सिर्फ 'दिखावे' के लिए होता है चुनाव, पहले ही तय होते हैं नतीजे - Arth Parkash
Thursday, March 21, 2019
Breaking News
Home » Photo Feature » सिर्फ ‘दिखावे’ के लिए होता है चुनाव, पहले ही तय होते हैं नतीजे
सिर्फ ‘दिखावे’ के लिए होता है चुनाव, पहले ही तय होते हैं नतीजे

सिर्फ ‘दिखावे’ के लिए होता है चुनाव, पहले ही तय होते हैं नतीजे

भारत में अप्रैल से लेकर मई महीने के बीच लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। कुल सात चरणों में चुनाव होंगे, जिसके नतीजों की घोषणा 23 मई को की जाएगी। चुनाव के बाद ही पता चलेगा कि सत्ता की चाबी इस बार किसके हाथ में होगी। इस मौके पर हम आपको एक ऐसे देश के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां सिर्फ ‘दिखावे’ के लिए ही चुनाव कराया जाता है, क्योंकि यहां नतीजे पहले से ही तय होते हैं।

इस देश का नाम है उत्तर कोरिया। यहां होने वाले चुनाव को दुनिया का सबसे अनोखा चुनाव कहा जाता है। हर पांच साल पर यहां ‘सुप्रीम पीपुल्स असेंबली’ के लिए चुनाव होते तो हैं, लेकिन मतदान के दौरान हर मतपत्र पर केवल एक ही उम्मीदवार का नाम होता है और वो नाम है किम जोंग उन। किम जोंग उन को दुनिया उत्तर कोरिया के तानाशाह के तौर पर जानती है। कहा जाता है कि किम जोंग की इजाजत के बिना यहां कोई भी काम नहीं होता है। वो अगर कानून बना दे तो उसे तोडऩे या फिर उसके खिलाफ विरोध करने की हिम्मत किसी में नहीं है।

10 मार्च को उत्तर कोरिया में ‘सुप्रीम पीपुल्स असेंबली’ के चुनाव को लेकर मतदान कराया गया, जिसके नतीजे पहले से ही तय माने जा रहे हैं। यहां के एक चुनाव अधिकारी का कहना है कि उत्तर कोरिया में चुनाव में हिस्सा लेना नागरिकों का कर्तव्य है और यहां ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो उम्मीदवार को नकार दे।

यहां मतदाताओं को मतदान करते हुए मतपत्र पर केवल ‘हां’ या ‘नहीं’ ही लिखना होता है। उम्मीदवारों की अंतिम सूची से यह पता चलता है कि देश के नेतृत्व के साथ कौन है और कौन नहीं। आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘केसीएनए’ के मुताबिक, पिछले चुनाव में यहां 99.97 फीसदी मतदान हुआ था। सिर्फ उन लोगों ने चुनाव में मतदान नहीं किया था, जो देश से बाहर थे। उत्तर कोरिया की खास बात ये भी है कि यहां साल में सिर्फ एक या दो बार ही संसद की बैठक होती है और वो भी तब जब बजट या फिर देश की सुरक्षा से संबंधित कोई दूसरे फैसले लेने होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share