मेरी सरकार का ज़मीनी स्तर पर लागू न हुआ एक भी फ़ैसला या घोषणा बताओ - मुख्यमंत्री चन्नी द्वारा विरोधियों को चुनौती

मेरी सरकार का ज़मीनी स्तर पर लागू न हुआ एक भी फ़ैसला या घोषणा बताओ - मुख्यमंत्री चन्नी द्वारा विरोधियो

मेरी सरकार का ज़मीनी स्तर पर लागू न हुआ एक भी फ़ैसला या घोषणा बताओ - मुख्यमंत्री चन्नी द्वारा विरोधियों को चुनौती

मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की 72 दिनों की कारगुज़ारी का रिपोर्ट कार्ड पेश किया

केजरीवाल को ‘ईर्ष्या न बराबरी करें’ की सलाह देते हुए उनकी सरकार का लोक कल्याण और विकास मॉडल दिल्ली में भी लागू करने की सलाह

विभिन्न पहलकदमियों के द्वारा राज्य के विकास और लोगों के कल्याण के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता अभिव्यक्ति

चण्डीगढ़, 2 दिसम्बरः

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने विरोधियों को उनकी सरकार का कोई एक भी फ़ैसला या घोषणा बताने की चुनौती दी है जो ज़मीन स्तर पर लागू न हुआ हो।

हर फ़ैसले को सही मायनों में लागू करने के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने स्पष्ट शब्दों में थोड़े समय के बावजूद उनकी सरकार बाकी रहते मसलों को हल करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी जिससे लोगों की संतुष्टि के मुताबिक उनकी उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके।

आप के सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल द्वारा उन पर कीचड़ उछालने के लिए निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि हालांकि वह आलोचना पसंद करते हैं परन्तु केवल आलोचना करने के लिए आलोचना किया जाना पूरी तरह अनैतिक और अनावश्यक है। उन्होंने केजरीवाल को सलाह दी कि उनके लोक समर्थकीय ऐजंडे से ईर्ष्या करने की बजाय बराबरी करके उनके कल्याण और विकास के ऐजंडे को वह अपने राज्य दिल्ली में भी लागू करें। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ‘चन्नी सरकार’ नहीं बल्कि ‘अच्छी सरकार’ है क्योंकि हम आम लोगों का भरोसा जीतने के लिए तहे दिल से उनकी सेवा कर रहे हैं।

20 सितम्बर, 2021 से मुख्यमंत्री का पद संभालने से लेकर अब तक बीते 72 दिनों में लिए गए फ़ैसलों और घोषणाओं बारे अपनी सरकार की प्रगति रिपोर्ट पेश करते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि लगभग 60 फ़ैसलों को ज़मीनी स्तर पर लागू किया जा चुका है। मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि मेरी सरकारी की शानदार कारगुज़ारी स्वरूप अब मैं ‘विश्वासजीत सिंह’ कहलवाने का हकदार हूं न कि ‘ऐलानजीत सिंह’ जैसे कि विपक्ष मुझे कहता है।

अपनी प्रस्तुति में मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में कई महत्वूपर्ण फ़ैसले लिए गए हैं जिनमें 2 किलोवाट तक वाले घरेलू उपभोक्ताओं के बकाए माफ किये गए जिससे 20 लाख परिवारों को 1500 करोड़ रुपए की राहत मिली। इसी तरह 7 किलोवाट तक वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 3 रुपए की कटौती की गई जिससे 69 लाख परिवारों को 3316 करोड़ रुपए की राहत मिली। इनके अलावा उनकी सरकार द्वारा बिजली खरीद समझौते भी रद्द करने का फ़ैसला किया गया जिसके सम्बन्ध में पंजाब विधानसभा में बिल पास किये जा चुके हैं। वाजिब दरों पर निर्विघ्न बिजली की सप्लाई करने को यकीनी बनाने के प्रयास के तौर पर पंजाब सरकार ने 250 मेगावाट सौर ऊर्जा कम दरों 2.33 रुपए से 2.34 रुपए प्रति यूनिट खरीदने का फ़ैसला किया है जिसके लिए टैंडर राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिए हैं। ये कीमतें पिछली अकाली-भाजपा सरकार द्वारा किये गए बिजली खरीद समझौतों से 87 प्रतिशत कम हैं जो 17.91 रुपए प्रति यूनिट थे।

ग्रामीण विकास के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा की लाल लकीर के अंदर लोगों को मालिकाना हक देने के लिए ‘मेरा घर, मेरे नाम’ स्कीम लागू की गई जिसके अंतर्गत 55 गाँवों के 4846 घरों को लाभ दिया जा चुका है जबकि दिसंबर, 2022 तक लाल लकीर के अंदर सभी घरों को शामिल कर लिया जायेगा। इसी तरह ग्रामीण इलाकों में योग्य परिवारों को 5-5 मरले के प्लॉट अलॉट करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। दो महीनों के कम समय में 30,000 लोगों को सनदें दी जा चुकी हैं।

राज्य भर के निवासियों की पुरानी माँग को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि उनकी सरकार ने पंचायतों की जल सप्लाई स्कीमों के सम्बन्ध में 1168 करोड़ रुपए के बिजली बिलों के बकाए भी माफ कर दिए हैं और साथ ही इन जल सप्लाई स्कीमों के भविष्य के बिजली के बिल भी सरकार द्वारा अदा किये जाएंगे। इसी तरह ग्रामीण जल सप्लाई (आरडब्ल्यूएस) कनेक्शनों के लिए मासिक वाटर सर्विस चार्जिज़ भी 166 रुपए से घटाकर 50 रुपए कर दिए गए हैं। इसी तरह सभी ग्रामीण परिवारों को गाँवों में पाईप के द्वारा पानी की सप्लाई का लाभ मिल रहा है। 

मुख्यमंत्री चन्नी ने राज्य सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में जल सप्लाई कनेक्शनों के भविष्य के बिजली बिलों की अदायगी करने के फ़ैसले बारे जानकारी दी। शहरी क्षेत्रों में जल सप्लाई और सिवरेज के बकाए माफ करने के साथ 25 लाख से अधिक परिवारों को लगभग 700 करोड़ रुपए की राहत दी गई है। इसी तरह शहरी जल-सप्लाई कनेक्शनों के लिए मासिक वाटर सर्विस चार्जिज़ भी 105-250 रुपए से घटाकर 50 रुपए कर दिए गए हैं जिससे सभी शहरी परिवारों को गाँवों में पाईप के द्वारा पानी की सप्लाई दी जा सके।

इसी तरह पुडा क्षेत्रों में जल सप्लाई कनेक्शनों के लिए मासिक वाटर सर्विस चार्जिज़ भी घटाकर 50 रुपए कर दिए गए हैं। इसके अलावा, स्थानीय निकाय विभाग ने इम्प्रूवमेंट ट्रस्टों के अलॉटियों की वृद्धि राशि पर ब्याज की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 7.7 प्रतिशत प्रति वर्ष करने के लिए पहले ही नोटीफायी कर दिया गया है।

म्युंसिपल क्षेत्रों में बनी इमारतों में नान -कम्पाऊंडेबल उल्लंघनाओं के निपटारे के लिए ओ.टी.एस. का फ़ैसला भी पंजाब विधान सभा में इस सम्बन्धी बिल पास होने बाद में लागू हो गया है।
बसेरा स्कीम के अंतर्गत झुग्गी -झोंपड़ी वालों को मालकी के अधिकार दिए गए हैं। कुल 12,428 पी-कार्ड मंज़ूर किये गए हैं जिनमें से 9,704 पी -कार्ड पहले ही बाँटे जा चुके हैं। इस फ़ैसले से एक साल में 80,000 से अधिक परिवारों को लाभ मिलेगा।

पंजाबी नौजवानों के लिए सरकारी नौकरियाँ यकीनी बनाने के लिए राज्य सरकार ने पंजाब सरकार /बोर्डों /आदि अधीन सभी नौकरियों के लिए 10वीं स्तर तक पंजाबी लाज़िमी करने का फ़ैसला किया है।

महान शख्सियत और भारतीय संविधान के निर्माता डा. बी.आर. अम्बेदकर की विरासत को कायम रखने के लिए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि राज्य भर के सभी जिलों में अम्बेदकर भवन का निर्माण किया जायेगा। फगवाड़ा में भगवान परशुुराम मंदिर के आसपास बुनियादी ढांचे और सहूलतों के लिए 10 करोड़ रुपए की ग्रांट मंज़ूर की गई है। 100 प्रतिशत स्टेट स्पांसर्ड एन.एफ.एस.एस. योजना के अंतर्गत और एक लाख नये राशन कार्डों की प्रक्रिया प्रगति अधीन है।

राज्य सरकार की तरफ से कई मज़दूर समर्थकीय फ़ैसले लिए गए हैं जिनमें 3.7 लाख निर्माण श्रमिकों के लिए विशेष सहायता के तौर पर 3100 रुपए देना शामिल है। लाभार्थियांें को 115 करोड़ रुपए से अधिक दिए जाएंगे, जिसमें से इस फ़ैसले के अंतर्गत पहले ही 98.74 करोड़ रुपए बाँटे जा चुके हैं। इसके इलावा ग़ैर-हुनरमंद श्रमिकों के लिए कम से कम मेहनताना में 416 रुपए प्रति महीना का विस्तार किया गया जो 8776 रुपए से 9192 रुपए किया गया है।

परिवहन सैक्टर के बारे मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि राज्य के बेरोजगार नौजवानों को 1406 पर्मिट जारी करने के इलावा 425 नये बस रूट स्थापित किये जाएंगे। इसके इलावा करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुफ़्त बस सेवा भी शुरू की गई है।

स्कूल शिक्षा और विद्यार्थी भलाई फ्रंट के बारे मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बाकी बचे सभी विद्यार्थियों को भी स्कूली वर्दियाँ दीं जाएंगी।

राज्य भर में पहली से 10वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों के लिए पंजाबी को लाज़िमी विषय के तौर पर सख़्ती से लागू करने के लिए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि पंजाब लर्निंग आफ पंजाबी एंड अदर लैंगुएज एक्ट -2008 विधान सभा में पास किया गया है जिससे उक्त एक्ट के उपबंधों का उल्लंघन करने पर 25,000 रुपए, 50,000 रुपए और 1लाख रुपए के जुर्माने को बढ़ा कर क्रमवार 50,000 रुपए, 1लाख रुपए और 2 लाख रुपए किया जा सके।

इसी तरह सरकारी कालेजों के लिए उच्च शिक्षा में मुख्यमंत्री वज़ीफ़ा योजना लागू की गई है जिससे होशियार गरीब विद्यार्थियों ख़ास तौर पर जनरल वर्ग के विद्यार्थियों की मदद करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा में कुल दाखि़ला अनुपात (जी.ई.आर.) को और बेहतर बनाने में मदद की जा सके जो मौजूदा समय में बहुत कम है।

कर्मचारियों के लिए अपील की व्यवस्था करने के लिए सरकारी सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त कालेज प्रबंधन को जवाबदेह बनाने के फ़ैसले से 10,000 से अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री चन्नी ने यह भी बताया कि जगत गुरू नानक देव पंजाब स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी में भगवान परशुराम चेयर स्थापित की जायेगी। इसी तरह राज्य सरकार ने पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में गुरू रविदास चेयर, भगवान वाल्मीकि चेयर और संत कबीर साहिब चेयर स्थापित करने का फ़ैसला भी किया है। इनके इलावा गुरू नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर में भाई जीवन सिंह (भाई जैता जी) चेयर और मख्खन शाह लुबाना चेयर भी स्थापित की जायेगी। आई.के.जी.पी.टी.यू., कपूरथला में 100 करोड़ रुपए की लागत के साथ अम्बेदकर म्युज़ियम की स्थापना की जा रही है।

पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला के 150 करोड़ रुपए का बकाया कर्ज़ राज्य सरकार की तरफ से उठवाया जायेगा। इसके इलावा यूनिवर्सिटी के लिए सालाना ग्रांट 114 करोड़ रुपए से बढ़ा कर 240 करोड़ रुपए प्रति साल कर दी गई है। इसके साथ ही रामायण, महाभारत और श्रीमद भगवद गीता पर खोज केंद्र स्थापित किया जायेगा।

रेत माफीये का ख़त्म करने के लिए खनन, रेत और बजरी के रेट 9रुपए प्रति घन फुट से घटा कर 5.5 रुपए प्रति घन फुट किये जाएंगे। किसानों को अपनी ज़मीन में से 3फुट तक मिट्टी निकलवाने के लिए अब किसी मंज़ूरी या रॉयलटी की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

कृषि और किसान भलाई के मोर्चे सम्बन्धी मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि राज्य सरकार ने मालवा क्षेत्र में गुलाबी सूंडी से प्रभावित नरमे की फ़सल में खेत मज़दूरों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवज़ा देने का फ़ैसला किया है। सरकार पहले ही कीड़ों के हमले के कारण तबाह हुई कपास की फ़सल के लिए किसानों को 17,000 रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवज़ा देने की प्रक्रिया में है। साल 2021-22 के लिए गन्ना काश्तकारों को सीधा उनके बैंक खातों (डीबीटी) के द्वारा 35 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जायेगा।

पंजाब विधान सभा के विशेष सैशन में पंजाब कंट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट 2013 को रद्द कर दिया गया है। इसी तरह, 2017 में पेश किये गए ए.पी.एम.सी. एक्ट 1961 की किसान विरोधी धाराओं को भी किसानों के हितों के लिए रद्द कर दिया गया है। यह पहली बार है कि धान की खरीद सीजन शुरू होने से पहले भारत सरकार की तरफ केश क्रेडिट लिमिट (सीसीऐल) जारी की गई है।

स्वास्थ्य और तंदरुस्ती सम्बन्धी मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि आयुषमान भारत-मुख्यमंत्री सरबत सेहत बीमा योजना के अंतर्गत 15 लाख और परिवार कवर किये जाएंगे। 26 नवंबर को 330 कैंप लगा कर ‘मुख्य मंत्री मोतिया मुक्त पंजाब ’ स्कीम शुरू की गई है जिससे 14,881 मरीज़ों को लाभ पहुँचाया गया है। चार दिनों में 6061 मोतियाबिन्द के मामलों की पहचान की गई और 1540 मरीज़ों के मुफ़्त आप्रेशन किये गए।

कर्मचारियों की भलाई के लिए अपनी सरकार की वचनबद्धता को दोहराते हुये मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि कर्मचारियों और पैनशनरों के लिए महँगाई भत्ते (डीए) में 11 प्रतिशत विस्तार किया गया है। 1जनवरी, 2016 को या इसके बाद सेवामुक्त हुए पैनशनरों के लिए 6वें वेतन आयोग लागू किया जा रहा है। 6वें वेतन आयोग में 1जनवरी, 2016 के बाद भर्ती किये कर्मचारियों के वेतन में कम से कम 15 प्रतिशत विस्तार यकीनी बनाया गया है।

इसी तरह सरकार ने नौजवानों के लिए रोज़गार के और ज्यादा मौके पैदा करने के लिए सेवामुक्ति के बाद पुनः रोज़गार पर पाबंदी लगा दी है। राज्य सरकार ने ऐन.पी.ऐस. के अधीन आते कर्मचारियों की मौत की सूरत में पारिवारिक पैनशन देने का भी फ़ैसला किया है। ठेका मुलाजिमों की काफी देर की माँग को मानते हुये मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि ऐसे 36,000 से अधिक मुलाजिमों की सेवाओं को रेगुलर करने की प्रक्रिया पहले चल रही है। इसके इलावा, भविष्य में समूह डी क्लास /दर्जा चार कर्मचारियों की भर्ती रेगुलर विधि से की जायेगी।

व्यापार और उद्योग को पूर्ण समर्थन और सहयोग का भरोसा देते हुये मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि उनकी सरकार ने कई उद्योग समर्थकीय पहलकदमियां की हैं जिनमें संस्थागत टैक्स को ख़त्म करना जिसमें 250 करोड़ रुपए से अधिक की राहत देना शामिल है, औद्योगिक इकाईयों के लिए सीऐलयू प्रक्रिया को आसान बनाना, दर्मियाने उद्योगों की निर्धारित दरों में 50 प्रतिशत कटौती, पीऐसआईडीसी, पीऐफसी और पीएआईसी के डिफालटरों के लिए ओटीएस और ब्याज राहत और ऐमऐसऐमईज़ के लिए अपनी इकाईयों के विस्तार सम्बन्धी मामलों को मंज़ूरी दी गई है।

लोगों पर टैक्सों का बोझ घटाने के लिए मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल की कीमतों में 5 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई है जिससे राज्य के नागरिकों को 3200 करोड़ रुपए की राहत दी गई है। इसके साथ ही वैट असेसमेंट सम्बन्धी 40,000 से अधिक मामलों का निपटारा किया गया है और 8,000 मामलों का निपटारा कुल बकाया टैक्स देनदारी का सिर्फ़ 30 फ़ीसद जमा करके किया जायेगा।


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