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संसद के शीतकालीन सत्र का आगाज, पीएम ने किया संबोधित

उच्च सदन दूर तक देखने में सक्षम

13 दिसंबर तक चलेगा संसद का सत्र

लोकसभा की 20 बैठकें होंगी

नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हो गया, जो 13 दिसंबर तक चलेगा। लोकसभा और राज्यसभा में सुषमा स्वराज और अरुण जेटली समेत दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। राज्यसभा के ऐतिहासिक 250वें सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लोकसभा जहां जमीन से जुड़ी है, वहीं उच्च सदन राज्यसभा दूर तक देख सकती है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बयान के हवाले से उन्होंने कहा कि राज्यसभा सेकंड हाउस है, सेकेंडरी (गौण, महत्वहीन) नहीं और भारत के विकास के लिए इसे सपोर्टिव हाउस बने रहना चाहिए। इस दौरान उन्होंने एनसीपी और बीजू जनता दल (बीजेडी) की इसलिए तारीफ की कि उनके सांसद कभी वेल में नहीं जाते। पीएम मोदी ने कहा कि इन दोनों दलों से हम सभी को सीखने की जरूरत है, बीजेपी को भी। पीएम ने ऐसे वक्त एनसीपी की तारीफ की है जब महाराष्ट्र में सियासी हलचल काफी तेज है और पवार की पार्टी बीजेपी की पूर्व सहयोगी शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने की कोशिश में है।

पीएम मोदी ने भले ही संसदीय कामकाज को लेकर यह सराहना की है, लेकिन उनकी इस टिप्पणी के दूर तलक मायने निकाले जा रहे हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना की ओर से एनसीपी और कांग्रेस के साथ सरकार गठन की कोशिशों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बयान के जरिए बीजेपी ने एनसीपी के साथ दोस्ती के संकेत दिए हैं। इन कयासों को शरद पवार के सरकार गठन को लेकर पूछे गए सवाल पर कोई ठोस जवाब न देने से और बल मिला है।

राज्यसभा ने संघीय ढांचे को मजबूत किया

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता कल्याणकारी राज्य है और साथ में यह जिम्मेदारी भी है- राज्यों का कल्याण। राज्य और केंद्र मिलकर ही देश को बढ़ा सकते हैं। राज्यसभा ने संघीय ढांचा को मजबूत किया है। राज्यसभा इस बात को सुनिश्चित करती है कि केंद्र और राज्य की सरकारें प्रतिद्वंद्वी नहीं बल्कि प्रतिभागी हैं। देश का विकास और राज्यों का विकास 2 अलग चीजें नहीं हैं। इस बात को यह सदन सबसे ज्यादा और जीवंतता के साथ प्रतिबिंबित करता है।

राज्यसभा सेकेंड हाउस, सेकेंडरी नहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2003 में जब इस सदन के 200 सत्र हुए थे तब भी एक समारोह हुआ था। तब भी एनडीए की सरकार थी और अटलजी प्रधानमंत्री थे। तब अटलजी ने कहा था कि हमारे संसदीय लोकतंत्र की शक्ति बढ़ाने के लिए सेकंड चैंबर मौजूद है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि सेकंड हाउस को कोई सेकंडरी हाउस बनाने की गलती न करे। उन्हीं की बात को मैं अपने शब्दों में कहूंगा कि राज्यसभा सेकंड हाउस है, सेकंडरी कभी नहीं बनेगा, भारत के विकास के लिए इसे सपोर्टिव हाउस बने रहना चाहिए।

संसद आना फारूक का अधिकार

विपक्ष ने लोकसभा में कश्मीरी नेताओं की हिरासत और गांधी परिवार की सुरक्षा घटाने का मुद्दा उठाते हुए नारे लगाए कि विपक्ष पर हमला बंद करो, फारूक अब्दुल्ला को रिहा करो। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि नेताओं को 108 दिन से नजरबंदी में रखा गया है, ये क्या जुल्म हो रहा है? हम चाहते हैं कि फारूक जी संसद आएं। ये उनका अधिकार है। इस सत्र में लोकसभा की 20 बैठकें प्रस्तावित हैं।

विपक्ष को सही ढंग से विचार रखने का मौका मिले

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि प्रधानमंत्री और सत्तासीन भाजपा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को चर्चा के लिए बढ़ाएंगे। संसद चर्चा, वाद-विवाद और बातचीत के लिए ही बनी है। यह सरकार पर निर्भर करता है कि वे सदन को सुचारू रूप से चलाएं, ताकि विपक्षी पार्टियां अपने विचार और राय सही ढंग से प्रकट कर सकें। यही संसदीय लोकतंत्र की महक है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने मांग की है कि पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को संसदीय कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति दी जाए। आजाद ने कहा- पहले भी सांसदों पर मामले लंबित होने के दौरान उन्हें संसद आने की इजाजत मिलती रही है।

ये प्रमुख बिल होंगे पेश

शीतकालीन सत्र में लोकसभा की 20 बैठकें प्रस्तावित हैं। इस सत्र में सरकार दोनों सदनों में कई अहम बिल पेश कर सकती है। इनमें राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने, कॉमन सिविल कोड, नागरिकता संशोधन, ई सिगरेट, चिट फंड संशोधन, मेडिसिन बिल, होम्योपैथी बिल, सरोगेसी बिल, डैम सेफ्टी बिल, नदियों के पानी बंटवारे का बिल, आर्म्स बिल, जुवेनाइल जस्टिस बिल, नेशनल पुलिस यूनिवर्सिटी बिल, डिजास्टर मैनेजमेंट बिल, पर्सनल डाटा प्रोटेक्शन बिल, द मेडिकल टर्मिनेशनल ऑफ प्रेगनेंसी बिल, एयर क्राफ्ट बिल, इंडियन मेडिकल काउंसिल बिल प्रमुख हैं।

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