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जानें भारतीयों में किन पोषक तत्वों की होती है सबसे ज्यादा कमी, क्या होता है शरीर पर प्रभाव

हमारे शरीर को सूक्ष्म रूप से कार्य करने के लिए मैक्रोन्यूट्रिएंट्स की अधिक आवश्यकता होती है। जिनमें से ज्यादातर पोषक तत्व हमारे शरीर द्वारा निर्मित नहीं होते हैं और इनके लिए हमें अपने आहार पर निर्भर रहना होना पड़ता है। जिसके लिए जरूरी है कि हम संतुलित आहार लें।

आयरन

यह कमी एक वैश्विक समस्या है। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि वैश्विक आबादी में 30 प्रतिशत से अधिक एनीमिया है। एक शोध ने संकेत दिया कि यह कमी मुख्य रूप से भारत में किशोर लड़कियों में पाई जाती है। 200 लड़कियों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण में, यह पाया गया कि उनमें से 50 प्रतिशत एनीमिक थी। भारत के राष्ट्रीय स्वास्थ्य पोर्टल ने सुझाव दिया कि इस कमी का मुकाबला करने के लिए, व्यक्ति आहार में आयरन की खुराक ले सकता है या आहार में लौह युक्त खाद्य पदार्थों को बढ़ा सकता है। हरी सब्जियां, साबुत अनाज, बीन्स और नट्स लौह तत्व से भरपूर होते हैं।

विटामिन डी

इस कमी का प्रसार वैश्विक आबादी का लगभग 50 से 90 प्रतिशत है। विटामिन डी कुछ खाद्य पदार्थों से और मुख्य रूप से सूर्य के प्रकाश से प्राप्त होता है। सिर से पसीना आना और ये 6 संकेत बताते हैं कि आपको विटामिन डी की है सख्त जरूरत है। इसकी कमी हड्डियों के स्वास्थ्य, हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, और मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी मौजूदा स्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। अपने विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने के लिए मछली का सेवन करें और सप्लीमेंट भी लें, क्योंकि खाद्य पदार्थों में इस विटामिन की मात्रा अधिक नहीं होती है।

आयोडीन

थायराइड को ठीक से काम करने के लिए आयोडीन आवश्यक है। यह हमारे शरीर के वजन को नियंत्रित करने के साथ-साथ विकास हार्मोन के स्राव के लिए जिम्मेदार है। शरीर अपने आप आयोडीन नहीं बनाता है इसलिए हमें इसे अपने भोजन से प्राप्त करने की आवश्यकता है। आयोडीन युक्त नमक हमारे दैनिक आहार में आयोडीन का सबसे अच्छा और सबसे सुविधाजनक स्रोत है। अन्य स्रोतों में पनीर, गाय का दूध, अंडे और दही शामिल हैं।

विटामिन ए

इस विटामिन की कमी से आंखें कमजोर हो सकती हैं और अंधापन भी हो सकता है। 6 महीने की उम्र तक अपने बच्चे को स्तनपान कराना बच्चे में विटामिन ए की कमी को मिटा सकता है। यह विटामिन हड्डियों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भी जाना जाता है और यह अवसाद से लडऩे के लिए भी फायदेमंद पाया जाता है। गाजर, बेल मिर्च, कॉड लिवर तेल और शकरकंद जैसे खाद्य पदार्थ विटामिन ए से भरपूर होते हैं।

विटामिन सी

यह पोषक तत्व एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली और स्वस्थ त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है। एक अध्ययन से पता चला है कि भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु के 73 प्रतिशत लोगों में इस विटामिन की कमी थी। खट्टे फलों जैसे संतरे, कीवी, नींबू और सब्जियों जैसे फूलगोभी, ब्रोकली और शिमला मिर्च जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

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