Saturday, September 21, 2019
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हिंदू देवताओं की मूर्तियां खंडित करने के आरोप में डा. एसएस रोमाणा काबू

मानसिक रोगी होने के कारण दिया वारदात को अंजाम : आईजी

बठिंडा। संतपुरा रोड पर स्थित सुरजगिरी श्री शिव मंदिर में स्थापित हिंदू देवताओं की मूर्तियों को खंडित करने के मामले में जिला पुलिस ने कुछ ही घंटों में गुत्थी को सुलझाते हुए रिटायर्ड एसएमओ डॉ. संतोख सिंह रोमाणा को काबू कर लिया है। पत्रकारवार्ता दौरान जानकारी देते हुए आईजी एमएफ फारूकी ने बताया कि गत दिवस पुलिस को जानकारी मिली थी कि किसी अज्ञात आरोपी ने संतपुरा रोड पर स्थित सुरजगिरी मंदिर में स्थापित श्री गणेश जी भगवान, माता पार्वती, भगवान कार्तिकेय व नंदी जी भगवान की मूर्तियों को खंडित कर दिया। आईजी ने बताया कि कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ राजकुमार के बयानों के आधार पर मामला दर्ज करते हुए देवताओं की खंडित मूर्तियों को धार्मिक रिवाजों से पानी में विसर्जन कर दिया गया।

पत्रकारवार्ता दौरान आईजी के साथ एसएसपी डॉ. नानक सिंह व डीएसपी सिटी वन गुरजीत सिंह रोमाणा भी उपस्थित थे। आईजी ने बताया कि पुलिस जांच के लिए डीएसपी गुरजीत सिंह रोमाणा की अगुवाई में एसएचओ कोतवाली दविंदर सिंह व एसआई बलकौर सिंह वाली टीम का गठन किया गया। वहीं जांच में सामने आया कि उसी रात्रि किसी ने मंदिर के पीछे वाली गली में खड़ी चार गाडि?ों के शीशे भी तोड़ दिए थे। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम ने कुछ ही घंटों में इस मामले को सुलझाते हुए डॉ. एसएस रोमाणा को काबू कर लिया। उन्होंने बताया कि डॉ. संतोख सिंह रोमाणा ने राजिंदरा कॉलेज पटियाला से 1990 में एमबीबीएस व 2003 में एमडी फीजियोलॉजी की हुई है। जबकि 1993 से 31 मार्च 2018 तक सरकारी अस्पताल में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

आईजी फारूकी ने बताया कि 31 मार्च 2018 को डॉ. रोमाणा जो एसएमओ भी तैनात रहे हैं, ने वलंटियर रिटायरमैंट लेने के बाद भुच्चो मंडी में अपना कलीनिक खोल लिया था। जांच में सामने आया कि डॉ. रोमाणा मानसिक रोगी है, जिस कारण वह मानसिक तनाव में रहता है व उसका ईलाज गुरू गोबिंद सिंह मैडीकल कॉलेज फरीदकोट के डॉ. जसवंत सिंह साईकाईट्रिस्ट के पास चल रहा है। आईजी ने बताया कि जांच में सामने आया कि डॉ. रोमाणा ने किसी भी तरह की भावना को भड?ाने के मकसद से ऐसा नहीं किया। फिर भी मामले की जांच चल रही है।

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