Home » चंडीगढ़ » ट्रांसजेंडर धनंजय के जीवन पर फीचर डॉक्यूमेंट्री ‘एडमिटेड’

ट्रांसजेंडर धनंजय के जीवन पर फीचर डॉक्यूमेंट्री ‘एडमिटेड’

चंडीगढ़। ट्रांसजेंडर्स ने ऐसा क्या गुनाह किया है जो हम उन्हें अपने से अलग तिरस्कृत जीवन जीने को मजबूर कर रहे हैं, किस बलबूते पर हम समाज के निर्माता व कार्यवाहक बन बैठे हैं, मुझे लगता है कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जो ट्रांसजेंडर्स को मुख्य धारा से जोडऩे का काम कर सकता है। यही वजह है कि मैंने अपने हाथों में विद्या का दंड थाम लिया है और निकल पड़ा हूं अपने ही समान दूसरे लोगों को शिक्षा दिलवाने के लिए। मैं जानता हूं रास्ता कठिन है। ये सोच है पंजाब यूनिवर्सिटी के पहले ट्रांसजेंडर छात्र की। इसे बायोग्राफिकल डोक्यू ड्रामा (एडमिटेड) के रूप में पेश कर रहे हैं ओजस्वी शर्मा ने।

समाज का हमारे प्रति नजरिया अभी बदला नहीं है और ट्रांसजेंडर्स भी बधाई देने में मिलने वाले पैसों से ज्यादा खुश हैं पर मुझे कोशिश करना है। ट्रांसजेंडर्स को मोटिवेट करना उन्हें शिक्षा से जोडऩा मेरा काम है। विद्या के दंड के साथ मुझे जीतना है तीनों लोक को। (यहां तीनों लोक से तात्पर्य है बुराइयां, समाज और स्वयं से) इन अनुभवों को ओजस्वी से साझा किया था ट्रांसजेंडर धनंजय चौहान ने और इसी सोच व कशिश को अमली जामा पहनने की कोशिश है एडमिटेड।

धनंजय पंजाब विवि के पहले ट्रांसजेंडर स्टूडेंट हैं और इनके ही प्रयास से पंजाब विवि में सबसे पहले ट्रांसजेंडर के लिए अलग से शौचालय बनवाया गया। शिक्षण संस्थाओं के दाखिले फॉर्म में महिला-पुरुष के साथ तीसरा ऑप्शन ट्रांसजेंडर जुड़वाने का श्रेय भी इन्हें ही है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2014 में ट्रांसजेंडर्स के लिए प्रवेश फॉर्म में ऑप्शन देने का आदेश दिया।  इसिलए इस पराक्रम से जुड़े सभी विशिष्ट शिक्षाविदों, रेडियो व अख़बारों से जुड़े पत्रकारों, पूर्व कैनेडियन कांसुलेट आदि को लेकर बन पायी एडमिटेड, एक फीचर डॉक्यूमेंट्री।

Check Also

ट्रेन में चढऩे से पहले महिला ने दिया बच्चे को जन्म

पुलिस कर्मियों ने आनन-फानन में महिला को कराया अस्पताल में भर्ती चंडीगढ़। कोरोना के प्रकोप …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share
See our YouTube Channel