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मुख्यमंत्री ने मीडिया से किया सीधा संवाद, कहा- पंजाब को 30 हजार करोड़ के वित्तीय नुकसान का अनुमान

चंडीगढ़। कोरोना काल में मार्च से कर्फ्यू/लॉकडाउन लगने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने पहली बार सोमवार को मीडिया से सीधा संवाद किया। इससे पहले मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह सिर्फ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ही मीडिया से मुखातिब होते थे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने मीडिया से बातचीत में चीन द्वारा भारतीय सीमा में की जा रही गड़बड़ी पर बोलते हुए कहा कि सीमा पर गड़बड़ करना चीन कि पुरानी प्लानिंग का हिस्सा है। सीएम ने कहा कि चीन पर तनाव है। चीन की कंपनियों ने पीएम केयर्स फंड में करोड़ोंं रुपये डोनेट किए। इनमें से कुछ कंपनियों के संबंध चीन की सेना के साथ हैंं। देश को चीन की कंपनी के पैसे की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि कोरोना काल में जहां पूरा देश वित्तीय संकट से जूझ रहा है वहीं पंजाब को इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 30 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान का अनुमान है।

लॉकडाउन बढ़ाने या खत्म करने के संबंध में कैप्टन ने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। ये समय ही बताएगा। यह कोरोना वायरस संक्रमण के हालात पर निर्भर करता है। सीएम ने कहा कि पंजाब में अभी कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हुआ है। इसी से हम राज्य को बचाना चाहते हैं।

वहीं करतारपुर कॉरिडोर पर पूछे गए सवाल के जवाब में कैप्टन ने कहा कि करतारपुर कॉरीडोर के पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अगर फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाता है तो पंजाब सरकार कारतारपुर कॉरिडोर खोलने के लिए सहमत है। हालांकि इसका फैसला केंद्र सरकार को लेना है।

सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के गुरपतवंत सिंह पन्नू के बयान कि ‘हर सिख खालिस्तान चाहता है’ पर पूछे गए सवाल पर कैप्टन ने कहा कि सिख देश के साथ खड़ा है। हमारे सिख भाई देश रक्षा के लिए शहादत दे रहे हैं। कोई भी सिख खालिस्तान नहीं चाहता है। ऐसा सिर्फ पन्नू सरीखे लोग चाहतेे हैं। पन्नू अब सीधे रूप से आतंकवाद में शामिल हो रहा है। कैबिनेट फेरबदल की संभावना पर कैप्टन ने कहा कि सभी मंत्री अच्छा काम कर रहे हैं। अभी ऐसा कुछ नहीं है। अभी फिलहाल ध्यान कोरोना संक्रमण कम करने पर है।

कोविड महामारी के बीच परीक्षाएं करवाने संबंधी विद्यार्थियों और माता-पिता द्वारा जाहिर चिंताओं के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य की सभी यूनिवर्सिटियों के फाइनल एग्जाम 15 जुलाई तक स्थगित करने का ऐलान किया है।

हालांकि, इस बारे में अंतिम फैसला यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) द्वारा किसी भी समय जारी किए जाने वाली नई हिदायतों एवं दिशा-निर्देशों पर आधारित होगा। सारी दुविधाएं दूर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सभी संबंधित पक्षों खासकर यूनिवर्सिटियों को यूजीसी द्वारा जारी किए जाने वाले नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे बढऩे का समय मिल सकेगा।

यूजीसी के 29 अप्रैल को जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही यूनिवर्सिटियों ने जुलाई, 2020 में परीक्षाएं लेने का फैसला लिया था। हालांकि, अंतिम फैसला भारत सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय अधीन सक्षम अथॉरिटी का ही होगा।

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