Home » पंजाब » कैप्टन ने कोविड टेस्टिंग घौटालों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का किया ऐलान

कैप्टन ने कोविड टेस्टिंग घौटालों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम का किया ऐलान

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज तुली लैब के कोविड टेस्टिंग के कथित घौटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) का ऐलान किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्राईवेट अस्पतालों और लैबोरेटरियों को अनिर्धारित संकट के साथ जूझ रही मानवता से मुनाफाखोरी के द्वारा हाथ रंगने की हरगिज इजाजत नहीं देगी।

‘कैप्टन से सवाल’ प्रोग्राम की अगली लड़ी के अंतर्गत फेसबुक लाईव के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उनको तुली लैब के खिलाफ एक शिकायत प्राप्त हुई थी और उन्होंने विजीलैंस ब्यूरो को जांच करने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि प्राथमिक जांच में पता चला कि इसमें किसी भी सरकारी विभाग या अधिकारियों की सम्मिलन नहीं है और केस पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम की कमान अमृतसर के पुलिस कमिश्नर को सौंपी गई है जो खुद एक डॉक्टर हैं और उनके साथ सिविल सर्जन को टीम मैंबर के तौर पर शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि एस.आई.टी. विस्तृत जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट जल्द सौंपेगी जिससे उचित कार्यवाही की जा सके।

इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अकाली नेता बिक्रम मजीठिया द्वारा जांच पुलिस के हाथों में सौंपने के साधारण न्यायिक फैसले का सियासीकरण किये जाने की कोशिशों पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि विजीलैंस ब्यूरो को शुरुआत में इस मामले में किसी भी सरकारी विभाग या कर्मचारी की सम्मिलन नहीं मिली और तुली लैब ने खुद अदालत में जाकर विजीलैंस ब्यूरो के अधिकार क्षेत्र को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह मामला पंजाब पुलिस के हवाले करने का फैसला लिया जिसके बाद कोई कानूनी अड़चन पैदा न होने को यकीनी बनाया जा सके।

कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि मजीठिया को इस तरह का निरार्थक मुद्दा उठाने और पंजाब पुलिस का आत्मविश्वास कमजोर करने की जगह अपना समय और शक्ति बरगाड़ी और अन्य बेअदबी मामलों और बाद की पुलिस गोलीबारी की घटनाओं में पुलिस जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सी.बी.आई) के दखल को रोकने के लिए अकालियों के दिल्ली के राजनैतिक आकाओं पर दबाव बनाने पर लगाना चाहिए।

इसी दौरान कैप्टन से सवाल प्रोग्राम के दौरान पूछे एक सवाल कि सुखदेव सिंह ढींढसा द्वारा हाल ही में शिरोमणि अकाली दल के बनाने के

पीछे क्या कांग्रेस का कोई हाथ तो नहीं, के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली पार्टी में क्या घटता है ‘इससे हमारा कोई सम्बन्ध नहीं है।

उन्होंने व्यंग्य कसते हुए कहा, ‘‘वह लड़ते रहे हैं।. .. इतिहास बताता है कि वह बाँटे जाते रहे हैं। इसमें कुछ भी नया नहीं। एक समय सात अकाली दल थे। अकाली पार्टी रबरबैंड जैसी है – जो पसरती और सिकुड़ती है। उन्होंने आगे कहा कि ऐसी घटनाएँ इस पार्टी का आम व्यवहार हैं। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, ‘‘यदि ढींढसा सारी उम्र अकाली दल का हिस्सा रहकर उनके साथ नहीं रह सका, इस सम्बन्धी कोई क्या कह सकता है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की खूबसूरती है कि कोई किसी भी समय किसी भी पार्टी के साथ जुड़ सकता है।

यह कहते हुए कि वह सभी राजनैतिक पार्टियों का स्वागत करते हैं जो राजनीति की गाड़ी पर सवार होना चाहती हैं, मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ऐसी किसी भी पार्टी के खिलाफ हैं जिसकी मुख्य मंशा राज्य की शान्ति को भंग करना है।

Check Also

अब पंजाब में प्रतिदिन होंगे 20 हजार कोरोना टेस्ट

अब पंजाब में प्रतिदिन होंगे 20 हजार कोरोना टेस्ट

पंजाब जैव प्रौद्योगिकी इनक्यूबेटर में कोरोना लैब का उद्घाटन एसएएस नगर। कोरोना के मामलों में …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share
See our YouTube Channel