गधी के दूध से बना साबुन आया चर्चा में फेस्टिवल में लूटी वाहवाही और लोग हैरान - Arth Parkash
Tuesday, February 19, 2019
Breaking News
Home » Photo Feature » गधी के दूध से बना साबुन आया चर्चा में फेस्टिवल में लूटी वाहवाही और लोग हैरान
गधी के दूध से बना साबुन आया चर्चा में फेस्टिवल में लूटी वाहवाही और लोग हैरान

गधी के दूध से बना साबुन आया चर्चा में फेस्टिवल में लूटी वाहवाही और लोग हैरान

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से पिछले दिनों चंडीगढ़ में 6वां वुमन ऑफ इंडियन ऑरगेनिक फेस्टिवल आयोजित किया गया। केमिकल फ्री ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स जैसे सब्जियां, फ्रूट, ड्रायफ्रूट्स को पसंद करने वाले लोगों के लिए यह ऑर्गेनिक फेस्टिवल लगाया गया था। इस ऑरगेनिक फेस्टिवल में गधी और उसके दूध से बना उत्पाद काफी चर्चा में रहा। फेस्टिवल में गधी के दूध से बना साबुन हाथों हाथ लिया गया। इस फेस्टिवल में दो स्टार्टअप रिषभ यश तोमर और पूजा कौल गधी के दूध से बना साबुन लेकर आए थे।

रिषभ का दावा है कि मिस्र की रानी क्लियोपैट्रा गधी के दूध से नहाती थीं। यही उनकी सुंदरता का राज था। एक साबुन की कीमत 500 रुपए है। वे कहते हैं कि इस साबुन के लगाने से 2-3 हफ्ते में स्किन ग्लो करने लगती है और इसके लगातार इस्तेमाल से चेहरे की झुर्रियां भी खत्म हो जाती हैं। रिषभ दिल्ली में साबुन का प्रोडक्शन कर रहे हैं।ऑर्गेनिको की फाउंडर पूजा कौल ने बताया कि यह प्राकृतिक साबुन 5 तरीके के तेल और गधी के दूध से बना है। हम गधी के मालिकों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं जिससे इस साबुन का उत्पादन किया जा सके। कौल ने बताया कि गधी के मालिकों की आय में भी इस उत्पाद की वजह से बढ़ोतरी हुई है।

जानकारों का कहना है कि इस साबुन को लेकर हुई रिसर्च के परिणाम बेहद चौंकाने वाले हैं। साबुन पर शोध कर रहे जानकारों का मत है कि गधी के दूध में कुछ ऐसे तत्व पाए गए हैं जो त्वचा को बच्चों की स्किन जैसा स्मूथ बनाते हैं। साथ ही गधी के दूध की एक अच्छी बात ये भी है कि इससे स्किन पर कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता। रिषभ कहते हैं कि उन्हें लगा कि क्यों न गधी के दूध से साबुन बनाकर लोगों तक इसका फायदा पहुंचाया जाए। इस काम की शुरुआत महाराष्ट्र के शोलापुर से की। सबसे बड़ी चुनौती दूध एकत्र करने की थी। आंध्रप्रदेश में यह दूध 2 हजार रुपए लीटर बेचा जाता है। इसके बाद शोलापुर की एक कम्युनिटी को इस दूध के महत्व के बारे में बताया और उन्हें दूध प्रोड्यूस करने को कहा गया।

इसके पीछे उद्देश्य था कि शोलापुर के लोगों को इस काम के जरिए रोजगार मिले। साबुन को बनाने के लिए दिल्ली में एक प्रोडक्शन यूनिट शुरू किया|यह साबुन ऑनलाइन ई-पोर्टल पर भी उपलब्ध है। बता दें कि वुमन ऑफ इंडियन ऑरगेनिक फेस्टिवल में और भी कई तरह के नॉनवेज फूड प्रोडक्ट और जंक फूड के विकल्प के तौर पर कई उत्पादों के बारे में बताया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share