सास-ससुर से नहीं देखा गया विधवा बहू का दर्द, उठाया ऐसा कदम कि हो गया... - Arth Parkash
Sunday, December 16, 2018
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सास-ससुर से नहीं देखा गया विधवा बहू का दर्द, उठाया ऐसा कदम कि हो गया…

सास-ससुर से नहीं देखा गया विधवा बहू का दर्द, उठाया ऐसा कदम कि हो गया…

किसी भी महिला के लिए विधवा होने के दर्द से बड़ा दर्द, दुनिया में और कुछ नहीं होता और वो भी तब जब वो नई नवेली शादीशुदा हो और अपने जीवनसाथी के साथ लंबे समय तक जिंदगी बिताने के सपने बुन रही हो। कुछ ऐसा ही हुआ था उत्तराखंड की रहने वाली कविता के साथ। लेकिन उसके सास-ससुर से उसका ये दर्द देखा नहीं गया जिसके बाद उन्होंने कुछ ऐसा कदम उठाया कि अब चारों तरफ उनकी ही चर्चा हो रही है।

दरअसल, देहरादून के बालावाला निवासी विजय चंद के बेटे संदीप की शादी साल 2014 में कविता के साथ हुई थी। लेकिन अगले ही साल हरिद्वार में हुए एक हादसे में संदीप की मौत हो गई। अब भरी जवानी में बेटे की अचानक हुई मौत से पूरा परिवार सदमे में चला गया।
अपने पति की अचानक मौत से कविता भी पूरी तरह से टूट गई। वो संदीप के बारे में सोच-सोचकर डिप्रेशन में चली गई थी। कभी-कभी उसे लगता था कि वो सबकुछ छोड़-छाड़कर अपने मायके चली जाए, लेकिन फिर उसे अपने बूढ़े सास-ससुर का ख्याल आता था तो अपने कदम रोक लेती थी।

इधर, कविता के सास-ससुर से भी अपनी बहू की ये हालत देखी नहीं जा रही थी, जिसके बाद उन्होंने एक सराहनीय कदम उठाते हुए फैसला किया कि कविता की शादी करा दी जाए। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत थी कि क्या कविता दूसरी शादी करने को राजी होगी? हालांकि काफी मान-मनौवल के बाद कविता शादी करने को तैयार हो गई।

बहू से रजामंदी मिलने के बाद कविता के लिए एक नया रिश्ता ढूंढा गया और उसके सास-ससुर ने उसकी शादी एक निजी कंपनी में कार्यरत ऋषिकेश निवासी तेजपाल सिंह से करा दी। कविता के सास-ससुर ने उसे अपनी बेटी की तरह ससुराल से
विदा किया।

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