Saturday, September 21, 2019
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जीवन में कोई लक्ष्य असंभव नहीं होता : मुनिश्री विनय कुमार आलोक जी

आगे बढ़ते हुए हमेशा इस बात को याद रखें कि जीवन में कोई लक्ष्य असंभव नहीं होता। जब आप शुरूआत में चीजों को देखेंगे तो वे असंभव ही नजर आएंगी लेकिन अगर आप उनकी तरफ बढऩा शुरू करते हैं या छोटे-छोटे प्रयास शुरू करते हैं तो उन्हें पाना कठिन नहीं होगा।इस जीवन में कोई लक्ष्य असंभव नहीं है, यह भरोसा हमेशा बनाए रखें। असंभव के भय से खुद को हतोत्साहित न करें और रुकें नहीं। अपने मन में यह विश्वास बनाए रखें कि जीवन में हर चीज संभव है और उसे हासिल किया जा सकता है। अगर आप इस विश्वास के साथ आगे बढ़ेंगे तो कभी लक्ष्य बड़े और कठिन भी नहीं लगेंगे। अपने लक्ष्यों की तरफ बढऩे से पहले ही मन में नकारात्मक भाव लाना आपके प्रयास पर बुरा असर डालता है। इसलिए कठिन लक्ष्य भी सामने हो तो उसे चुनौती की तरह देखें। अपने श्रेष्ठ प्रयास करें और आप पाएंगे कि यह उतना मुश्किल भी नहीं था। ये शब्द मनीषी संत मुनिश्री विनय कुमार जी आलोक ने ठाणं सूत्र का वाचन करते हुए सैक्टर 24 सी अणुव्रत भवन तुलसी सभागार मे कहे।

मनीषी श्रीसंत ने आगे कहा हम जो भी राह चुनते हैं, वह हमें नए अनुभव देती है। हर व्यक्ति अपने विचारों के अनुरूप अपने रास्ते अख्तियार करता है। कई बार हमें डराया जाता है और हमारे मन में भी संशय पैदा होते हैं कि हमें कौन-सा रास्ता चुनना चाहिए लेकिन चुनें वही जो मन में हो। वह रास्ता कठिन भी हुआ तो भी आप उस पर आगे बढ़ते हुए पूरे मन से मेहनत करेंगे। यह रास्ता ही आपको संतुष्टि देगा। अपनी पसंद की राह चुनने के बाद भले ही असफलता मिले लेकिन वह भी बहुत कुछ सिखाती है। बने-बनाए या दिए गए रास्तों पर आगे बढऩे से शायद हम वैसा संतोष हासिल नहीं कर पाते हैं जैसा हमें खुद के रास्ते तलाशकर आगे बढऩे में मिलता है।

मनीषी श्रीसंत ने कहा हमें हमेशा यह याद रखना चाहिए कि आगे जीवन में जो भी चीजें आएंगी उनके कई रंग हो सकते हैं और हर रंग का हमें पूरे उत्साह के साथ स्वागत करना चाहिए। जीवन कभी भी एकरंगी या एकरस नहीं होगा। उसमें विविधता होगी ही। आगे बढ़ते हमें चीजों को स्वीकार करना होगा, उनके प्रति शिकायत का भाव रखने पर हम पीछे की ओर देखने लगेंगे और हमारे आगे का सफर प्रभावित होगा। अपने सपनों का पीछा करते हुए हमारे पास इतना समय होना चाहिए कि हम जीवन की अच्छाइयों पर गौर कर सकें। कुछ देर राहत को महसूस कर सकें। इसका समय हमेशा अपने जीवन में बनाए रखना चाहिए वरना जीवन मशीनी हो जाएगा। आगे बढ़ते हुए अपने हर दिन में हम डर, हताशा, निराशा, गुस्सा, प्रेम और कई तरह की भावनाओं के संपर्क में आते हैं लेकिन हमें उन सभी के बीच सहज रहने के लिए अपने जीवन में राहत के लिए कुछ समय रखना होगा।

जीवन में प्रेम को खोना सबसे बड़ा नुकसान

मनीषी श्रीसंत ने अंत मे फरमाया आपके कठिन क्षणों में या उदासी में प्रेम ही आपके जीवन में उत्साह का संचार करता है, इसलिए प्रेम को हमेशा अपनी प्राथमिकता में बनाए रखें। अपने जीवन में प्रेम को खोना सबसे बड़ा नुकसान है और इस बात को जानकर अगर आप आगे बढ़ते हैं तो रिश्तों की हमेशा कद्र करेंगे। जीवन में आगे बढ़ते हुए हमेशा यह याद रखें कि वे लोग जो आपके जीवन में प्रेम के स्रोत हैं, उनके प्रति हमेशा उदार रहें। उनके प्रति हमेशा अपनी भावनाएं व्यक्त करते रहें। जीवन में प्रेम के लिए समय निकालना चाहिए। अपने पुराने दोस्तों को याद रखें और समय निकालकर उनसे बात करें। कभी उन्हें मिलने के लिए बुलाएं या फिर उनसे मिलने के लिए जाएं। इसी तरह वे परिजन जो आपके लिए चिंतित रहते हैं, आपकी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं, उनके प्रति आपके प्रेम प्रदर्शन में कमी नहीं आनी चाहिए। जीवन में आप बहुत कुछ पा लेंगे लेकिन एक खालीपन बना रहेगा। यह खालीपन अपने प्रियजनों की उपस्थिति से ही भरा जा सकता है।

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