समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता : जयराम
Thursday, October 18, 2018
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समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता : जयराम

समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता : जयराम

शिमला। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि जनसमस्याओं का निश्चित एवं त्वरित समाधान प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस उद्देश्य की प्राप्ति में जनमंच कार्यक्रम विशेष रूप से सहायक सिद्ध हो रहे हैं। मुख्यमंत्री सोलन में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेशवासियों की विभिन्न समस्याओं का उनके घर-द्वार के समीप शीघ्र एवं निश्चित समाधान करने के लिए राज्य सरकार ने जन मंच कार्यक्रम आरंभ किया है। अभी तक प्रदेश में केवल दो जनमंच कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जनमंच समस्या समाधान में सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। प्रदेश सरकार आने वाले जनमंच कार्यक्रमों को और बेहतर बनाने की दृष्टि से कुछ नवीन प्रयास भी आरंभ करने जा रही है। जनमंच कार्यक्रम का नियमित अवलोकन भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनमंच कार्यक्रम एक आम कार्यक्रम नहीं है। प्रदेश के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को जनमंच के महत्व एवं उपयोगिता को समझना होगा। उन्होंने कहा कि जनमंच कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर किसी भी अधिकारी अथवा कर्मचारी की कोताही पाई गई तो उनके विरूद्ध निश्चित कार्रवाई की जाएगी। जयराम ठाकुर ने विपक्ष को परामर्श दिया कि केवल आलोचना के लिए आलोचना न करें तथा प्रदेश सरकार को विकास के लिए रचनात्मक सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार का 6 माह का कार्यकाल विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। प्रदेश सरकार 6 माह के कार्यकाल में केंद्र सरकार से हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए 4365 करोड़ रुपये लाने में सफल हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पूर्ण रूप से मजबूत है तथा सरकार पूरी मजबूती के साथ हिमाचल को विकास का शीर्ष बनाने के लिए कार्यरत है।

चिंतपूर्णी मंदिर के लिए 50 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज बताया कि भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने ‘प्रसाद’ योजना के अन्तर्गत जिला ऊना में चिन्तपूर्णी देवी मन्दिर के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये की एक परियोजना स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित परियोजना से प्रदेश चिन्तपूर्णी में पर्यटकों के लिए अधोसंरचना व मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने में सक्षम होगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन) राम सुभग सिंह ने पर्यटन मंत्रालय के समक्ष प्रस्तावित चिन्तपूर्णी परियोजना की अवधारणा योजना से सम्बन्धित प्रस्तुति प्रस्तुत की।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में तीर्थ स्थान के समीप भीड़-भाज्ञ़ है तथा पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। प्रस्तावित परियोजना के अन्तर्गत तीर्थ यात्रियों के लिए मन्दिर परिसर के निकट मूलभूत सुविधाओं को विकसित करने, मार्गों के सुधार, प्रदूषण रहित जन टै्रफ्कि प्रणाली को आरम्भ करने, नए वैकल्पिक मार्ग, विकलांग मित्र अधोसंरचना तथा दर्शन, कीर्तन इत्यादि के लिए तीर्थ यात्रियों के लिए एक नए खण्ड को विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे।एशियन विकास बैंक की सहायता प्राप्त परियोजना के अन्तर्गत चिन्तपूर्णी में पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा गत वर्ष 52 करो? का पर्यटन स्वागत केन्द्र (टीआरसी) एवं पार्किंग परियोजना निर्मित की थी।
चिन्तपूर्णी देवी मन्दिर 51 शक्तिपीठों में से एक है तथा प्रतिवर्ष जिला ऊना में लगभग 16 लाख पर्यटक आते हैं।

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