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चंडीगढ़: दिव्यांग लड़कियों के सशक्तिकरण पर चंडीगढ़ पुलिस का जोर, देखें वीडियो
चंडीगढ़: दिव्यांग लड़कियों के सशक्तिकरण पर चंडीगढ़ पुलिस का जोर, देखें वीडियो

चंडीगढ़: दिव्यांग लड़कियों के सशक्तिकरण पर चंडीगढ़ पुलिस का जोर, देखें वीडियो

चंडीगढ़(रंजीत शम्मी): चंडीगढ़ पुलिस शहर की दिव्यांग लड़कियों को सशक्तिशाली बनाने का प्रयास कर रही है|चंडीगढ़ पुलिस एक ट्रेनिंग के तहत दिव्यांग लड़कियों को ”खुद की रक्षा कैसे करना है” यह सिखा रही है|चंडीगढ़ पुलिस की स्वयं टीम द्वारा दिव्यांग लड़कियों को आत्मरक्षा के गुर सिखाये जा रहे हैं|वहीँ इसी क्रम में चंडीगढ़ पुलिस की इस टीम द्वारा सेक्टर 26 स्थित इंस्टीट्यूट फॉर दी ब्लाइंड में 13 दिव्यांग लड़कियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी गई है|चंडीगढ़ पुलिस की स्वयं टीम ने इंस्टीट्यूट फॉर दी ब्लाइंड में 13 दिव्यांग लड़कियों को 3 सप्ताह की ट्रेनिंग दी है|इस तीन सप्ताह की सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग में दिव्यांग लड़कियों को आत्मरक्षा के सभी गुर सिखाये गए हैं|

जो सीखा वो SSP नीलांबरी जगदाले के सामने पेश किया…

सेक्टर 26 स्थित इंस्टीट्यूट फॉर दी ब्लाइंड में 13 दिव्यांग लड़कियों ने जो भी तीन सप्ताह की सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग में चंडीगढ़ पुलिस की स्वयं टीम द्वारा सीखा उसका एक छोटा सा डेमो SSP नीलांबरी जगदाले के सामने पेश किया|दरअसल, सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मगलवार यानि आज समापन हुआ, जिसके चलते एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया|जहां प्रोग्राम में मुख्य अतिथि के रूप में SSP नीलांबरी जगदाले ने शिरकत की|प्रोग्राम शुरू हुआ, लड़कियों ने डेमो दिया|डेमो में दिखाया गया कि लड़कियों ने ही नहीं बल्कि महिलाओं ने भी अपनी आत्मरक्षा के गुर किस तरह से सीखने हैं। डेमो में दिखाया गया कि दिव्यांग छात्राओं द्वारा दुपट्टे को हथियार बनाकर किस तरह शातिर से बचना है। एटीएम से पैसे निकालते वक्त अगर कोई डिमांड करता है तो उसे किस तरह से निपटना है और बचाव करना है।अगर कोई लड़की की किडनैपिंग हो तो किस तरह से बचाव करना है।कोई गला पकड़ता हो तो किस तरह बचाव करना है।कोई पीछे चाकू लगाता है तो किस तरह बचाव करना है।चैन, पर्स स्नैचिंग करता है तो किस तरह से निपटना है, इत्यादि प्रकार की ग्रहण की आत्मरक्षा की शिक्षा को दिव्यांग लड़कियों ने प्रोग्राम में पेश किया|जिसमें वृंदा, सविता, रेखा, कशिश उषा, मनजीत ,गगनजोत, कुसुम ,हरलीन ,गरिमा, रेखा और मानसी शामिल हैं।बतादें कि चंडीगढ़ पुलिस की स्वयं टीम के कोच कॉन्स्टेबल संजय, महिला कॉन्स्टेबल पूजा और सोनिया द्वारा दिव्यांग लड़कियों को ट्रेनिंग दी गई है|

लड़कियों हमेशा रहें सतर्क और डरने की बजाय जागरूक होकर सीखें आत्मरक्षा के गुर- एसएसपी

चंडीगढ़ पुलिस की एसएसपी निलाबरी जगदले ने दिव्यांग लड़कियों द्वारा पेश किये गए डेमो की प्रशंसा की| इसके साथ ही उन्होने कहा कि नारी अपने आप को कमजोर ना समझे|लड़कियां नहीं बल्कि महिलाएं भी आत्मरक्षा के गुर सीखे ताकि आने वाले समय में उनके साथ कोई भी भयावह घटना ना हो सके।एसएसपी ने आगे कहा कि अगर कोई भी लड़की, महिलाएं आत्मरक्षा के गुर सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग लेना चाहती है तो वह सेक्टर 26 पुलिस लाइन में संपर्क कर सकती हैं|

खुद में बढ़ेगा अनुशासन…….

एसएसपी ने बताया कि सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग के लिए लड़कियां और महिलाएं हिस्सा ले सकती हैं। सेल्फ डिफेंस सीखने के लिए कोई भी एंट्री फीस नहीं है।इसे जरूर सीखे ताकि जरूरत पड़ने पर आत्मरक्षा खुद कर सके।सेल्फ डिफेंस में कुछ ऐसी तकनीक होती है जिसमें ताकत नहीं सिर्फ हिम्मत की जरूरत पड़ती है।चंडीगढ़ पुलिस द्वारा सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग की मुफ्त क्लासेज लगाई जाती है। इसमें किसी भी उम्र की छात्राएं हिस्सा ले सकती है।सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग के लिए अगर लड़कों को भी सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग लेनी हो तो लड़के भी ट्रेनिंग ले सकते हैं ताकि जरूरत पड़ने पर अपना वह भी बचाव कर सकें। इस मौके पर रोटरी क्लब के प्रेसिडेंट अमरिंदर सिंह स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के मेंबर महावीर सिंह अनीश भनोट इंस्टीट्यूट के प्रिंसिपल जीएस जरि वाल और अन्य टीचर्स स्टूडेंट्स शामिल थे।

2017 में हुई थी सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग की शुरुआत…..

सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग की शुरुआत दिल्ली में सामूहिक दुष्कर्म के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने 2017 में की थी।3 वर्ष में हजारों लड़कियां और महिलाएं सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग ले चुकी हैं वर्ष 2017 में 190 समर कैंप लगे थे जिसमे 10084 महिलाएं ने हिस्सा लिया था। जबकि 2018 में 210 समर कैंप आयोजित किए गए, जिसमें 214 11 महिलाओं ने हिस्सा लिया और 2019 में 500 कैंपों में 15000 के करीब महिलाएं हिस्सा ले चुकी है और चंडीगढ़ पुलिस द्वारा सेल्फ डिफेंस का ट्रेनिंग प्रोग्राम लगातार जारी है।

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