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Saturday, September 22, 2018
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डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन सोसाईटी ने मांगों को लेकर दिया एमसी के बाहर धरना

डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन सोसाईटी ने मांगों को लेकर दिया एमसी के बाहर धरना

 पिछले 4 दिन से बैठे हैं भूख हड़ताल पर, प्रदीप छाबड़ा भी आए समर्थन में

चंडीगढ़(गौरव राजवीर)। नगर निगम की नई पॉलिसी जिसके तहत शहर में कूड़ा उठाने का काम ठेकेदार को सौंप दिया जाएगा के खिलाफ सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को नगर निगम दफ्तर के बाहर धरना प्रर्दशन पे बैठ गए। प्रर्दशनकारियों ने इस दौरान कमिश्नर व मेयर के पुतले की अर्थी उठाई और बाद मे उसे आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शन के दौरान नगर निगम, मेयर और कमिशनर के खिलाफ जमकर नारेबाीजी की गई। इस मौके पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों को पूरा साथ देने का आश्वासन दिया।

इस मौके पर भाजपा सरकार आड़े हाथों लेते हुए उनहोंने कहा कि सरकार नहीं चाहती की वाल्मिकी समाज के लोगों के बच्चे स्कूल पढऩे जा सके। आगे उन्होंने कहा कि अगर उनके हक के लिए उन्हें जेल भी जाना पड़े तो वह इसके लिए तैयार हैं,आगे उन्होंने कहा कि यह शहर के सवच्छ रखने में सफाई कर्मचारियों का सबसे अहम हिस्सा है अगर उन्हीं के पेट पर लात मारकर नए लोगों सो काम दिया जाए तो यह बात नागवार है। गौरतलब है कि सेक्टर 17,22, 35 व 43 में पहले से ही ठेकेदार को सौंप दिया गया है, सफाई कर्मचारियों ने सबसे पहली मांग इसे हटा को लेकर रखी है।

इसके अलावा जो मुख्य मांगे रखी गई इस प्रकार हैं- ठेकेदारी प्रथा ना लागू कर , कर्मचारियों को जैसे काम कर रहे हैं वैसे करने दिया जाए, जो लोग पहले से किसी सेक्टर मे काम कर रहे हैं उन्हे ना हटाया जाए। इधर उधर कूड़ा फेंकने वाले लोंगों पर सख्त कारवाई की जाए। इसके आलावा डोर-टू-डोर हाजिरी को भी लागू ना किया जाए। यह मांगे नगर निगम की हाऊस मीटिंग के दरमियां भी जोर शोर से उठाई गई जिसमे पुराने पर्मचारियों को ना हटाने मामले में सत्ता पक्ष व विपक्ष दोनों एक ही पन्ने पर नजर आए।

प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ हल्की झड़प….

प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम के अंदर दाखिल होने की कोशस की तो पुलिस से उनकी हल्की झड़प भी हो गई, हालांकी पुलिस ने किसी को भी आंदर जाने की इजाजत नहीं दी तो प्रदर्शनकारियों नगर निगम के मुख्य द्वारा पर ही बैठ गए।

प्रदीप छाबड़ा- सफाई कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा है कि आज शहर सफाई के मामले में देश में तीसरे नंबर पर आता है अगर शहर को नंबर 1 बनाना है तो यह इनके बगैर संभव नही है। अगर इनके हक के लड़ते हुए अगर मुझे जेल भी जाना पड़े तो कोई गम नहीं। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि सफाई का काम ठेके पर ना दिया जाए और उन्हें पहले की तरह काम करने की आजादी दी जाए। साथ ही उन्होंने यह वादा भी किया है कि वह शहर को सफाई के मामले में नंबर एक पर पहुंचाकर रहंगे।

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