Wednesday, September 18, 2019
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अब हरियाणा में आधुनिक और वातानुकुलित सिनेमा हाल पहुंचेगा गांवों की दहलीज पर

निर्देशक सतीश कौशिक ने कुरुक्षेत्र के 4-5 बड़े गांवों में सिनेमा स्पॉट बनाने का रखा प्रस्ताव

कुरुक्षेत्र। बालीवुड के प्रसिद्ध हास्य कलाकार एवं निर्माता, निर्देशक सतीश कौशिक ने कहा कि पुराने समय में लोग फिल्में देखने के लिए सिनेमाघरों में जाते थे, लेकिन अब हरियाणा में आधुनिक और वातानुकुलित सिनेमा हाल गांव की दहलीज तक पहुंचेंगा ताकि आमजन अच्छे वातावरण में बैठकर फिल्मों के माध्यम से मनोरंजन कर सके। अहम पहलु यह है कि इस योजना से सिनेमा जगत को भी सरंक्षित करने का काम किया जा सकेगा। वे सोमवार को उपायुक्त कार्यालय में उपायुक्त डा. एसएस फुलिया से हरियाणा प्रदेश में सिनेमाघरों के नए कन्सेप्ट को लेकर चर्चा कर रहे थे। इससे पहले उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने निर्माता, निर्देशक सतीश कौशिक का लघु सचिवालय पहुंचने पर पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत किया और नए कन्सेप्ट पर लम्बी चर्चा भी की है। यहां पर 17 मई को रिलीज हुई फिल्म छोरियां छोरों से कम नहीं होती पर चर्चा की गई और इस फिल्म को पिक्चर टाईम थियेटर के माध्यम से शाहबाद व आसपास के गांव में दिखाया जाएगा। यह फिल्म बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देने का काम कर रही है।

उपायुक्त डा. एसएस फुलिया ने भी इस फिल्म की जमकर सराहना की और यह फिल्म समाज को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश देकर अपने सामाजिक दायित्व का भी निर्वाह कर रही है। निर्देशक सतीश कौशिक ने कहा कि थियेटर की प्रथा और कला धीरे-धीरे कम हो रही है। हरियाणा प्रदेश में केवल गुरुग्राम और फरीदाबाद में ही कुछ थियेटर बचा है, बाकी जिलों में थियेटर अपनी पहचान खो चुका है। इस पहचान को बरकरार रखने के प्रयास किए जाने जरुरी है, ताकि कला, कलाकारों और सिनेमा को संरक्षण मिल सके। उन्होंने कहा कि छतीसगढ़ व गोवा की तर्ज पर हरियाणा प्रदेश में पिक्चर टाईम के कन्सेप्ट को लाया जाएगा।

इस योजना के तहत हरियाणा प्रदेश के गांवों में अस्थाई सिनेमाघर स्थापित किए जाएंगे ताकि लोगों को गांव में ही किफायती दामों पर अच्छी फिल्में दिखाई जा सके। गांव में जो अस्थाई सिनेमा घर स्थापित किए जाएंगे। वे वातानुकुलित होने के साथ-साथ सुविधाजनक सीटो व तमाम सुविधाओं से लैस होंगे। यह सिनेमाघर मल्टीपलैक्स हाल को भी मात देगा। इन सिनेमाघरों के माध्यम से जहां फिल्में दिखाकर लोगों का मनोरंजन किया जाएगा वहीं शिक्षा और संस्कारों से जुड़ी फिल्मों तथा योजनाओं और नीतियों को भी दिखाया जाएगा ताकि योजनाएं आम व्यक्ति तक पहुंच सके।

10 लाख लोगों पर रहे मात्र 12 सिनेमाघर

निर्माता सतीश कौशिक का कहना है कि देश में अब 10 लाख लोगों पर केवल 12 सिनेमाघर ही रह गए है, लेकिन नए कन्सेप्ट से इस क्षेत्र में एक नई क्रांति पैदा होगी। सिनेमाघर कहीं भी और कभी भी देखें जा सकेंगे। उन्होंने उपायुक्त डा. एसएस फुलिया से कहा कि कुरुक्षेत्र धर्मनगरी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है और हजारों पर्यटक रोजाना इस पवित्र भूमि पर पहुंचते है। उनकी इच्छा है कि कुरुक्षेत्र में भी 4 या 5 गांवों में सिनेमा हाल स्पॉट चिन्हित किए जाए ताकि कुरुक्षेत्र के लोगों को गांव में जाकर फिल्में दिखाई जा सके।

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