Home » हरियाणा » बिटकॉइन में निवेश के नाम पर 15 लाख की ठगी, चार काबू
Fraud of 15 lakhs in the name of investing in bitcoin, four arrested

बिटकॉइन में निवेश के नाम पर 15 लाख की ठगी, चार काबू

डेढ मिलियन क्रिप्टोकरंसी फ्राड मामले में पुलिस ने की कार्रवाई

फेसबुक पर फर्जी अकांउड बना दिखाए बिटकॉइन

दूसरे के खाते से किया 15 लाख 50 हजार का फ्राड

Fraud of 15 lakhs in the name of investing in bitcoin, four arrested : हरियाणा पुलिस ने क्रिप्टोकरंसी फ्रॉड के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वर्चुअल करेंसी बिटकॉइन में इंवेस्ट करने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले मास्टरमाइंड सहित चार जालसाजों को गिरफ्तार किया है। हरियाणा पुलिस महानिदेशक मनोज यादव ने गुरुवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि बिटकॉइन के नाम पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपी मास्टरमाइंड और उसके साथी चीन से बाहर स्थित एक बहुराष्ट्रीय क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज, बिनांस के नाम का इस्तेमाल कर रहे थे। बिटकॉइन ट्रेडिंग के नाम पर सभी मोटे मुनाफे का लालच देकर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

उन्होंने बताया कि सोनीपत के सेक्टर-23 निवासी प्रवेश ने गांव माढा पुलिस थाना नारनौद, हांसी निवासी हरिंदर चहल के खिलाफ ठगी के संबंध में पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस स्टेशन पंचकूला में आईपीसी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस जांच में पता चला कि इस धोखाधड़ी में आरोपी मास्टरमाइंड अकेला नहीं है बल्कि कई अन्य लोग भी शामिल हैं जो मोटे मुनाफे के झांसे के साथ बिटकॉइन में निवेश करवाने के काम को अंजाम देते थे। अब तक की जांच में मास्टरमाइंड सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

Fraud of 15 lakhs in the name of investing in bitcoin, four arrested: डीजीपी ने बताया कि जांच के दौरान यह सामने आया कि जॉन मैक्फी नाम के एक व्यक्ति ने हैकिंग की संभावना जताते हुए ट्विटर पर सार्वजनिक रूप से बिनांस से पूछताछ की थी। बिनांस ने उसी दिन अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से हैक होने की किसी भी संभावना से इनकार करते हुए रिप्लाई किया और साथ ही अपना ‘बिटकॉइन वॉलेट एडेऊस’ भी सार्वजनिक किया।

इसका फायदा उठाते हुए गिरफ्तार मास्टरमाइंड ने विकास कुमार के नाम से एक जाली फेसबुक अकाउंट बनाया और क्रिप्टोकरंसी एक्सचेंज बिनांस के आधिकारिक वॉलेट एड्रेस को कॉपी कर लिया। 1 अक्टूबर 2019 को, वॉलेट की बिटकॉइन होल्डिंग 1871 बिटकॉइन थी, जिसकी राशि लगभग एक अरब नौ करोड़ 64 लाख छह हजार रुपये थी। एक अक्टूबर 2019 को मास्टरमांइड ने शिकायतकर्ता प्रवेश कुमार को विश्वास दिलाने के लिए फेसबुक मैसेंजर और व्हाट्सएप मैसेंजर के माध्यम से यह ब्लॉकचेन दिया।

Fraud of 15 lakhs in the name of investing in bitcoin, four arrested: मास्टरमाइंड हरिंदर चहल जिसे सोनू चहल के नाम से भी जाना जाता है, ने शिकायतकर्ता प्रवेश कुमार को अपने वॉलेट में बिटकॉइन दिखाकर 15,50,000 रुपये का फ्रॉड किया, जो वास्तव में क्रिप्टो-करेंसी एक्सचेंज बिनांस के थे। शिकायतकर्ता ने आरोपी पर विश्वास किया क्योंकि घटना के समय वॉलेट में 1871 बिटकॉइन मौजूद थे। जबकि यह बिनांस के थे।

जांच के दौरान, यह भी पता चला कि हरिंदर चहल के पास कई क्रिप्टो-करेंसी वॉलेट हैं, लेकिन उनमें से किसी में भी कोई वास्तविक बिटकॉइन या क्रिप्टो-करेंसी नहीं थी। वॉलेट में नॉन-स्पैनडेबल (डमी) बिटकॉइन थे जिनका उपयोग धोखाधड़ी से पीडि़तों को यह विश्वास दिलाने के लिए किया जाता था कि आरोपी के पास बिटकॉइन हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा ठगे गए लोगों की संख्या के बारे में और जानकारी एकत्र की जा रही है। फिलहाल, गिरफतार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

Check Also

Center approved 32 thousand tube wells for Haryana

केंद्र ने हरियाणा के लिए मंजूर किए 32 हजार नलकूप

बिजली मंत्री व मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय मंत्री से मुलाकात बिजली का ढांचा मजबूत करेगी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share
See our YouTube Channel