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जानिए अमेरिका-ईरान की ताकत, अगर युद्ध हुआ तो कौन किस पर भारी पड़ेगा

जानिए अमेरिका-ईरान की ताकत, अगर युद्ध हुआ तो कौन किस पर भारी पड़ेगा

नई दिल्ली: अमेरिका द्वारा ईरानी शीर्ष कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्‍या करने के बाद ईरान बौखला गया है|ईरान अमेरिका को खुलेआम बदला लेने की चेतावनी दे रहा है|दोनों के बीच तनाव का आलम ये है कि बीते बुधवार को ईरान ने अमेरिका के दो सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बना डाला|ईरान ने इराक के बगदाद में स्थित अमेरिका के दो सैन्य ठिकानों पर 22 बैलिस्टक मिसाइलें दागी|हालांकि, ईरान के इस हमले अमेरिका को कोई ख़ास नुकसान नहीं हुआ|

तनाव चरम पर, अगर युद्ध हुआ तो कौन किस पर भारी पड़ेगा…….

  • सुपर पावर है अमेरिका
  • विश्‍व की 13 वीं सबसे बड़ी सैन्‍य ताकत ईरान है
  • युद्ध हुआ तो मचेगी तबाही,यह तीसरा विश्‍वयुद्ध कहलाएगा

सैन्‍य बजट पर नजर……

वर्ष 2018 में अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान ने 13.2 अरब डालर सेना पर खर्च किया। उधर, अमेरिका दुनिया में सबसे ज्‍यादा सेना पर खर्च करता है। स्‍टॉकहोम इंटरनैशनल पीस रीसर्च इंस्‍टीट्यूट के मुताबिक अमेरिका का सैन्‍य बजट 648.8 अरब डालर है। इस तरह अगर बजट के मामले में देखें तो ईरान अमेरिका के सामने कहीं नहीं ठहरता है।अमेरिका लंबे समय तक ईरान से युद्ध लड़ने में सक्षम है।

सैनिकों पर नजर……

अमेरिकी सरकार का अनुमान है कि ईरान के पास कुल 6 लाख सक्रिय सैनिक हैं। इनमें आर्मी, नेवी, एयर फोर्स और रिवॉलूशनरी गार्ड्स के जवान शामिल हैं। इसके अलावा उसके पास 5 लाख रिजर्व सैनिक भी हैं। दूसरी तरफ अमेरिका के पास करीब 13 लाख सैनिक हैं।इनमें से करीब 16-17 हजार सैनिक खाड़ी में तैनात हैं।अमेरिका के सैनिक इराक, कुवैत, यूएई समेत खाड़ी के कई देशों में तैनात हैं। अमेरिका ने हाल ही में 3500 अतिरिक्‍त सैनिकों को वहां भेजा है।

टैंक, युद्धक वाहन, तोप………..

अनुमान के मुताबिक ईरान के युद्धक टैंकों, रॉकेट प्रॉजेक्टरों, ऑटोमैटिक तोपों, बख्तरबंद गाड़ियों और युद्धक वाहनों की कुल संख्या 8,577 है। जबकि अमेरिका के मामले में यह संख्या 48,422 है। अगर हवाई ताकत की बात करें तो ईरान के पास कुल 512 युद्धक विमान और हेलिकॉप्टर हैं। अमेरिका के पास 10,000 से ज्यादा युद्धक विमान और हेलिकॉप्टर हैं।

पनडुब्बी, माइन वारफेयर, नवल शिप

बात अगर समुद्री ताकत की करें तो ईरान के पास नवल शिप, पनडुब्बी, माइन वारफेयर आदि मिलाकर कुल संख्या 398 है। अमेरिका के लिए यह संख्या 415 है। ईरान के पास 34 सबमरीन, 88 पट्रोल वेसल, 3 माइन वारफेयर, 6 फ्रिगेट्स हैं। तनाव के बाद ईरान जलसीमा के पास अमेरिकी युद्धपोत पहुंच गए हैं जो टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों को दागने में सक्षम हैं।

परमाणु हथियार

परमाणु हथियारों के मामले में तो अमेरिका का ईरान से कोई तुलना ही नहीं है। दुनिया में कुल परमाणु हथियारों का 90 प्रतिशत तो सिर्फ अमेरिका और रूस के पास हैं। यूएस और रूस के पास करीब बराबर-बराबर परमाणु हथियार हैं। दूसरी तरफ ईरान 2006 से ही अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। स्टॉकहोम इंटरनैशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक 2019 में दुनिया भर में कुल 13,865 परमाणु हथियार थे। इनमें से 3,750 परमाणु हथियार तैनात हैं जिसमें 2000 तो हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर हैं। 2018 में अमेरिका के पास कुल 6450 परमाणु हथियार थे, जिनमें से 1,750 तैनात थे। ईरान के पास एक भी परमाणु हथियार नहीं हैं। हालांकि, माना जाता है कि उसने पाकिस्तान के कुख्यात परमाणु तस्कर अब्दुल कादिर के जरिए परमाणु क्षमता हासिल कर ली है।

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