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खुलासा: चंडीगढ़ ने ''निर्भया फंड'' का 50 प्रतिशत भी खर्च नहीं किया
खुलासा: चंडीगढ़ ने ''निर्भया फंड'' का 50 प्रतिशत भी खर्च नहीं किया

खुलासा: चंडीगढ़ ने ”निर्भया फंड” का 50 प्रतिशत भी खर्च नहीं किया

  • महिलाओं की सुरक्षा पर अलाट फंड में से 50 पर्सेंट भी खर्च नहीं
  • निर्भया केस के बाद केंद्र सरकार ने फंड बनाकर यूटी और राज्यों को किया था आवंटित
  • चंडीगढ़ में दो बार हुआ ‘निर्भया जैसा कांड’

चंडीगढ़(मोनिका रावत)। केंद्र सरकार ने 2012 में निर्भया केस के बाद निर्भया फंड बनाया।राज्यों और यूटी को भी फंड दिया गया। लेकिन चंडीगढ़ ने इस फंड का 50 प्रतिशत भी खर्च नहीं किया।इस फंड के तहत 7.46 करोड़ रुपये अलॉट हुए थे। लेकिन खर्च सिर्फ 2.60 करोड़ रुपये ही किए गए।यह फंड महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था। जिसे महिलाओं की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए खर्च करना था। महिलाओं को जागरूक करने जैसे कार्यों पर इसे खर्च किया जाना था। लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन भी इस मामले में कितना गंभीर यह फंड की स्थिति से लगा सकते हैं। एडवोकेट अजय जग्गा ने कहा कि इस मामले में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर को चिट्ठी लिखकर इसकी शिकायत की है। उन्होंने चिट्ठी में फंड की जानकारी भी दी है।

पंजाब और हरियााण का भी यही हाल

चंडीगढ़ ही नहीं पंजाब और हरियाणा भी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। इन दोनों ही राज्यों में भी निर्भया फंड का इस्तेमाल नहीं है। पंजाब को निर्भया फंड के तहत 20.47 करोड़ रुपये आवंटित हुए लेकिन इसमें से केवल तीन करोड़ ही खर्च किए गए। जो कुल फंड का सातवां हिस्सा है। इसी तरह से हरियाणा को 16.71 करोड़ रुपये मिले जिसमें से हरियाणा ने 6.६ करोड़ रुपये ही खर्च किए।कोई भी 50 फीसदी फंड भी खर्च नही सके।

चंडीगढ़ में दो बार गैंगरेप….

चंडीगढ़ में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। नियमित अंतराल के बाद ऐसी घटनाएं घटती रही हैं जिसे पूरे शहर को शर्मिंदा होना पड़ा है। दिसंबर 2016 में पिकाडली चौक से रात को युवती ने ऑटो लिया।ऑटो में पहले से ही दो लड़के मौजूद थे।इसके बाद सेक्टर-29 स्लिप रोड के साथ लगते जंगल में युवती से गैंगरेप किया।इसके ठीक एक साल बाद फिर से नवंबर 2017 में सेक्टर-52 के जंगल में युवकी को अगवा कर गैंगरेप किया। कमाल की बात यह रही कि इन दाेनों ही मामलों में एक दोषी मोहम्मद इरफान शामिल रहा। पकड़ेनहीं जाने से उसके हौसले बुलंद थे। इसके बाद भी घटनाएं होती रही हैं।

महिलाओं को पिक एंड ड्रॉप की सुविधा देना जरूरी…….

महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए नाइट शिफ्ट में चलने वाले सभी ऑफिस या कंपनी को पिक एंड ड्रॉप की सुविधा देनी जरूरी है।फिर चाहे किसी ऑफिस में एक ही महिला काम क्यों न करती हो। डीसी ने सीआरपीसी 144 के तहत यह आदेश जारी कर रखे हैं। चंडीगढ़ में बहुत सी आईटी कंपनी और कॉल सेंटर ऐसे हैं जिनका काम रात को होता है। लेकिन अभी भी यहां महिला स्टाफ को पिक एंड ड्रॉप की सुविधा नहीं है।हालांकि चंडीगढ़ पुलिस ने रात को ड्रॉप करने की सुविधा दे रखी है।

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