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सुविधाओं में प्रदेश के पर्यटक स्थल सैलानियों से हुए गुलजार

शिमला। हिमाचल प्रदेश पिछले कुछ अर्से से देश व विदेश के सैलानियों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभरा है और इस बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार प्रमुख पर्यटक स्थलों पर सैलानियों के लिए और अधिक सुविधाएं और आकर्षण उपलब्ध करवाने के लिए प्राथमिकता से प्रयास कर रही है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वविख्यात शिमला, कुल्लू-मनाली, धर्मशाला, जंजैहली, कसौली और डलहौजी जैसे स्थलों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि यहां घूमने आने वाले सैलीनी अविस्मरणीय अनुभूति के साथ वापस लौटें और बार-बार यहां आने को आतुर रहें।

कभी ब्रिटिश शासनकाल के दौरान ग्रीष्मकालीन राजधानी रहा शिमला अपनी ऐतिहासिक धरोहरों व प्राकृतिक सौंदर्य के लिए मशहूर है। ‘पहाड़ों की रानीÓ के रूप में विख्यात शिमला में अब पर्यटकों के लिए पर्याप्त पार्किंग, ठहरने व पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध है। बेहतर योजना एवं प्रबंधन से शिमला में पर्यटन सीजन के दौरान पर्यटकों की भारी संख्या को ध्यान में रखते हुए पेयजल एवं अन्य प्रबंध किए गए हैं। पर्यटकों की सुविधा के लिए नई पार्किंग तैयार की गई हैं, जिसमें 1000 से अधिक वाहनों की क्षमता है तथा पर्यटक वाहनों की आवाजाही के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।

शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) शहर के लिए प्रतिदिन 45 से 50 एमएलडी जलापूर्ति कर रहा है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देख जलापूर्ति 55 से 60 एमएलडी तक बढ़ाई जा रही है, ताकि पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को पर्याप्त जल उपलब्ध हो सके। इसके अतिरिक्त, शिमला शहर के लिए चाबा से भी जलापूर्ति बढऩे से जल उपलब्धता में वृद्धि हुई है।

जाखू चोटी पर भगवान हनुमान के प्राचीन मंदिर में दर्शन के लिए जाने वाले सैलानियों के लिए रज्जू मार्ग की सुविधा आरंभ की गई है। शिमला से कुछ ही फासले पर स्थित मशोबरा व क्रेगनैनो का नेचर पार्क पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बने हैं। इस पार्क में विभिन्न प्रकार के फूलों के अतिरिक्त चिल्ड्रन पार्क, गोलघर, ट्री-हाउस बनाया गया है। तत्तापानी में गर्म पानी के चश्में पर्यटकों के लिए आकर्षण हैं तथा वहां चाबा में सतलुज नदी पर रिवर राफ्टिंग की सुविधा भी शुरू की गई है। नारकंडा में ट्रैकिंग, कैपिंग के अलावा सर्दियों में स्कीईंग के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में होम स्टे की सुविधा का भी पर्यटक भरपूर लाभ उठा रहे हैं।

कालका-शिमला वल्र्ड हैरिटेज रेलवे ट्रैक पर टॉय ट्रेन के बाद अब रेलवे ने विस्टा डोंम कोच भी शुरू की है ताकि पर्यटक सफर के दौरान खूबसूरत वादियों का आनंद ले सकें। पर्यटकों की सुविधा के लिए शहर में कार्ट रोड से मॉल रोड को जोडऩे वाली हिमाचल पर्यटन की लिफ्ट भी अब रात्रि 11:30 बजे तक संचालित की जा रही है।

शिमला के अलावा धौलाधार के आंचल में स्थित मैक्लोडगंज में भी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। धर्मशाला में सैलानी साहसिक खेलों और बीड बिलिंग में पैराग्लाइडिंग जबकि त्रियुंड तक रोमांचक ट्रैकिंग का आनंद ले रहे हैं।

कुल्लू-मनाली में पर्यटकों की खासी रुचि को देखते हुए सरकार इन क्षेत्रों को विकसित करने पर भी विशेष प्रयास कर रही है। इन स्थ्लों पर भी पर्यटक प्राकृतिक नजारों के अलावा साहसिक गतिविधियों का आनंद लेते हैं। यहां ब्यास नदी की लहरों पर रिवर राफ्टिंग जबकि सोलंग घाटी में पैराग्लाइडिंग तथा रोपवे का की सुविधा उपलब्ध है।

पर्यटकों की सुविधा के लिए मनाली से रोहतांग की सैर के लिए प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हैं। रोहतांग जाने वाले वाहनों के लिए ऑनलाइन परमिट की की व्यवस्था शुरू की गई है। खूबसूरत कुल्लू-मनाली घाटी बॉलीवुड को भी बरबस अपनी ओर आकर्षित करती है और यहां कई प्रसिद्ध हिन्दी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।

पर्यटकों की सुविधा के लिए शिमला से कुल्लू तथा धर्मशाला के लिए अब हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू हो गई है। चण्डीगढ़ से शिमला के लिए उड़ान योजना के अंतर्गत हेलीकॉप्टर सेवा सप्ताह में छह दिन (सोमवार से शनिवार) उपलब्ध है। इस सेवा का कुल्लू तथा धर्मशाला तक विस्तार किया गया है।

प्राकृतिक सौन्दर्य से लबरेज प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डलहौजी व खजियार भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। प्रदेश के अन्य प्रसिद्ध एवं खूबसूरत पर्यटन स्थलों जिनमें मण्डी जिला के जंजैहली व कामरू नाग झील आदि शामिल हैं, के विकास के लिए भी प्रयास जारी हैं। यह घाटी खासतौर पर ईको-पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हो रही है। इसके अतिरिक्त सोलन जिला में चायल व कसौली तथा सिरमौर जिला के चूड़धार व श्री रेणुका जी में भी पर्यटकों की अपेक्षा के अनुरूप सुविधाएं सृजित की जा रही हैं।

अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने और उनकी सुविधा के लिए प्रदेश सरकार मंडी जिला के नागचला में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा बनाने के लिए प्रयत्नशील है, जिसके लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केंद्र सरकार से विशेषतौर पर मामला उठा चुके हैं। सरकार ने ईको-पर्यटन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से विशेषज्ञों के सहयोग से एक मास्टर प्लान तैयार करने का निर्णय लिया है जिसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता भी निश्चित की जाएगी।

राज्य सरकार होम स्टे इकाइयों को भी प्रोत्साहित कर रही है जिससे ने केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि युवाओं को स्वरोजगार के साधन भी प्राप्त होंगे।

इसके अलावा, राज्य ने चमेरा, कोल डैम, लारजी और गोविंदसागर झील में जल परिवहन व अन्य गतिविधियां आरंभ करने के लिए भारत सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है। इसके आरंभ होने से जल परिवहन को प्रोत्साहन मिलेगा तथा स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

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