सरकार ने पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए सभी 6 वायदे पूरे किए : कै. अभिमन्यु
Saturday, September 22, 2018
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सरकार ने पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए सभी 6 वायदे पूरे किए : कै. अभिमन्यु

सरकार ने पार्टी के चुनावी घोषणा पत्र में किए गए सभी 6 वायदे पूरे किए : कै. अभिमन्यु

चंडीगढ़। चंडीगढ़। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि उनके अधीन आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा पार्टी के चुनावी घोषणापत्र में किये गए 6 के 6 वायदे पिछले साढ़े तीन साल के कार्यकाल में पूरे किये हैं, जिसमें व्यापारियों के लिए व्यापार कल्याण बोर्ड का गठन करना, रासायनिक खाद व जिप्सम पर वैट 5 प्रतिशत घटाकर शून्य करना, छोटे ढ़ाबों को कर मुक्त करना, सी फॉर्म ऑनलाइन करना और समग्र आबकारी योजना लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का ऐसा पहला देश हैं जहां इतने बड़े स्तर पर एक राष्ट-एक कर के भाव से जीएसटी का क्रियान्वयन सर्व सम्मति के साथ आसानी से हुआ है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में ‘एक राष्ट-एक कर-जीएसटी की शुरूआत काफी अच्छी रही है और भौगौलिक दृष्टि से छोटा राज्य होने के बावजूद हरियाणा सबसे ज्यादा जीएसटी एकत्र करने वाला देश का 5वां राज्य है। जीएसटी के तहत हरियाणा का प्रतिव्यक्ति पूंजी राजस्व संग्रह देश में सबसे ज्यादा 1876.97 रुपये है। उत्तराखंड में 1436.21 तथा महाराष्ट में 1165.85 रुपये प्रतिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा कि हरियाणा ने राष्ट्रीय स्तर पर जीएसटी के ढांचे के सफल गठन और कार्यान्वयन में हरियाणा का योगदान उल्लेखनीय रहा है। जीएसटी काउंसिल की सभी 27 बैठकों में हरियाणा ने सक्रिय रूप से भाग लिया और राज्य के हित में कई निर्णय भी जीएसटी काउंसिल से करवाये, जिसमें विशेष रूप से कृषि संचालन पर कर की छूट को कम से कम करने को सुनिश्चित किया गया।उन्होंने कहा कि हरियाणा राज्य के आग्रह पर ट्रैक्टरों पर कर की दर 28 प्रतिशत से 12 प्रतिशत और ट्रैक्टर के पार्टस पर कर की दर 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत तक की गई। उन्होंने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद हरियाणा में 1.85 लाख नये डीलर्स के पंजीकरण के बाद डीलर्स की संख्या में 82.22 प्रतिशत बढोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि हरियाणा में 1 अप्रैल 2018 से 30 जून 2018 के बीच लगभग 1.12 करोड़ ई-वे बिल सृजित किये गए हैं, जिससे देश में ई-वे बिलों के सृजन में हरियाणा चौथे स्थान पर है।

उन्होंने कहा कि एंटी प्रोफेटीयरिंग के लिए राज्य स्तरीय अग्रिम विनियम प्राधिकरण और स्क्रीनिंग कमेटी की स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017-18 के दौरान एकत्रित औसत राज्य जीएसटी 1505.93 करोड़ रुपये था और वर्ष 2018-19 के पहले तीन महीनों के दौरान यह 1,804.96 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो सालाना 19.85 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत खाद्य पदार्थों पर छूट दी गई है। वैट के तहत खाद्यान्नों पर 5 प्रतिशत कर लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि लगातार चौथे वर्ष के लिए ई-निविदा के माध्यम से शराब ठेकों का आवंटन किया गया है। आवंटन प्रक्रिया बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के ऑनलाइन की जाती है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्यीय राजमार्गों पर शराब बिक्री के संबंध में दिए गए आदेशों का सख्ती से अनुपालन किया जा रहा है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पाद को भविष्य में जीएसटी के दायरे में लाने का एजेंडा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन, आबकारी एवं कराधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल, आबकारी एवं कराधान आयुक्त  आशिमा बराड़, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक समीर पाल सरो के अलावा अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

कै. अमरिंद्र राजनीतिक चश्मा उतार सीएम मनोहर लाल के दिए गए सुझावों पर विचार करें…

कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद्र सिंह राजनीतिक चश्मा उतारकर एक बार हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा ट्राईसिटी के विकास के लिए दिए गए सुझावों पर विचार करें। पत्रकारों द्वारा कल हुई ट्राईसिटी के योजनागत ढांचागत विकास को लेकर बुलाई गई पैनल चर्चा के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि जैसे एनसीआर आज एक बड़े इकानॉमिक जॉन के रूप में विकसित है। उसी प्रकार ट्राई-सिटी अर्थात पंचकूला-चण्डीगढ-एसएएस नगर/मोहाली भी एक बड़ा इकानॉमिक जॉन बन सकता है, जिससे पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और चंडीगढ़ को भी फायदा होगा। इसलिए हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया सुझाव केवल मात्र ट्राई-सिटी के विकास के लिए था।

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