तस्करों के निशाने पर है वियाग्रा तैयार करने वाली ये बूटी, इंटरनेशल मार्केट प्राइस है 60 लाख रुपए प्रतिकिलो
Saturday, December 15, 2018
Breaking News
Home » Photo Feature » तस्करों के निशाने पर है वियाग्रा तैयार करने वाली ये बूटी, इंटरनेशल मार्केट प्राइस है 60 लाख रुपए प्रतिकिलो
तस्करों के निशाने पर है वियाग्रा तैयार करने वाली ये बूटी, इंटरनेशल मार्केट प्राइस है 60 लाख रुपए प्रतिकिलो

तस्करों के निशाने पर है वियाग्रा तैयार करने वाली ये बूटी, इंटरनेशल मार्केट प्राइस है 60 लाख रुपए प्रतिकिलो

चंडीगढ़। हिमालयी क्षेत्रों में मिलने वाली एक दुर्लभ उत्तराखंड और नेपाल के तस्करों के निशाने पर है। इस बूटी का कारोबार अवैध है, भारत में यह बूटी प्रतिबंधित श्रेणी में है। इस बूटी की चीन जैसे देशों में खासी डिमांड है, क्योंकि इस बूटी से सेक्स पावर बढ़ाने वाली वियाग्रा तैयार की जाती है। अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में सूखी हुए इस बूटी की कीमत करीब 60 लाख रुपए है। जबकि दिल्ली में इस बूटी करीब 10 लाख रुपए कीमत है।

क्या है कीड़ा जड़ी…

कीड़ा जड़ी एक तरह की फफूंद है जो हिमालय के दुर्गम क्षेत्रों में पाई जाती है। यह एक कीड़े पर हमला करती है, और उसे चारों तरफ से अपने आप में लपेट लेती है। उत्तर भारत में इसे जहां कीड़ा जड़ी कहा जाता है, वहीं तिब्बत में इसे यारसागुम्बा के नाम से जानी जाती है। चीन में कीड़ा जड़ी को वासनोत्तेजक मेडिसिन के तौर पर प्रयोग किया जाता है। हिमालय के साथ सट्टे हिमालय के गांव वालों के लिए यह आय का एक साधन बना हुआ है, हालांकि इसका कारोबार बार कानूनन जुर्म है।

नेपाल में वैध करोबार…

नेपाल में भी 2001 तक इस पर प्रतिबंध था पर इसके बाद नेपाल सरकार ने प्रतिबंध हटा लिया। अब नेपाल सरकार ने इसके उत्पादक क्षेत्रों में यार्सागुम्बा सोसायटी बना दी है जो की लोगो से यार्सागुम्बा को लेकर आगे बेचती है। बीच में नेपाल सरकार प्रति किलोग्राम 20000 रुपए रॉयल्टी वसूलती है। जून में नेपाल में यार्सागुम्बा को इकठ्ठा करने की होड़ मच जाती है और गांव के गांव खाली हो जाते है। लोग पहाड़ों पर ही टेंट लगाकर रहते है और इसे इकठ्ठा करते है। यार्सागुम्बा को इकठ्ठा करना नेपाली लोगों के लिए काफी फायदे का सौदा है इससे वो 2500 रुपए प्रतिदिन तक कमा लेते है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share