Home » Photo Feature » चुनावी रंगमंच पर तीखे होंगे डायलॉग

चुनावी रंगमंच पर तीखे होंगे डायलॉग

चुनाव का रंगमंच सज चुका है। कलाकार रंग-बिरंगी पोशाकों में, भांति-भांति के चेहरे बनाए और हास्य, वीररस, वीभत्स, मीठे, कसैले, नमकीन, सुस्वादु ‘डायलॉग’ लिए तैयार हो चुके हैं। ‘मास्टर’ को बस अंगुली हिलाने भर की देर है, ये सभी मंजे हुए ‘कलाकार’ शुरू हो जाएंगे। आम चुनाव का यह रंगमंच नये-नये रंग दिखाएगा। पिछले चुनावों की तुलना में इस बार काफी अलग नजारे दिखने वाले हैं। इस बार नये चेहरे इस मंच पर दिखेंगे वहीं कई पुराने चेहरे भी अपनी कला का जादू दिखाते नजर आएंगे। भारत में लोकतंत्र का यह पर्व पूरी दुनिया के लिए जिज्ञासा का विषय है, इस दौरान देश की जनता गहन विचार मंथन के बाद जिस फैसले पर पहुंचती है, वह राजधानी दिल्ली में संसद के गलियारों में प्रतीत होता है। देश में मार्च का महीना हल्की गर्मी की शुरुआत वाला होता है और आम चुनाव की घोषणा के साथ ही जहां मौसम में गर्मी बढ़ेगी वहीं राजनीतिक पारा भी हाइट छूने लगेगा। अप्रैल आते-आते जहां नेताओं के चेहरे लाल नजर आने लगेंगे वहीं जनता भी अपना सिर खुजला-खुजला कर बेहाल हो चुकी होगी। ऐसे में चुनावी भाषणों में वादों-इरादों की डोज जहां उसे सुकुन देगी वहीं उसका चैन भी छीन लेगी।

इस बार के मुख्य चुनावी मसलों की बात करें तो 6 मसलें दिखते हैं, जिन पर पूरी रार होगी। पहला- देशभक्ति, दूसरा- राफेल, तीसरा- आतंकवाद, चौथा-पाकिस्तान में वायुसेना का पराक्रम, पांचवां- किसानों को सुविधाएं, छटा-बाबरी मस्जिद राममंदिर विवाद। देशभक्ति ऐसा विषय है जोकि हमेशा तरोताजा रहता है, बस उसे हिलाने भर की देर होती है। इस बार देश में यह हिलोरें मार रहा है। पाकिस्तान के साथ और बिगड़े संबंधों की रोशनी में देखें तो इस बार सत्ताधारी दल भाजपा जनता के सामने दो विकल्प रखने की तैयारी में है, एक देश के हितैषी कौन और दूसरा पाकिस्तान के समर्थक कौन। कांग्रेस और दूसरे 21 दलों ने मोदी सरकार को लपेटते हुए पाकिस्तान के प्रति जितनी भी बयानबाजी की है, भाजपा उसे लेकर मतदाता के समक्ष प्रकट होगी, वह उसे कहेगी कि देखिए हमने क्या किया था और हमारे विरोधियों ने देश के शत्रु के साथ कैसा नरम बर्ताव रखा। पुलवामा हमले के बाद शहीद सैनिकों की शहादत और इसके बाद निरंतर हो रही कार्रवाइयों में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों के जरिये भाजपा जनता को झंझोड़ेगी।

दूसरा मसला राफेल है, यह कांग्रेस और उसके मित्र दलों के लिए भाजपा के खिलाफ हथियार है। इस मसले पर नये खुलासे देश के समक्ष हो रहे हैं, फाइलों का चोरी होना अब इसमें और जुड़ गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चौकीदार चोर है का नारा देते हुए इस मसले को लगातार जिंदा रखे हुए हैं, अब चूंकि चुनावी रिंग खुल चुका होगा तो उनके हमले और प्रखर होंगे। पार्टी इस संबंध में बेहद लोकल स्तर पर भी जनता को जगाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने इस मसले को इस तरह पेश किया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कैसे अपने मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए देश की जनता के साथ धोखा किया है। हालांकि सरकार और प्रधानमंत्री के अपने स्पष्टीकरण हैं, लेकिन एक आरोप को लगातार दोहराया जाए तो जनता बेचारी उस पर यकीन करने लगती है। पाकिस्तान का मसला भारत में और भारत का मसला पाकिस्तान में राजनीति का पसंदीदा विषय रहा है। इस बार भारत के लिए यह खास है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर कार्रवाई और दुनिया में पाक का झूठ पुरजोर तरीके से जाहिर करने के लिए मोदी सरकार इसे मसला बनाएगी। गौरतलब है कि भाजपा ने अपनी चुनावी बैठकों में कार्यकर्ताओं को इसी तरह के भावनात्मक मसलों को जनता के सामने रखने की रणनीति तैयार की है।

किसानों के लिए स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट धार्मिक ग्रंथ की भांति है। जिसका एक-एक अक्षर उनके कल्याण के लिए है। भाजपा ने वर्ष 2014 के आम चुनाव में इस रिपोर्ट को लागू करने का वादा किया था, हालांकि केंद्र और राज्यों की भाजपा सरकारों ने किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं, लेकिन इस रिपोर्ट को लागू नहीं किया। अब विपक्ष जहां इसे मसला बनाएगा वहीं मोदी सरकार अपने अंतरिम बजट में छोटे किसानों के खाते में हर साल 6000 रुपए डालने की घोषणा को ढाल बनाएगी। कांग्रेस भी किसानों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करके इसे मुद्दा बना चुकी है। वहीं बाबरी मस्जिद-राम मंदिर जन्मभूमि भी मसला बनेगा। केंद्र सरकार मध्यस्थता पैनल बनाने आदि को अपने पक्ष में लेगी वहीं विपक्ष भाजपा पर इस मसले को सांप्रदायिक रूप देकर अपना मनोरथ साधने का आरोप लगाएगा। दरअसल, ये मसले नये हों, ऐसा नहीं है, वे शाश्वत मसले हैं, लेकिन हर चुनाव में इनका आकार-प्रकार बदलता रहता है। देखते रहिए, इस चुनावी महाभारत में क्या-क्या देखने और सुनने को मिलेगा।

Check Also

चंडीगढ़ चुनाव व्यवस्था: पोलिंग बूथों पर तैनात कर्मचारियों को दिया गया खराब खाना, देखें वीडियो

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share
See our YouTube Channel