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haryana vidhan sabha chunav 2019 haryana assembly election voting today
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हरियाणा की इन विधानसभा सीटों पर हमेशा से ही मुसलमान प्रत्याशी की फतेह रही

  • हरियाणा की 3 विधानसभा सीट(फिरोजपुर झिरका, नूंह, पुन्हाना)में जबसे चुनाव शुरू हुए हैं, तबसे मुस्लिम कैंडिडेट ही जीतता आ रहा है
  • हरियाणा के मेवात क्षेत्र में आती हैं ये तीनों विधानसभा सीट
  • इस बार इन सीटों पर बीजेपी ने भी मुस्लिम चेहरों को लेकर दांव खेला है

नई दिल्ली: हरियाणा विधानसभा चुनाव का जलजला अब अपने अंतिम दौर की तरफ रुख कर रहा है| यानी कि अब से चुनाव को सिर्फ तीन दिन शेष रह गए हैं|वहीँ, नेताओं के पास चुनाव प्रचार करने के लिए भी अब गिनती के घंटे रहे गए हैं|हरियाणा की कुल 90 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है, जहां आज हम आपको यहां की तीन ऐसी सीटों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनपर जबसे चुनाव शुरू हुए हैं तबसे लेकर के अबतक सिर्फ मुसलमान प्रत्याशी ही जीत हासिल कर रहा है|वो तीन विधानसभा सीटें हैं मेवात क्षेत्र में आने वाली नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना सीट|मुसलमान प्रत्याशी ही क्यों जीत रहा है…… यहां जानिए….

नंबर-1 -फिरोजपुर झिरका सीट……

इस सीट पर पहला विधानसभा चुनाव 1967 में हुआ था|पहले चुनाव में यहां से डी. मोहम्मद ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था| इसके बाद से लगातार इस सीट पर मुस्लिम उम्मीदवार को जीत मिलती आई|इस विधानसभा क्षेत्र में हमेशा कांग्रेस और इनेलो का कब्जा रहा है|2009 और 2014 के चुनाव में इस सीट पर लगातार दो बार इनेलो (INLD) को जीत मिली है|इन दोनों चुनाव में नसीम अहमद ने जीत दर्ज की है| ध्यान देने वाली बात ये हैं कि अबकी बार नसीम अहमद भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ रहे हैं|ऐसे में इस बार इस सीट का इतिहास डगमगाने की चर्चाएं हैं| देखते हैं…….

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नंबर-2-नूंह सीट……..

नूंह सीट भी मेवात क्षेत्र में आती है| फिरोजपुर झिरका की तरह यहां भी हमेशा से मुस्लिम प्रत्याशी ही चुनाव जीतता आया है|1967 में नूंह से पहली बार रहीम खान ने चुनाव जीता था और वह एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़े थे|इसके बाद भी कई ऐसे मौके भी आए जब राज्य के किसी बड़े नेता को यहां लड़ाया गया लेकिन उसे जीत नहीं मिली और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में किसी मुस्लिम प्रत्याशी ने बाजी मारी| 2005 के विधानसभा चुनाव में हबीबुर्रहमान ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर ही विजय प्राप्त की थी| जबकि 2014 में यह सीट इनेलो के खाते में गई थी और जाकिर हुसैन विधायक बने थे|ध्यान देने वाली बात ये हैं कि अबकी बार जाकिर हुसैन भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ रहे हैं|ऐसे में इस बार इस सीट का भी इतिहास डगमगाने की चर्चाएं हैं| देखते हैं…….

नंबर-3-पुन्हाना सीट………

गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली पुन्हाना विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई|2009 में हुए यहां पहले चुनाव में इनेलो के मोहम्मद इलियास ने बाजी मारी और बहुजन समाज पार्टी की महिला उम्मीदवार दयावती को शिकस्त दी|हालांकि, 2014 के चुनाव में मोहम्मद इलियास हार गए और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर लड़े रहीस खान ने फतह हासिल की|

क्यों जीतते हैं मुस्लिम उम्मीदवार……

दरअसल, मेवात क्षेत्र में मुस्लिमों की संख्या बहुत अधिक है और उनकी संख्या ही इन तीनों सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों की जीत का बड़ा कारण है| हरियाणा में मुस्लिम मतदाता 7.2 फीसदी हैं, लेकिन मेवात में करीब 70 फीसदी मुस्लिम आबादी है. मेवात क्षेत्र में पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें नूंह, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका विधानसभा सीट पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में है| इसके अलावा सोहना और हथीन सीट पर मुस्लिम वोटर किंगमेकर की भूमिका में हैं|

फिरोजपुर, पुन्हाना और नूंह हमेशा बीजेपी ने हार देखी……

फिरोजपुर, पुन्हाना और नूंह में कभी बीजेपी को जीत नहीं मिली है, लेकिन इस बार पार्टी ने दो मुस्लिम चेहरों पर ही दांव लगाया है, ऐसे में कहा जा रहा है कि ये चुनाव बीजेपी के हार वाले दाग धो देगा|

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