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चंडीगढ़ प्रशासन के जहन में 'जुर्माना' के अलावा कुछ आता है?अब व्यापारियों को तंग करने का प्लान
चंडीगढ़ प्रशासन के जहन में 'जुर्माना' के अलावा कुछ आता है?अब व्यापारियों को तंग करने का प्लान

चंडीगढ़ प्रशासन के जहन में ‘जुर्माना’ के अलावा कुछ आता है?अब व्यापारियों को तंग करने का प्लान

चंडीगढ़: सिटी ब्यूटीफुल के नाम से विख्यात चंडीगढ़ में अगर आप हैं तो आप ‘जुर्माने’ की चपेट में कभी भी आ सकते हैं|ऐसा हम नहीं कह रहे हैं ये एक नियम है यहां का…आयेदिन यहां तरह-तरह के नए-नए कानून बनते रहते हैं जिनको निभाने में अगर आप चूक गए तो समझ लो कि जुर्माना ने आपको घेर लिया|वहीँ, अब चंडीगढ़ प्रशाशन व्यापारियों पर भी डंडा करने के मूड में नजर आ रहा है|

वित्त सचिव ने की टैक्सेसन विभाग के साथ बैठक…….

चंडीगढ़ प्रशासन के वित्त सचिव ने बीते मंगलवार को टैक्सेसन विभाग के साथ एक बैठक की|इस बैठक में टैक्सेसन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया|बैठक जीएसटी बिल पर जोर देने के लिए बुलाई गई थी|बैठक में वित्त सचिव ने कहा कि दुकानदार ग्राहकों को जीएसटी बिल बनाकर दें|वित्त सचिव ने कहा कि दुकानदार ऐसा कर रहे हैं या नहीं इस पर टैक्सेसन विभाग की नजर होनी चाहिए|हमारा लक्ष्य जीएसटी कलेक्शन में 10 परसेंट की बढ़ोतरी है|

चंडीगढ़ व्यपारी नेता व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कैलाश चन्द जैन ने कही ये बात ……

उधर, इस संबंध में चंडीगढ़ व्यपारी नेता व भाजपा प्रदेश प्रवक्ता कैलाश चन्द जैन का कहना है कि
चंडीगढ़ के व्यपारी पहले से ही बड़ी जिम्मेदारी से बिल काटते हैं और जीएसटी भरते हैं|यही वजह है कि चंडीगढ़ जीएसटी के मामले नंबर वन पर आया है|चंडीगढ़ के इस मामले में नंबर वन आने पर चंडीगढ़ के व्यापारियों का खासा योगदान है जिसे चंडीगढ़ प्रशाशन न भूले|

व्यापारियों के योगदान के बाद भी उनपर डंडा…….

कैलाश चन्द जैन ने कहा कि, चंडीगढ़ के व्यापारियों की वजह से चंडीगढ़ GST के मामले में नंबर वन आया और प्रशाशन फिर भी उन पर 10 परसेंट की बढ़ोतरी का लक्ष्य थोपना चाहती है|यह कतई जायज नहीं है|जब एक व्यापरी पहले से ही ईमानदारी से GST का पालन कर रहा है तो फिर 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का डंडा क्यो?

10% अधिक टैक्स कलेक्शन का टारगेट फिक्स करना गलत…..

चंडीगढ़ प्रशाशन को 10% अधिक टैक्स कलेक्शन का टारगेट फिक्स नहीं करना चाहिए क्योंकि टारगेट फिक्स के चलते टैक्स विभाग के कर्मचारी व्यपारियो को तंग करेंगे|ऐसा इसलिए टैक्स विभाग के कर्मचारियों को अपना टारगेट पूरा करना होगा और जिसके लिए वह कुछ भी करेंगे|हम यह मानते हैं कि टैक्स वसूली में बढ़ोतरी होनी चाहिए|लेकिन इस प्रकार से नहीं ….यह सरासर गलत है।

व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों की चुप्पी?

इस बैठक में शामिल होने वाले व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों इस बात को उठाना चाहिए था कि जब हम पहले से ही टैक्स पे करने में अव्वल है तो हमारे ऊपर यह जबरदस्ती की 10 परसेंट इंक्रीज वाली कंडीशन क्यो लगाई जा रही है|व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों को प्रशाशन की भाषा नहीं बोलनी चाहिए ब्लकि व्यापारियों के हित की भाषा बोलनी चाहिए।

कैलाश जैन का यह भी कहना है कि प्रशाशन ने अगर 10% बढोतरी का टारगेट फिक्स करना ही है तो व्यपारियो को छूट दे देनी चाहिये कि पिछले टैक्स से 10% ज्यादा टैक्स जमा करवाने वाले  दुकानदार को कोई टैक्स कर्मचारी तंग नही करेगा।

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