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करनाल से ज्यादातर ब्राह्मण बने हैं सांसद

इस बार भाजपा से संजय भाटिया, कांग्रेस से कुलदीप शर्मा व इनेलो से धर्मवीर पाढ़ा मैदान में

करनाल लोकसभा क्षेत्र जीटी रोड बैल्ट की सीट है। ऐतिहासिक नजरिये से देखने पर इस सीट पर आज तक 16 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं। सन् 1951 में इस सीट पर दो सांसद चुने गए। 1962 से पहले रिजर्व सीटें अलग नहीं होती थीं। कुछ सीटों से डबल सांसद व विधायक चुने जाते थे। यह सीट ब्राह्मण सांसद देने के लिए जानी जाती है। इस सीट पर 1951 में सुभद्रा जोशी, 1962 में रामेश्वरानंद, 1967 व 1971 में पंडित माधारोम, 1977 में पंडित भगवत दयाल शर्मा, 1980, 1984, 1989 व 1991 में पंडित चिरंजीलाल शर्मा, 1996 व 1999 में आईडी स्वामी, सन् 2004  व 2009 में अरविंद कुमार शर्मा यहां से सांसद रहे। 17 में से 13 बार यहां से ब्राह्मण जाति से सांसद चुने गए हैं। सन. 1978 में हुए उपचुनाव में इस सीट से जाट जाति के महेंद्र लाठर भी विजयी रहे, ये चौ. साहबराम जो कि चौ. देवीलाल के बड़े भाई के दामाद थे।

1998 में बिश्नोई समाज से संबंध रखने वाले चौ. भजनलाल भी यहां से विजयी रहे। 2014 के चुनाव में पंजाबी समुदाय से संबंध रखने वाले एक हिंदी समाचार पत्र के मालिक अश्विनी कुमार यहां से विजयी रहे।

इस सीट पर 11 बार कांग्रेस 4 बार भाजपा व दो बार लोकदल के प्रत्याशी विजयी रहे हैं। पंडित चिरंजीलाल शर्मा लगातार 4 बार यहां से सांसद बने। हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री पंडित भगवत दयाल शर्मा 1977 में और हरियाणा के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले चौ. भजनलाल यहां से 1998 में सांसद बने। 2008 के परिसीमन के बाद से इस लोकसभा सीट के अंतर्गत नीलोखेड़ी, इंद्री, करनाल, घरौंडा, असंध, पानीपत ग्रामीण, पानीपत शहर, इसराना व समालखा विधानसभा क्षेत्र आते हैं। 2014 में यहां से भाजपा के अश्विनी चोपड़ा ने कांग्रेस के डॉ. अरविंद शर्मा को 360147 वोटों से हराया था।

अश्विनी चौपड़ा को इस सीट के अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा क्षेत्रों से भारी बढ़त मिली। उन्हें 594817 (49.83 प्रतिशत) वोट मिले। उपविजेता रहने वाले कांग्रेस के अरविंद शर्मा असंध विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर सभी विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे नंबर पर रहे। असंध में वो चौथे स्थान पर खिसक गए। इन्हें 234670 (19.66 प्रतिशत) वोट मिले। इनेलो के जसबीर संधू असंध में दूसरे स्थान पर रहे, बाकी सभी विधानसभा क्षेत्रों में तीसरे स्थान पर रहे। उन्हें 187902 (15.74 प्रतिशत) वोट मिले। बसपा की टिकट पर मराठा वीरेंद्र सिंह ने यहां 102628 (8.60 प्रतिशत) वोट लिए। असंध में वे तीसरे स्थान पर रहे।

इस चुनाव के बाद कांग्रेस के प्रत्याशी अरविंद शर्मा ने कांग्र्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हो गए थे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने उन्हें अपने दल का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने विधानसभा का 2 सीटों जुलाना व यमुनानगर से चुनाव लड़ा और हार गए। 2019 के लोकसभा चुनाव में अरविंद शर्मा भाजपा की टिकट पर रोहतक से चुनाव लड़ रहे हैं।

भाजपा ने कुरुक्षेत्र व करनाल लोकसभा क्षेत्रों से अपने सांसदों के टिकट बदले हैं। अब यहां से भाजपा की टिकट पर संजय भाटिया चुनाव लड़ रहे हैं, उनके खिलाफ कांग्रेस की टिकट पर गन्नौर से विधायक कुलदीप शर्मा चुनाव मैदान में हैं। इस सीट से चार बार सांसद रहे पंडित चिरंजीलाल शर्मा के सुपुत्र हैं कुलदीप शर्मा। जबकि इनेलो की टिकट पर यहां से धर्मवीर पाढ़ा ताल ठोक रहे हैं। इस बार देखना है कि इस सीट पर मोदी का कार्ड चलेगा या ब्राह्मणवाद लेकर कुलदीप शर्मा बाजी मारेंगे, यह अभी भविष्य के गर्भ में है।
-अनिल कुमार आर्य
राजनीति विश्लेषक

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