में छुरा घोंपा है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल के प्रधान और लोक सभा मैंबर सुखबीर सिंह बादल को अपनी पत्नी की केंद्रीय कैबिनेट में कुर्सी बचाने और भाजपा के साथ अपनी हिस्सेदारी रिश्तों को बनाऐ रखने की बजाय अपने ज़मिर की आवाज़ सुननी चाहिए।

मंत्रीमंडल में कोई फेरबदल नहीं

मंत्रीमंडल में फेरबदल की संभावना को रद्द करते हुये कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कोविड -19 के कठिन समय में उनके मंत्री ख़ास कर स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, मैडीकल शिक्षा और अनुसंधान मंत्री ओ.पी. सोनी और ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त राजिन्दर सिंह बाजवा अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस के इस कठिन पड़ाव पर फेरबदल की कोई ज़रूरत नहीं लगती क्योंकि इस महामारी के खि़लाफ़ जंग जितना उनकी सबसे अधिक प्राथमिकता है और यदि फेरबदल की ज़रूरत हुई तो इसको बाद में विचारा जायेगा।

एहतियात की सख्ती से पालना के साथ खोल सकता हूं करतारपुर गलियारा

पाकिस्तान सरकार की तरफ से करतारपुर गलियारा फिर खोलने की पेशकश करने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार को इस संबंधी कोई ऐतराज़ नहीं परन्तु अंतिम फ़ैसला भारत सरकार द्वारा लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र की तरफ से इस सम्बन्धी पंजाब सरकार से कोई सलाह माँगी जाती है तो वह यकीनी तौर पर कोविड -19 के दरमियान स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों और सामाजिक दूरी की सख्ती से पालना के साथ रास्ता खोलने के लिए कहेंगे।

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