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हरियााण में स्थापित होगा भ्रष्टाचार विरोधी प्रकोष्ठ : सीएम

विभागों में छापे मारने वाली टीम का किया जाएगा गठन

छापे की रिकार्डिंग के लिए दिए जाएंगे कैमरे

पंचकूला। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार लगाम लगाने की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उनमूलन दिवस पर आज एक राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर उहोंने मुख्यमंत्री कार्यालय में शीघ्र ही एक अलग से भ्रष्टाचार विरोधी प्रकोष्ठ स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही विभागों में छापा मारने वाली टामों के सभी सदस्यों के लिए शरीर कैमरा अनिवार्य किया जाएगा।

पंचकूला के सैक्टर-1 स्थित लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह में आयोजित इस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य में जो भी छापा, चाहे वह पुलिस विभाग, आबकारी एवं कराधान विभाग, खनन विभाग और परिवहन विभाग या किसी भी विभाग का, किसी भी परिसर चाहे वह सरकारी हो या प्राईवेट प्रोपर्टी दुकान, घर या सडक़ पर मारा जाएगा, उस दौरान हर सदस्य को बॉडी कैमरा अनिवार्य रूप से आन रखना होगा।

मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय तक पंहुचाने के लिये जनता के लिये वट्सअप नंबर 9417891064 सार्वजनिक किया। साथ ही उन्होंने हैल्पलाईन नंबर 1064 तथा टोल फ्री नम्बर 18001802022 भी जारी किया। मुख्यमंत्री के ट्विटर हैंडल पर भी सीधा संदेश भेजा जा सकता है। किसी भी नागरिक द्वारा भ्रष्टाचार उजागर करती हुई कोई भी ऑडियो या विडियो क्लिप भेजी जाएगी तो उसकी भ्रष्टाचार निरोधक प्रकोष्ठ द्वारा तुरंत जांच की जाएगी। यदि शिकायत सही निकलती है तो शिकायतकर्ता को पुरस्कार और शिकायत निदान की जानकारी भी उसको मुख्यमंत्री कार्यालय से भेजी जाएगी।

पिछले पांच वर्षों ने भ्रष्टाचार पर अकुंश लगाने के लिये उठाये गये कदमों के बारे जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 दिसंबर, 2014 में सुशासन दिवस के अवसर पर सर्वप्रथम उन्होंने तहसीलों में भ्रष्टाचार खत्म करने लिये ई-स्टेंपिंग व ई-रजिस्ट्री की शुरूआत की थी। इसी प्रकार, उन्होंने भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) तथा लाईसेंस की शक्तियां भी 1 नंवबर, 2016 को निर्देशक नगर एवं ग्राम आयोजन विभाग के निदेशक को लौटा दी थी, जो पिछले 25 वर्षों से मुख्यमंत्री कार्यालय ने गैर-कानूनी रूप से ले रखी थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष से सरकारी कर्मचारियों से सीधा आईएएस बनने के लिये केंद्रीय लोक सेवा आयोग को प्रदेश की ओर से भेजे जाने वाले नामों के लिये भी देश में पहली बार हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से कर्मचारियों की लिखित परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा और मैरिट वाले उम्मीदवारों के नाम भेजे जायेंगे। इसी प्रकार अध्यापक स्थानांतरण नीति भी एक भ्रष्टाचार का बड़ा माध्यम बन गई थी, उसको भी उन्होंने ऑन लाईन कर खत्म किया है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभाग हर उस पद के लिए जिसकी स्वीकृति संख्या 500 से अधिक है, वे 31 मार्च तक ऑनलाइन स्थानांतरण नीति बना लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इज ऑफ डूईंग बिजनेस के मामले में हरियाणा वर्ष 2014 में 14वें नंबर पर था तो आज देश में तीसरे स्थान पर है।

किसानों के खाते में डाली गए 3400 करोड़ : मुख्य सचिव

हरियाणा के मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सोच के अनुरूप ही आज हम अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार उन्मूलन दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में उपस्थित हुए है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप ही ऑन लाईन सेवायें प्रदान कर भ्रष्टाचार में कमी आई है। आज 38 विभागों की 234 अंत्योदय तथा 6 हजार से अधिक अटल सेवा केंद्र के माध्यम से ई-सेवायें उपलब्ध हो रही है। मेरी फसल मेरा बीमा योजना के तहत 3400 करोड़ रुपये की राशि किसानों के खाते में डाली गई है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भी ई-सिस्टम लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि आज के इस कार्यक्रम के लिये भी मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव श्री नितिन यादव व पुलिस अतिरिक्त महानिदेशक श्री ओ.पी. सिंह व उनकी टीम बधाई की पात्र है, जिन्होंने दो दिन की अवधि में ही इस कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है।

सरकारी पद का दुप्रयोग भी अपराध की श्रेणी में : के.पी. सिंह

हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो के महानिदेशक डॉ. के.पी.सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम में अगस्त 2018 में संशोधन के बाद रिश्वत देने को भी अपराध माना गया है। सरकारी पद का दुप्रयोग भी अपराध की श्रेणी में है। जांच एजेंसी को लालच देना भी अपराध है। उन्होंने बताया कि रिश्वत देने वाला अगर सात दिन के अंदर अंदर जांच एजेंसी को बताता है कि उसने उक्त कार्यालय में उक्त अधिकारी व कर्मचारी को रिश्वत दी है तो वह अपराध की श्रेणी में शामिल नहीं है। हरियाणा राज्य प्रशासनिक सुधार के चेयरमैन प्रो. प्रमोद कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। पंचकूला के उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।

मुख्यमंत्री ने किया प्रदर्शनी का अवलोकन

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भ्रष्टाचार उन्मूलन के खिलाफ अब तक के चलाये गये अभियान की लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया तथा एक साईकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया। इस रैली में लगभग 150 स्कूली विद्यार्थी थे जो पंचकूला के विभिन्न प्रमुख चैराहों पर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का संदेश लोगों तक पंहुचायेंगे। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लडऩे के लिये अभियान में शामिल होने के लिये लगाये गये शपथ पट्ट पर हस्ताक्षर भी किये।

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