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हंगामे के बीच कृषि के विधेयकों पर संसद की मुहर

नाराज विपक्ष उपसभापति के खिलाफ लाया अविश्वास प्रस्ताव, फाड़ी रूल बुक

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र द्मड्ड आज 7वां दिन था। कृषि से जुड़े तीन विधेयकों पर आज संसद की अंतिम मुहर लग गई है। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच राज्यसभा में कृषि बिल ध्वनि मत से पास हो गया है। लोकसभा से ये बिल पहले ही पास हो चुके हैं। बिल के खिलाफ विपक्ष के सांसदों ने वेल में उतरकर जोरदार हंगामा किया। टीएमसी सांसद डेरेक ने राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश से सामने रूल बुक को भी फाड़ दिया। राज्यसभा काी कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद ये कानून बन जाएंगे। सदन में बिल पर वोटिंग के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। बाद में 12 विपक्षी दलों ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया।

आज राज्यसभा में कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक, 2020 और कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 पास हो गए हैं। बिल ध्वनि मत से पास हुए। इस दौरान विपक्ष के जरिए काफी हंगामा भी किया गया। हालांकि उच्च सदन से बिल पास हो गए हैं। जिसके बाद विपक्ष राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह के खिलाफ करीब 100 लोगों के दस्तखत किया हुआ प्रस्ताव संसद के नोटिस ऑफिस में सबमिट किया गया है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने कहा कि राज्यसभा के उप-सभापति को लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय, उनके रवैये ने आज लोकतांत्रिक परंपराओं और प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया है।

तीनों विधेयक पास होने पर पीएम ने अन्नदाताओं को दी बधाई, करोड़ों किसान होंगे सशक्त: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद से कृषि संबंधी दो विधेयकों को मंजूरी मिलने को ‘‘कृषि इतिहास का बड़ा दिन’’ करार देते हुए रविवार को कहा कि मैं अपने परिश्रमी अन्नदाताओं को बधाई देता हूं। और बोले अब इससे न केवल कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन होगा, बल्कि इससे करोड़ों किसान सशक्त होंगे। इसके साथ ही पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि दशकों तक हमारे किसान भाई-बहन कई प्रकार के बंधनों में जकड़े हुए थे और उन्हें बिचौलियों का सामना करना पड़ता था। संसद में पारित विधेयकों से अन्नदाताओं को इन सबसे आजादी मिली है। इससे किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयासों को बल मिलेगा और उनकी समृद्धि सुनिश्चित होगी। हमारे कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक की तत्काल जरूरत है, क्योंकि इससे मेहनतकश किसानों को मदद मिलेगी। अब इन बिलों के पास होने से हमारे किसानों की पहुंच भविष्य की टेक्नोलॉजी तक आसान होगी। इससे न केवल उपज बढ़ेगी, बल्कि बेहतर परिणाम सामने आएंगे। यह एक स्वागत योग्य कदम है।

किसान बिल कृषि जगत के लिए जरूरी: राजनाथ

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा मैं मानता हूं कि यह बिल किसान और कृषि जगत के लिए जरूरी है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। हमने वादा किया था कि हम किसान की आमदनी बढ़ाएंगे। हमने ऐसा किया भी है। किसानों के बीच गलतफहमी पैदा की जा रही है। हकीकत यह है कि दोनों बिल लागू होने के बाद हमारा किसान उसकी फसल पूरी आजादी के साथ बेच सकेगा, जहां वह बेचना चाहता है। हमारी सरकार ने एमएसपी बढ़ाया है। राज्यसभा में उपसभापति के साथ जो व्यवहार हुआ है वह गलत है। रूल बुक को फाडऩा, आसंदी के ऊपर चढ़ जाना, जहां तक मैं जानता हूं, संसदीय इतिहास में ऐसी घटना न कभी लोकसभा में हुई, न ही राज्यसभा में। यह राज्यसभा में होना तो और भी बड़ी बात है। संसदीय लोकतंत्र में मर्यादाओं का महत्व होता है। इस प्रकार की जो भी कार्यवाही की गई है मैं उसकी निंदा करता हूं। मैं स्पष्ट करता हूं कि इस तरह की कार्यवाही से उनकी छवि पर तो आंच आई है, मगर मुझे गहरी चोट पहुंची है। यह चेयरमैन ही फैसला लेंगे कि जिन्होंने गलत व्यवहार किया है उनके खिलाफ क्या एक्शन लेना है।

सरकार ने किसानों के खिलाफ मौत का फऱमान निकाला: राहुल

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कृषि बिल को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल ने इन बिल को किसानों के लिए मौत का फरमान बताया. उन्होंने कहा कि जो किसान धरती से सोना उगाता है, मोदी सरकार का घमंड उसे ख़ून के आँसू रुलाता है। राज्यसभा में आज जिस तरह कृषि विधेयक के रूप में सरकार ने किसानों के खिलाफ मौत का फरमान निकाला है, उससे लोकतंत्र शर्मिंदा है।

आज देश के इतिहास के लिए ‘काला दिन’: कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा है कि राज्यसभा में किसान संबंधी विधेयक को जिस तरह से पारित कराया गया है वह असंवैधानिक तथा किसानों के खिलाफ है और इससे आज के दिन को देश के इतिहास में ‘काला दिन’ के रूप में याद किया जाएगा। कांग्रेस नेता अहमपद पटेले, प्रताप सिंह बाजवा, अभिषेक मनु सिंघवी तथा शक्तिसिंह गोहिल ने रविवार को यहां संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस विधेयक को राज्यसभा में जिस तरह से पारित कराया गया है वह लोकतंत्र की हत्या है। सरकार के इसी रवैये को देखते हुए पार्टी उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लायी है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी मनमानी करती रही है। वह पहले भूमि अधिग्रहण विधेयक लेकर आयी थी लेकिन उसे इस विधेयक को वापस लेना पडा और अब खेती को कारपोरेट क्षेत्र को देना चाहते हैं।

विधेयक के खिलाफ गैर-भाजपा दल एक हो: केजरीवाल

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को सभी गैर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्टियों से किसानों से जुड़े विधेयकों को पारित नहीं होने देने के लिए एकजुट होने की अपील की है। लोकसभा इन विधायकों को पारित कर चुकी है और अब इन्हें राज्यसभा में पेश किया गया है। विधेयकों का विरोध करते हुए भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी और नरेन्द्र मोदी सरकार में शामिल अकाली दल प्रतिनिधि हरसिमरत कौर बादल ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस भी विधेयकों को किसान विरोधी बता कर विरोध कर रही है। श्री केजरीवाल ने आज ट्वीट किया, आज पूरे देश के किसानों की नजऱ राज्य सभा पर है। राज्य सभा में भाजपा अल्पमत में है। मेरी सभी ग़ैर भाजपा पार्टियों से अपील है कि सब मिलकर इन तीनों बिलों को हरायें, यही देश का किसान चाहता है। आप पार्टी के राज्यसभा में तीन सांसद हैं। इससे पहले भी शुक्रवार को श्री केजरीवाल ने कहा था, केंद्र के तीनों विधेयक किसानों को बड़ी कंपनियों के हाथों शोषण के लिए छोड़ देंगे मेरी सभी ग़ैर भाजपा पार्टियों से विनती है कि राज्यसभा में एकजुट होकर इन विधेयकों का विरोध करें, सुनिश्चित करें कि आपके सभी सांसद मौजूद हों और वॉकआउट का ड्रामा ना करें। पूरे देश के किसान आपको देख रहे हैं।

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