Home » ब्रेकिंग न्यूज़ » नारनौंद में किसानों ने पटवारियों को बनाया बंधक, पांच घंटे बाद छोड़ा

नारनौंद में किसानों ने पटवारियों को बनाया बंधक, पांच घंटे बाद छोड़ा

हिसार, 22 अक्टूबर: हरियाणा के हिसार जिले में नारनौंद के मिलकपुर गांव में पराली जलाने वाले किसानों से जुर्माना वसूली के लिए गए दो पटवारियों को भारतीय किसान यूनियन(भाकियू) के नेताओं और किसानों द्वारा बंधक बनाने और पांच घंटे बाद बुधवार देर रात को इन्हें अधिकारियों के हवाले करने की घटना सामने आई है।

जहां यह घटना चर्चा में है, वहीं वीरवार को एसडीएम ने किसी भी कर्मचारी को बंधक बनाने की घटना होने से इनकार किया है। जानकारी के अनुसार मिलकपुर गांव के दो किसानों ने 15 दिन पहले पराली जलाई थी। सेटेलाइट से सूचना मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारी गांव में गए और किसानों से जुर्माना वसूल किया।

वहीं किसानों का कहना है कि जुर्माना की रसीद भी नहीं दी गई। बुधवार को पटवारी सोमराज और नरेंद्र मिलकपुर के खेतों में पहुंचे। किसान पप्पू को कहा कि आप लोगों ने धान की पराली जलाई है। इसका जुर्माना भरना होगा। किसान ने मामला रफा-दफा करने की बात कही। आरोप है कि पटवारियों को किसान बहाने से अपने घर पर ले आया। किसान ने इसकी सूचना भाकियू पदाधिकारियों को दे दी।

कुछ देर बाद भाकियू प्रदेश उपाध्यक्ष बिजेंद्र बिल्लू सहित यूनियन के सदस्य गांव में पहुंच गए। पटवारियों को कथित तौर पर प्राईमरी स्कूल के कमरे में बंधक बना लिया। किसानों ने उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग रखी।

इस पर एसडीएम विकास यादव, पुलिस उपाधीक्षक विनोद शंकर, नायब तहसीलदार अजीत सिंह और थाना प्रभारी उमेद सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। एसडीम के आश्वासन के बाद ही किसानों ने पांच घंटे से बंधक बनाए गए पटवारियों को देर रात अधिकारियों के हवाले किया।

किसानों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने इस मामले में किसी भी किसान या ग्रामीण पर कोई मामला दर्ज किया तो भविष्य में फिर उन्हें गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा और यूनियन सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर देगी।

किसानों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी पराली में आग लगाने के नाम पर किसानों से पैसा वसूली में जुटे हुए हैं जिस पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जानी चाहिये। इस श्री यादव ने आश्वासन दिया कि भविष्य में कोई कर्मचारी किसानों से बिना रसीद के पैसा नहीं वसूल करेगा। अगर कोई कर्मचारी बिना रसीद के पैसे लेकर जाता है तो उसकी शिकायत करें। उस कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उधर, यादव ने वीरवार को कहा कि किसी भी कर्मचारी को बंधक नहीं बनाया गया। बातचीत के लिए ग्रामीणों ने दो पटवारियों को बिठाया था। किसानों की जो समस्याएं थी, वे सरकार तक पहुंचा दी जाएंगी। किसानों ने कुछ कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इनकी जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Check Also

Will all the trains of Indian Railways be closed again from December 1

1 दिसंबर के बाद से फिर से बंद हो जाएंगी भारतीय रेलवे की सभी ट्रेनें?, ये खबर जरूर पढ़ लें

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक मैसेज शेयर किया जा रहा है जिसमे लिखा है …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share
See our YouTube Channel