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Garbage to electricity

गारबेज से इलेक्ट्रीसिटी बनाने का सपना संजो रहा चंडीगढ़ प्रशासन

खाद बनाने के प्रोजेक्ट को नहीं पहनाया जा सका अमलीजामा, जेपी कंपनी से करार समाप्त कर नगर निगम को दिया गया कचरा प्रबंधन का प्रोजेक्ट

Garbage to electricity : चंडीगढ़ प्रशासन अब शहर में गारबेज से इलेक्ट्रिसिटी बनाने की ओर कदम बढ़ाने जा रहा है। करीब एक दर्जन कंपनियों ने चंडीगढ़ नगर निगम को प्रपोजल दिया है कि वह गारबेज से बिजली जेनरेट कर सकते हैं जिसे शहर के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है और दूसरा गारबेज की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। ये कंपनियां जल्द ही पंजाब के गवर्नर और यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को गारबेज से बिजली बनाने की प्रक्रिया की पूरी प्रेजेंटेशन देंगी।

Garbage to electricity: यूटी के प्रशासक के एडवाइजर मनोज परिदा ने बताया कि शहर के कचरे का प्रबंधन बड़ी समस्या बनकर सामने आ रहा है। पहले जेपी कंपनी को इस कचरे का निष्पादन करने के लिए दिया गया था लेकिन कंपनी एग्रीमेंट के मुताबिक कचरे से खाद बनाने के काम को पूरा नहीं कर पाई। डड्डूमाजरा में कचरे के बड़े बड़े ढेर लग गए। जेपी कंपनी से इस काम को वापिस लेकर नगर निगम ने खुद अपने हाथ में ले लिया। यहां बता दें कि नगर निगम भी इस गारबेज को ठिकाने लगाने के लिए कुछ खास नहीं कर पा रही है। प्रशासन इस गारबेज के निष्पादन में मजबूर दिखाई दे रहा है। अब प्रशासन ने कुछ अन्य शहरों के गारबेज प्रबंधन को देखने के बाद फैसला किया है कि खाद की बजाये इस गारबेज से बिजली बनाने का काम किया जाए। नगर निगम ने इसके लिए बहुत से कंपनियों को न्यौता दिया। एडवाइजर मनोज परिदा के मुताबिक करीब एक दर्जन कंपनियां गारबेज से बिजली बनाने के प्रोजेकट में इंट्रस्ट जता चुकी हैं।

जल्द ही इन कंपनियों को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर व प्रशासन के अन्य अधिकारियों के समक्ष अपनी प्रेजेंटेशन देने को कहा जाएगा। अगर ये प्रपोजल सही लगा तो इस पर आगे बढ़ा जाएगा। चंडीगढ़ में रोजाना कई टन गारबेज निकलता है जिसे डड्डूमाजरा वेस्ट प्लांट में नगर निगम की गाडिय़ों की मार्फत शहर के हर कोने से भेजना पड़ता है। डड्डूमाजरा वेस्ट प्लांट से उठती बदबू से आसपास के इलाके के लोग काफी परेशान रहते हैं। यहां आसपास के लोग बीमार होने लगे हैं। उन्हें सांस की बीमारियां होने लगी हैं। वेस्ट प्लांट में यदाकदा मीथेन गैस बनने से आग लगने और उससे धुआं उठने की घटना भी आम हो गई है। ासपास के लोग नारकीय जीवन जी रहे हैं।

सीआईआई से हमेशा मिले नए विचार: बदनोर

Garbage to electricity: शनिवार को पंजाब के गवर्नर और यूटी के प्रशासन वीपी सिंह बदनौर ने सीआईआई की सीआईआई नार्दन रीजन हैडकवार्टर में हुई चंडीगढ़ बिजनेस कांकलेव में सीआईआई से गारबेज से इलेकिट्रसिटी जेनरेट करने के प्रोजेक्ट को लेकर मदद मांगी। उन्होंने कहा कि सीआईआई हर मुश्किल में लोगों व समाज के साथ खड़ी हुई है। चाहे कोविड वैकसीन बनाने का मामला हो या कोई अन्य नया आइडिया। सीआईआई की ओर से हमेशा नए विचार मिले हैं। इस मौके पर पंजाब के प्रिंसिपल सेक्रेटरी जेएम बालामुरुगन ने कहा कि ग्रेटर चंडीगढ़ रीजन में हमारा फोकस नॉन पॉलयूटिंग इंडस्ट्रीज पर रहना चाहिए। सीआईआई नार्दनरीजन के चेयरमैन निखिल साहनी ने कहा कि चंडीगढ़ को ग्रेटर चंडीगढ़ रीजन के तौर पर देखा जाना चाहिए। पंजाब व हरियाणा के साथ सटते इलाकों के प्रशासन व सरकार के साथ विचार विमर्श भविष्य का प्लान बनना चाहिए। चंडीगढ़ में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की तरह ग्रेटर चंडीगढ़ प्लानिग बोर्ड होना चाहिए। पूर्व चेयरमैन सीआईआई डा.एसपीएस ग्रेवाल ने कहा कि चंडीगढ़ के साथ सटते इलाकों को चंडीगढ़ के साथ जोड?र देखना चाहिए। यहां लगातार आबादी बढ़ रही है। यह इलाके अलग अलग राज्यों में पड़ते हैं। यहां से लोगों की रोजाना चंडीगढ़ की तरफ मूवमेंट रहती है। इन राज्यों व यूटी को आपसी कोर्डीनेशन की जरूरत है। इसके लिये रीजनल प्लानिंग बोर्ड बनाया जाना चाहिए। इसका काम लोगों में कोर्डीनेशन व प्रशासन में कोर्डीनेशन स्थापित कर योजनाएं बनाना होना चाहिए।

 

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